UPTET/CTET हिंदी भाषा प्रैक्टिस सेट 66 : परीक्षा में पूछे गए विगत वर्षों के इन 30 महत्वपूर्ण प्रश्नों का करें अध्ययन

UPTET/CTET Hindi Language Practice Set 66 : CTET की परीक्षा प्रारंभ हो चुकी है जो कि 13 जनवरी तक चलने वाली है। जिसके लिए अभ्यार्थी कई महीनों से अपनी तैयारियों में लगे हुए हैं और इसकी परीक्षा ऑनलाईन माध्यम द्वारा कराई जा रही है। UPTET की परीक्षा 23 जनवरी 2022 को आयोजित कराई जाएगी। फ़िलहाल तैयारी का अंतिम समय चल रहा है। सभी अभ्यर्थी अपनी तैयारी बहुत ही तेजी से कर रहे हैं।

ऐसे में इस लेख के जरिये हम आपको UPTET/CTET के परीक्षा में पूछे गए विगत वर्षों के हिंदी भाषा के 30 महत्वपूर्ण प्रश्नों से अवगत कराएंगे, जिसका अध्ययन कर के आप अपनी तैयारी को और भी मजबूती प्रदान कर सकतें हैं।

UPTET/CTET Hindi Language Practice Set 66
UPTET/CTET Hindi Language Practice Set 66

UPTET/CTET Hindi Language Practice Set 66

प्रश्न : हिन्दी भाषा शिक्षक का यह प्रयास होना चाहिए कि वे

  • बच्चों को शिक्षाप्रद बाल साहित्य पढ़ने के भरपूर अवसर बच्चों की भाषा सम्बन्धी सहज रचना शक्ति को बढ़ने के
  • अवसर दें
  • बच्चों की मातृभाषा के स्थान पर हिन्दी भाषा को ही कक्षा में स्थान दें
  • बच्चों द्वारा मानक भाषा का ही प्रयोग करने के लिए अवसर दें

उत्तर : 2

प्रश्न : कक्षा पाँच के बच्चों के भाषा आकलन के सन्दर्भ में आप किस सवाल को सबसे कमजोर मानते हैं?

  • ‘ईदगाह’ कहानी में हामिद ने मेले से क्या खरीदा?
  • केशव सबसे क्या कहता होगा? कल्पना करके केशव के शब्दों में लिखो
  • यदि इला तुम्हारे स्कूल में आए तो उसे किन-किन कामों में परेशानी होगी?
  • अपने दोस्तों से पूछकर पता करो कि कौन किस बात से घबराता है

उत्तर : 1

प्रश्न : …….. भाषा का अति महत्त्वपूर्ण प्रकार्य है।

  • लेखन
  • अक्षर ज्ञान
  • सुनना
  • सम्प्रेषण

उत्तर : 4

प्रश्न : प्राथमिक स्तर पर हिन्दी भाषा सिखाने के लिए सबसे अधिक जरूरी है

  • कक्षा में लिखित आकलन
  • भाषा शिक्षक का भाषा-ज्ञान
  • कक्षा में रंगीन पाठ्य-पुस्तकें
  • कक्षा में प्रिण्ट समृद्ध परिवेश

उत्तर : 4

प्रश्न : बच्चे बोल-चाल की भाषा का अनुभव लेकर विद्यालय आते हैं। इसका निहितार्थ है कि

  • बच्चों के भाषायी अनुभवों को कक्षा के बाहर रखा जाए
  • बच्चों को बोल-चाल की भाषा न सिखाई जाए
  • बच्चों की बोल-चाल की भाषा को सुधारा जाए
  • बच्चों के भाषायी अनुभवों का उचित प्रयोग किया जाए

उत्तर : 4

प्रश्न : भाषा सीखने-सिखाने में आप किसे सबसे अधिक महत्त्वपूर्ण मानते हैं?

  • बाल साहित्य
  • संज्ञानात्मक विकास
  • सामाजिक अन्तः क्रिया
  • दृश्य-श्रव्य सामग्री

उत्तर : 3

प्रश्न : सुनने और लिखने की कुशलता का आकलन करने का सबसे अच्छा तरीका है

  • सुनी गई कहानी को शब्दश: लिखना
  • कविता सुनना और शब्दश: लिखना
  • कविता सुनकर प्रश्नों के उत्तर लिखना
  • सुनी गई कहानी को अपने शब्दों में लिखना

उत्तर : 4

प्रश्न : सार्थक पढ़ते समय कभी-कभी वाक्यों, शब्दों की पुनरावृत्ति करता है। यह भाषायी व्यवहार दर्शाता है कि

