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UP TET Syllabus 2025–26 In Hindi

उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा बोर्ड प्राथमिक विद्यालय और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों की भर्ती के लिए हर साल यूपी टीईटी परीक्षा का आयोजन किया जाता है, और आयोग द्वारा जल्द ही UPTET Exam 2025 के लिए ऑनलाइन फॉर्म जारी किया जाएगा और UP TET Exam 2025 का आयोजन जनवरी 2026 में किया जाएगा।

UPTET परीक्षा के अंतर्गत दो प्रश्नपत्रों का आयोजन किया जाता है। प्रथम प्रश्नपत्र उन अभ्यर्थियों के लिए निर्धारित है, जो कक्षा 1 से 5 तक के विद्यालयों में अध्यापक बनने की अभिलाषा रखते हैं। वहीं द्वितीय प्रश्नपत्र उन अभ्यर्थियों के लिए आयोजित किया जाता है, जो कक्षा 6 से 8 तक के विद्यालयों में अध्यापन करना चाहते हैं।

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ऐसे में हम इस लेख के माध्यम से आपको UP TET Syllabus In Hindi और UPTET Exam Pattern से संबंधित समस्त जानकारी विस्तृत रूप से प्रदान कर रहे हैं, जिससे अभ्यर्थी परीक्षा की तैयारी एक सही दिशा में कर सकें और निर्धारित UPTET Cut Off अंक प्राप्त कर सफलता सुनिश्चित कर सकें।

UPTET भर्ती का संक्षिप्त विवरण

  1. UPTET परीक्षा आयोजक : उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा बोर्ड (यूपीबीईबी)
  2. परीक्षा का नाम : उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा
  3. परीक्षा का स्तर : राज्यस्तरीय परीक्षा
  4. आवेदन का मोड : ऑनलाइन
  5. परीक्षा का मोड : ऑफलाइन
  6. आवेदन शुरू होने की तिथि: अगस्त/सितंबर 2025
  7. परीक्षा तिथि: 29 & 30 जनवरी 2026
  8. श्रेणी : Goverment Exam Syllabus
  9. परीक्षा का उद्देश्य : योग्यता प्रमाण पत्र प्रदान करना
  10. आधिकारिक वेबसाइट : updeled.gov.in

UPTET Exam Pattern 2026

उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा में बैठने से पहले आपको UPTET Exam Pattern के बारे में जानना बेहद ही जरुरी है, नीचे हमें इसके परीक्षा पैटर्न की पूरी जानकारी विस्तार से दी है-

  1. यूपी टीईटी की परीक्षा के सभी प्रश्न वस्तुनिष्ठ (Objective) प्रकार के होंगे तथा प्रत्येक प्रश्न के लिए 1 नंबर निर्धारित होगा।
  2. इस परीक्षा में किसी भी प्रकार की नेगेटिव मार्किंग नहीं होगी।
  3. प्रथम प्रश्न पत्र ऐसे व्यक्ति के लिए होगा जो 1 से 5 तक के लिए शिक्षक बनना चाहते हैं।
  4. द्वितीय प्रश्न पत्र ऐसे व्यक्ति के लिए होगा जो 6 से 8 तक के लिए शिक्षक बनना चाहते हैं।
  5. जो व्यक्ति 1 से 5 और 6 से 8 दोनों के शिक्षक बनना चाहते हैं उन्हें दोनों पेपरों में शामिल होना पड़ेगा।
  6. दोनों प्रश्नपत्रों की परीक्षा की अवधि 2:30 घंटे की होगी तथा प्रश्नो की संख्या 150 होगी।

UP TET Paper-1 Exam Pattern

विषयप्रश्नों की संख्याअंक
बाल विकास3030
भाषा प्रथम- हिंदी3030
भाषा द्वितीय- अंग्रेजी/ उर्दू/ संस्कृत3030
गणित3030
पर्यावरण अध्यन3030
कुल150150

UP TET Paper 2 Exam Pattern

विषयप्रश्नों की संख्याअंक
बाल विकास3030
भाषा प्रथम- हिंदी3030
भाषा द्वितीय- अंग्रेजी/ उर्दू/ संस्कृत3030
गणित & विज्ञान & सामाजिक विज्ञान6060
कुल150150

