UPTET Exam 2022 : (बाल विकास) संज्ञान एवं संवेग पर आधारित 15 महत्वपूर्ण प्रश्न

UPTET Exam 2021/22 : Cognition And Emotion Based 15 Questions : उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा 28 नवंबर को आयोजित होने वाली थी लेकिन पेपर लीक होने के कारण परीक्षा को रद्द कर दिया गया। अब इसकी परीक्षा 23 जनवरी को राज्य के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जाएगी, इसके लिए एडमिट कार्ड भी जारी हो चुका है।

ऐसे में इस लेख में आज हम संज्ञान एवं संवेग पर आधारित कुछ संभावित प्रश्न आपके सामने ला रहे हैं जो UPTET परीक्षा में पूछे जा सकते हैं। ऐसे में यदि आप UPTET परीक्षा में शामिल होने वाले हैं तो नीचे दिए गए इन प्रश्नों को जरूर पढ़ लें।

UPTET Exam 2021/22 : Cognition And Emotion Based 15 Questions
UPTET Exam 2021/22 : Cognition And Emotion Based 15 Questions

UPTET Exam 2021/22 : Cognition And Emotion Based 15 Questions

प्रश्न : एक शिक्षिका का भावनात्मक बुद्धिलब्धांक ऊँचा है। इसका तात्पर्य है कि

  • वह उच्च बुद्धि वाली है।
  • वह उच्च अनुशासनप्रिय है।
  • वह हास-परिहास वाली है।
  • वह सन्तुलित व्यवहार वाली है।

उत्तर : 4

प्रश्न : बच्चे के संज्ञानात्मक विकास हेतु उत्तम स्थान है

  • खेल का मैदान
  • सभागार
  • घर
  • विद्यालय एवं कक्षा का वातावरण

उत्तर : 4

प्रश्न : संवेगात्मक विकास को प्रभावित करने वाले कारक है

  • शारीरिक स्वास्थ्य
  • मानसिक योग्यता
  • थकान
  • ये सभी

उत्तर : 4

प्रश्न : निम्नलिखित में से कौन-सा कौशल भावात्मक बुद्धि से सम्बद्ध नहीं है?

  • भावनाओं की आलोचना
  • कक्षा सहपाठियों के साथ मैत्रीपूर्ण व्यवहार
  • भावनाओं के प्रति जागरूकता
  • भावनाओं का प्रबन्धन

उत्तर : 1

प्रश्न : वह कौन-सा स्थान है जहाँ बच्चे के ‘संज्ञानात्मक’ विकास को सबसे बेहतर तरीके से परिभाषित किया जा सकता है?

  • विद्यालय एवं कक्षा पर्यावरण
  • सभागार
  • घर
  • खेल का मैदान

उत्तर : 1

प्रश्न : सी.बी.एस.ई. शिक्षार्थियों के लिए व्यक्तिगत गतिविधियों के स्थान पर सामूहिक गतिविधियों की संस्तुति करती है। ऐसा करने के पीछे विचार हो सकता है

  • प्रत्येक शिक्षार्थी के स्थान पर समूह में अवलोकन द्वारा शिक्षक के कार्य को सरल बनाने के लिए
  • विद्यालयों के पास उपलब्ध समय को प्रासंगिक बनाना जबकि उनमें से अधिकांश के पास व्यक्तिगत गतिविधियों के लिए पर्याप्त समय नहीं होता।
  • गतिविधि की ढाँचागत लागत को कम करना।
  • व्यक्तिगत प्रतिस्पर्धा के प्रति नकारात्मक संवेगात्मक प्रतिक्रियाओं से उबारना जो सम्पूर्ण अधिगम पर सामान्यीकृत हो सकती है।

उत्तर : 4

प्रश्न : संज्ञानात्मक प्रशिक्षुता तथा शैक्षिक संवाद

  • अधिगम को एक सामाजिक गतिविधि के रूप में ग्रहण करते हैं
  • आगमनात्मक तार्किकता के अनुप्रयोग पर आधारित है
  • पाठ्यसामग्री के सुव्यवस्थित संगठन पर बल देते हैं
  • कुशलता की प्राप्ति हेतु व्यावहारिक प्रशिक्षण की आवश्यकता पर बल देते हैं

उत्तर : 1

प्रश्न : निम्न में से कौन-सा कौशल संवेगात्मक बुद्धि से सम्बन्धित है?