  • उसे लम्बे शब्दों को पढ़ने में कठिनाई होती है
  • वह पढ़ने में अधिक समय लेता है
  • वह अटक-अटक कर ही पढ़ सकता है।
  • वह समझ के साथ पढ़ने की कोशिश करता है

उत्तर : 4

प्रश्न : हिन्दी भाषा में आकलन का उद्देश्य नहीं है

  • बच्चों की भाषागत त्रुटियों की ही पहचान करना
  • बच्चों की भाषा प्रगति को अभिभावकों और अन्य शिक्षकों को बताना
  • भाषा सीखने के सन्दर्भ में प्रत्येक बच्चे की विशेष आवश्यकता की पहचान करना
  • भाषा सीखने-सिखाने की प्रक्रिया को उन्नत बनाना

उत्तर : 2

प्रश्न : प्राथमिक स्तर की हिन्दी भाषा की पाठ्य पुस्तक में आप किसे सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण मानते हैं?

  • हिन्दी भाषा को विविध रूप देने वाली रचनाएँ
  • बहुत प्रसिद्ध लेखकों की प्रसिद्ध रचनाएँ
  • नैतिक मूल्यों वाली कहानी-कविताएँ
  • बहुतायत में दिए गए अभ्यास कार्य

उत्तर : 1

प्रश्न : बहुभाषिक कक्षा में बच्चों की भाषाएँ

  • भाषा सीखने की प्रक्रिया को बाधित करती हैं
  • संसाधन के रूप में कार्य कर सकती हैं
  • शिक्षक के लिए बेहद जटिल चुनौती हैं
  • आकलन की प्रक्रिया को बाधित करती हैं

उत्तर : 2

प्रश्न : भाषा सीखने और भाषा अर्जित करने में अन्तर का मुख्य आधार है

  • भाषा की जटिल संरचनाएँ
  • भाषा की पाठ्य पुस्तकें
  • भाषा का लिखित आकलन
  • भाषा का उपलब्ध परिवेश

उत्तर : 4

प्रश्न : आपके विचार से प्राथमिक स्तर पर उत्कृष्ट लेखन कार्य का उदाहरण है।

  • किसी आँखों देखी घटना का लिखित वर्णन करना
  • ‘छुट्टियाँ कैसे मनाई?’ इस विषय पर अनुच्छेद लिखना
  • ‘मेरे सपनों का भारत’ विषय पर अनुच्छेद लिखना
  • पाठ्य-पुस्तक इतर कठिन शब्दों का श्रुतलेखन

उत्तर : 1

प्रश्न : भाषा सीखने के सन्दर्भ में कौन-सा कथन सही है?

  • बच्चे विभिन्न संचार माध्यमों से ही भाषा सीखते हैं
  • बच्चों में भाषा अर्जित करने की जन्मजात क्षमता होती है।
  • बच्चों में भाषा अर्जित करने की जन्मजात क्षमता नहीं होती
  • बच्चे विद्यालय आकर ही भाषा सीखते हैं।

उत्तर : 2

प्रश्न : डिस्याफिया से प्रभावित बच्चों को मुख्य रूप से ……. में कठिनाई होती है।

  • लिखने
  • सुनने
  • पढ़ने
  • बोलने

उत्तर : 1

निर्देश : नीचे दिए गए पद्यांश को पढ़कर पूछे गए निम्नलिखित छः प्रश्नों के सही/सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए।

 पूर्व चलने के बटोही,
 बाट की पहचान कर ले।
 है अनिश्चित किस जगह पर,
 सरित गिरि गहर मिलेंगे 
 है अनिश्चित किस जगह पर
 बाग वन सुन्दर मिलेंगे।
 किस जगह यात्रा खत्म हो 
 जाएगी यह भी अनिश्चित
 है अनिश्चित कब सुमन कब 
 कंटकों के शर मिलेंगे।
 कौन सहसा छू जाएँगे 
 मिलेंगे कौन सहसा
 आ पड़ कुछ भी रुकेगा 
 तू न ऐसी आन कर ले।
 पूर्व चलने के बटोही,
 बाट की पहचान कर ले। 

प्रश्न : कविता की पंक्तियों में कवि व्यक्ति को किस बात की प्रेरणा दे रहा है?

  • हर स्थिति में आगे बढ़ने की
  • हर स्थिति में साहस दिखाने की
  • पर्वतों को देखकर न डरने की
  • गहरी नदियों से न डरने की

उत्तर : 1

प्रश्न : इस जीवन यात्रा में

  • सब ओर सुख है
  • सब कुछ निश्चित है
  • कुछ भी निश्चित नहीं है
  • सब ओर मुश्किलें हैं

उत्तर : 3

प्रश्न : कविता की पंक्तियों में यात्रा की किस विशेषता की ओर संकेत किया गया है?