UPTET Syllabus 2026

UP TET परीक्षा को उत्तीर्ण करने के लिए अभ्यर्थियों को UPTET Syllabus एवं Exam Pattern की स्पष्ट जानकारी होनी चाहिए, जिससे वे एक प्रभावी तैयारी रणनीति बना सकें और सफलतापूर्वक UPTET प्रमाणपत्र प्राप्त कर सकें।

यह परीक्षा पेपर-पेन आधारित (ऑफलाइन मोड) में आयोजित की जाती है तथा उत्तर प्रदेश के विभिन्न विद्यालयों में प्राथमिक (कक्षा 1–5) एवं उच्च प्राथमिक (कक्षा 6–8) स्तर के शिक्षक पदों हेतु मान्यता प्रदान करती है। नवीनतम घोषणा के अनुसार, जो शिक्षक प्रशिक्षण अवधि में हैं, वे अब टीईटी परीक्षा में बैठ सकते हैं.

UP TET Syllabus 2026 प्राथमिक स्तर (1 से 5 तक)

विषयटॉपिक्स
बाल विकास और शिक्षाशास्त्रविकास की अवधारणा और सीखने के साथ इसका संबंध, समावेशी शिक्षा की अवधारणा, सीखना और शिक्षाशास्त्र, विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को समझना
भाषा- I (हिंदी) (अनिवार्य)अपठित अनुच्छेद, हिंदी वर्णमाला (स्वर, व्यंजन), वर्णों के मेल से मात्रिक तथा अमात्रिक शब्दों की पहचान, वाक्य रचना, हिंदी की सभी ध्वनियों के पारस्परिक अंतर की जानकारी, हिंदी भाषा की सभी ध्वनियों, वर्णों अनुस्वार एव चन्द्रबिंदु में अंतर, संयुक्ताक्षर एवं अनुनासिक ध्वनियों के प्रयोग से बने शब्द, विराम चिह्नों यथा – अल्प विराम, अर्द्धविराम, पूर्णविराम, प्रश्नवाचक, विस्मयबोधक, चिह्नों का प्रयोग, विलोम, समानार्थी, तुकान्त, अतुकान्त, सामान, ध्वनियों वाले शब्द, वचन, लिंग एव काल, प्रत्यय, उपसर्ग, तत्सम तद्भव व देशज, शब्दों की पहचान एव उनमें अंतर, लोकोक्तियाँ एव मुहावरों के अर्थ, सन्धि – (1) स्वर सन्धि – दीर्घ सन्धि, गुण सन्धि, वृद्धि सन्धि, यण सन्धि, अयादि सन्धि (2) व्यंजन सन्धि (3) विसर्ग सन्धि, वाच्य, समान एव अंलकार के भेद, कवियों एव लेखकों की रचनाएँ, सभी प्रकार की मात्राएँ, आदि।
हिंदी पेडागोजी – अधिगम और अर्जन, भाषा अध्यापन के सिद्धांत, सुनने और बोलने की भूमिका: भाषा का कार्य तथा बालक इसे किस प्रकार एक उपकरण के रूप में प्रयोग करते है, मौखिक और लिखित रूप में विचारों के संप्रेषण के लिए किसी भाषा के अधिगम में व्याकरण की भूमिका पर निर्णायक संदर्श, एक भिंन कक्षा में भाषा पढाने की चुनौतियाँ भाषा की कठिनाइयाँ त्रुटिया और विकार, भाषा कौशल, भाषा बोधगम्यता और प्रवीणता का मुल्यांकन करना: बोलना, सुनना, पढना, लिखना, अध्यापन – अधिगम सामग्रियां: पाठ्यपुस्तक, मल्टी मीडिया सामग्री, कक्षा का बहुभाषायी संसाधन, उपचारात्मक अध्यापन
गणितसंख्याओं का जोड़, घटाव, गुणा और भाग, एलसीएम और एचसीएफ, भिन्न और दशमलव संख्याओं का जोड़, घटाव, गुणा और भाग, एकात्मक विधि, प्रतिशत, लाभ हानि, साधारण ब्याज, ज्यामिति, आकार और प्रिज्म, क्षेत्रमिति।