  • विचार करना
  • गतिक प्रक्रमण
  • समानुभूति देना
  • याद करना

उत्तर : 3

प्रश्न : निम्नलिखित में से कौन-सा सत्य है?

  • शिक्षक द्वारा प्रश्न पूछना संज्ञानात्मक विकास में बाधक है।
  • विकास और सीखना समाज-सांस्कृतिक सन्दर्भों से अप्रभावित रहते हैं।
  • शिक्षार्थी एक निश्चित तरीके से सीखते हैं।
  • खेलना संज्ञान और सामाजिक दक्षता के लिए सार्थक है।

उत्तर : 4

प्रश्न : निम्नलिखित में से कौन-सा कौशल भावात्मक बुद्धि से सम्बद्ध नहीं है?

  • भावनाओं के प्रति जागरूकता
  • भावनाओं का प्रबन्धन
  • भावनाओं की आलोचना
  • कक्षा सहपाठियों के साथ मैत्रीपूर्ण व्यवहार

उत्तर : 3

प्रश्न : पियाजे के सिद्धान्त के अनुसार, निम्नलिखित में से कौन-सा व्यक्ति के संज्ञानात्मक विकास को प्रभावित नहीं करेगा?

  • भाषा
  • सामाजिक अनुभव
  • परिपक्वन
  • क्रियाकलाप

उत्तर : 1

प्रश्न : भावनाओं, अधिगम और अभिप्रेरणा के सन्दर्भ में निम्नलिखित में से किस कथन से आप सहमत है?

  • सीखने के लिए भावनाओं को अलग रख देना चाहिए।
  • प्रेरणा और सीखने के साथ भावनाएँ घनिष्ठ रूप से जुड़ी हैं।
  • सीखने के लिए अभिप्रेरित करने में भावनाओं की कोई भूमिका नहीं होती।
  • कुछ नया सीखना इस पर निर्भर करता है कि उसमें हम कितने निपुण हैं।

उत्तर : 2

प्रश्न : ‘संवेग व्यक्ति की उत्तेजित दशा है’ यह कथन निम्नांकित में से किसका है?

  • पियाजे
  • वुडवर्थ
  • वैलेन्टाइन
  • रॉस

उत्तर : 2

प्रश्न : प्राथमिक विद्यालय के बच्चे उस वातावरण में सबसे प्रभावी ढंग से सीखेंगे

  • जहाँ उनकी संवेगात्मक आवश्यकताओं की पूर्ति होती है और वे अनुभव करते हैं कि वे महत्त्वपूर्ण हैं
  • जहाँ शिक्षक एकाधिकारवादी है और स्पष्ट आदेश देता है कि क्या किया जाना चाहिए
  • जहाँ मूलरूप से पढ़ने, लिखने और गणित की संज्ञानात्मक कुशलताओं पर ही ध्यान का केन्द्र होता है और बल दिया जाता है
  • जहाँ शिक्षक सारे अधिगमों में आगे होता है और विद्यार्थियों से निष्क्रिय रहने की अपेक्षा करता है

उत्तर : 1

प्रश्न : बच्चों में संवेगात्मक समायोजन प्रभावी होता है

  • व्यक्तित्व निर्माण
  • कक्षा शिक्षण में
  • अनुशासन में
  • उपरोक्त सभी

उत्तर : ??

उत्तर : ?

इस प्रश्न का सही उत्तर क्या होगा? हमें अपना जवाब कमेंट सेक्शन में जरूर दें।

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