गणित शिक्षाशास्त्र: गणित की प्रकृति, अवधारणा और कार्य रणनीतियाँ, पाठ्यक्रम में गणित का स्थान, गणित की भाषा, गणित का समुदाय, गणित शिक्षण की समस्याएं, त्रुटियाँ, गणित शिक्षण का उपचारात्मक और निदान
पर्यावरण अध्ययनपरिवार, भोजन, स्वास्थ्य और स्वच्छता, आश्रय, वनस्पति और जीव, हमारा पर्यावरण, स्थानीय व्यवसाय और व्यवसाय, परिवहन और संचार, खेल, भारत और राज्य, नदी, पहाड़, वन, पठार, महासागर, संविधान, पंचायत, प्रशाशन, राज्य की प्रशासनिक प्रणाली: प्रबंधकीय, न्यायिक, कार्यकारी, राष्ट्रीय त्योहार, प्रतीक, मतदान प्रणाली, राष्ट्रीय एकता, महत्व, और उपयोगिता, पर्यावरण संरक्षण, पर्यावरण के प्रति समाज के कर्तव्य, पर्यावरण संरक्षण के लिए नियोजित योजनाएं।

पर्यावरण पेडागोजी: पर्यावरण अध्ययन की अवधारणा और कार्यक्षेत्र, पर्यावरण अध्ययन और एकीकृत पर्यावरण अध्ययन का महत्व, पर्यावरण अध्ययन और पर्यावरण शिक्षा, विज्ञान या सामाजिक विज्ञान की अवधारणा और उनका संबंध, सीखने के सिद्धांत, ईवीएस में दृष्टिकोणों की अवधारणा, परियोजना और व्यावहारिक कार्य, विचार – विमर्श, ईवीएस शिक्षण में समस्या

UP TET Syllabus उच्च प्राथमिक स्तर (6 से 8 तक)

विषयटॉपिक
बाल विकास और शिक्षाशास्त्रबाल विकास और शिक्षण, शिक्षण और शिक्षण के तरीके, सीखने का अर्थ और सिद्धांत, समावेशी शिक्षा – मार्गदर्शन और परामर्श, अध्ययन और शिक्षण
भाषा- I (हिंदी) (अनिवार्य)अपठित अनुच्छेद, संज्ञा एवं संज्ञा के भेद, सर्वनाम एवं सर्वनाम के भेद, विशेषण एवं विशेषण के भेद, क्रिया एवं क्रिया के भेद, वाच्य – कर्तवाच्य, कर्मवाच्य, भाववाच्य हिन्दी भाषा की समस्त ध्वनियों, संयुक्ताक्षरों, संयुक्त व्यंजनो, एवं अनुस्वार एवं चन्द्रबिन्दु में अन्तर, वर्णक्रम, पर्यायवाची, विपरीतार्थक, अनेकार्थक, समानार्थी शब्द , अव्यय के भेद, अनुस्वार, अनुनासिक का प्रयोग, “र” के विभिन्न रूपों का प्रयोग, वाक्य निर्माण (सरल, संयुक्त एवं मिश्रित वाक्य), विराम चिह्नों की पहचान एवं उपयोग, वचन, लिंग एवं काल का प्रयोग, तत्सम, तद्भव, देशज एवं विदेशी शब्द , उपसर्ग एवं प्रत्यय, शब्द युग्म, समास, समास विग्रह एवं समास के भेद, मुहावरे एवं लोकोक्तियाँ, क्रिया सकर्मक एवं अकर्मक, सन्धि एवं सन्धि के भेद, (स्वर, व्यंजन एवं विसर्ग सन्धियाँ), अलंकार (अनुप्रास, यमक, श्लेष, उपमा, रूपक, उत्प्रेक्षा, अतिशयोक्ति)
भाषा विकास का अध्यापन
भाषा- II (अंग्रेजी/उर्दू/संस्कृत)अदृश्य मार्ग, संज्ञा और उसके प्रकार, सर्वनाम और उसके प्रकार, क्रिया और उसके प्रकार, विशेषण और उसके प्रकार और डिग्री, क्रिया विशेषण और उसके प्रकार, पूर्वसर्ग और उसके प्रकार, संयोजन और उसके प्रकार, प्रतिच्छेदन, एकवचन और बहुवचन, विषय और विधेय, नकारात्मक और प्रश्नवाचक वाक्य, मर्दाना और स्त्रीलिंग, विराम चिह्न, मूल शब्दों के साथ प्रत्यय, वाक्यांश क्रिया, किसी का उपयोग, कोई नहीं, कोई भी, भाषण का हिस्सा, कथन, सक्रिय आवाज और निष्क्रिय आवाज, विलोम और समानार्थी, होमोफोन का उपयोग, का उपयोग वाक्यों में अनुरोध, शब्दों में मौन पत्र।
गणितसंख्या प्रणाली और सरलीकरण, प्रतिशत और अनुपात, रेखीय समीकरण, साधारण ब्याज, चक्रवृद्धि ब्याज, बैंकिंग, आंकड़े, पाई चार्ट, समय, कार्य, गति और दूरी, बीजगणित और क्षेत्रमिति, ज्यामिति, ज्यामिति, औसत, लाभ-हानि, गणित की शिक्षाशास्त्र
विज्ञानविज्ञान, मानव विज्ञान और प्रौद्योगिकी, फाइबर और कपड़ा, जीवित और निर्जीव चीजें, पशु संरचना और कार्य, सूक्ष्मजीव, मानव शरीर, वयस्कता, भोजन, स्वास्थ्य, स्वच्छता, रोग, कृषि, जानवरों, पौधों में पोषण, में दैनिक चीज, मापन, विद्युत धारा, चुंबक, गति और शक्ति, ऊर्जा, कंप्यूटर, ध्वनि, प्रकाश, वायु, जल, उत्पाद, पर्यावरण, अम्ल, क्षार, ऊष्मा और तापमान, मानव निर्मित चीजें, धातु और अधातु, कार्बन और उसका यौगिक , ऊर्जा के स्रोत और विज्ञान का शिक्षाशास्त्र
सामाजिक अध्ययनइतिहास, नागरिकशास्र, भूगोल, पर्यावरण विज्ञान, गृह विज्ञान, शारीरिक शिक्षा और खेल, संगीत, बागवानी और फलों का संरक्षण, सामाजिक अध्ययन शिक्षाशास्त्र

UPTET Syllabus PDF Download

इसके सिलेबस में बाल विकास और शिक्षण पद्धति, भाषा 1 और 2, गणित, पर्यावरण अध्ययन, विज्ञान और सामाजिक अध्ययन शामिल हैं, इस पीडीएफ की मदद से आपको परीक्षा के सिलेबस के अलावा भी परीक्षा से जुड़ी और भी कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त होंगी, नीचे हम आपको यूपी टीईटी के लिए विस्तृत विषय-वार सिलेबस पीडीएफ को प्रदान कर रहे हैं।

यूपीटीईटी प्रमाणपत्र की वैधता

उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) की वैधता अवधि अब जीवन भर के लिए कर दी गई है। उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस निर्णय को स्वीकृति प्रदान की है।

पूर्व में, UP TET प्रमाणपत्र की मान्यता केवल 5 वर्ष तक ही सीमित थी। परंतु अब, इस नई व्यवस्था के तहत एक बार परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद प्रमाणपत्र जीवनपर्यंत मान्य रहेगा

यह निर्णय राज्य के लाखों अभ्यर्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण और राहतपूर्ण कदम है, जो उन्हें बार‑बार परीक्षा देने की बाध्यता से मुक्त करेगा।

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कुछ महत्वपूर्ण प्रश्न

क्या यूपी टीईटी परीक्षा नेगेटिव मार्किंग होती है?

नही, इस परीक्षा में अभी तक कोई नकारात्मक अंकन नहीं है।

यूपी टीईटी परीक्षा का पेपर किन-किन भाषाओं में होगा?

इस परीक्षा का पेपर हिंदी और अंग्रेजी दो भाषाओं में होगा। अभ्यर्थी अपने सुविधानुसार पेपर मोड का चयन कर सकते हैं।

UPTET Exam 2026 में कुल कितने विषय हैं?

पेपर 1 में बाल विकास और शिक्षाशास्त्र, भाषा 1 (हिंदी), भाषा 2 (अंग्रेजी / उर्दू / संस्कृत), गणित और पर्यावरण अध्ययन के लिए पांच विषय हैं।
पेपर 2 में बाल विकास शिक्षाशास्त्र, भाषा 1 (हिंदी), भाषा 2 (अंग्रेजी / उर्दू / संस्कृत) और गणित / विज्ञान या सामाजिक विज्ञान / सामाजिक अध्ययन शामिल हैं।

यूपी टीईटी परीक्षा के लिए समय अवधि क्या है?

यूपी टीईटी परीक्षा के लिए 2.30 घंटे (150 मिनट) का समय मिलता है।

UP TET Syllabus PDF Download कैसे करें?

UPTET Syllabus PDF को आप UP TET की आधिकारिक वेबसाइट या इस पोस्ट में दिए लिंक के माध्यम से डाउनलोड कर सकते हैं।

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