  • साहस की और
  • कठिनाइयों की और
  • सुखों की और
  • अनिश्चितता की और

उत्तर : 2

प्रश्न : कविता में आए सुमन और कटक किस भाव के प्रतीक है?

  • प्रिय और अप्रिय
  • फूल और कॉटे
  • सुख और दुःख
  • बाग और वन

उत्तर : 3

प्रश्न : नीचे दिए गए शब्दों में से ‘सरित’ का समानार्थी शब्द कौन-सा नहीं है?

  • प्रवाह
  • तटिनी
  • जयमाला
  • नद

उत्तर : 3

प्रश्न : ‘अनिश्चित’ शब्द में कौन-सा प्रत्यय आ सकता है?

  • ता
  • ते
  • ति
  • ती

उत्तर : 1

निर्देश : नीचे दिए गए अनुच्छेद को पढ़कर पूछे गए निम्नलिखित नौ प्रश्नों के सही/सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए।

   राष्ट्रीय पर्वो और सांस्कृतिक समारोहों के दौरान गीत गाए जाएँ, कविताएँ सुनी और सुनाई जाएँ, इसे लेकर माता-पिताओं, स्कूल और समाज में व्यापक सहमति है, लेकिन गीत-कविताएँ बच्चों के जीवन में रच-बस जाएँ, वे उनका भरपूर आनन्द लेने लगे, खुद तुकबन्दियाँ करने लगें, रचने लगें यह माता-पिता को मंजूर नहीं। माता-पिता को लगता है ऐसा करते हुए तो वे उस राह से भटक जाएँगे, जिस राह पर वे उन्हें चलाना चाहते हैं। जिस राह से वे उन्हें अपनी सोची हुई मंजिल पर पहुँचाना चाहते हैं। उनकी इस इच्छा में यह निहित है कि बच्चे वैसा कुछ भी नहीं करें जो वे करना चाहते हैं, बल्कि वे वैसा करें जैसा माता-पिता चाहते हैं। उनके भीतर बच्चे के स्वतन्त्रतापूर्वक सीखने की प्रक्रिया के प्रति सतत सन्देह और गहरा डर बना रहता है। यही हाल स्कूल का भी है। गीत कविता स्कूल और कक्षाओं की रोजमर्रा की गतिविधि का हिस्सा बन जाएँ यह स्कूल को मंजूर नहीं। स्कूल को लगता है कि इस सबके लिए समय कहाँ है। यह पाठ्य पुस्तक से बाहर की गतिविधि है। शिक्षक और शिक्षा अधिकारी चाहते हैं कि शिक्षक पहले परीक्षा परिणाम बेहतर लाने के लिए काम करें।
   दूसरी ओर हमारी संस्कृति और समाज में गीत-कविता की जो जगहें थीं वे जगहें लगातार सीमित हुई हैं। गीत गाने सुनने-सुनाने के अवसर हुआ करते थे वे अवसर हो गीत कविताओं को गुनगुनाते रह सकने के लिए याद करने को प्रेरित करते थे। सहेजने और रचने के लिए प्रेरित करते थे। उनमें कुछ जोड़ने के लिए प्रेरित करते थे। इन सबके लिए अतिरिक्त प्रयासों की जरूरत नहीं पड़ती थी, वह जीवन-शैली का स्वाभाविक हिस्सा था। बच्चों के लिए पढ़ाई से अधिक खेलने-कूदने के लिए समय और जगहें थीं। खेलने-कूदने की मस्ती के दौरान ही उनके बीच से स्वतः ही नए खेलों तुकबन्दियों और खेलगीतों और बालगीतों का सृजन भी हो जाया करता था।
   उनकी ये रचनाएँ चलने में आ जाया करती थीं, जबान पर चढ़ जाती थीं और सालों-साल उनकी टोलियों के बीच बनी रहती थीं। समय के साथ उनमें कुछ कमी पाए जाने पर संशोधित होती रहती थीं।

प्रश्न : गीत-कविता के बारे में कौन-सा कथन सही नहीं है?

  • समाज में इनकी व्यापक सहमति नहीं है
  • ये संस्कृति का अभिन्न हिस्सा हैं
  • ये जीवन-शैली का स्वाभाविक हिस्सा हैं
  • ये भाषा-सृजनात्मकता को पोषित करते हैं

उत्तर : 3

प्रश्न : शिक्षा-व्यवस्था गीत–कविता को किस दृष्टि से देखती है?

  • सम्पूरक के रूप में
  • बाधक के रूप में
  • साधक के रूप
  • सहयोगी के रूप में

उत्तर : 2

प्रश्न : गीत-कविता बच्चों के जीवन में रच-बस जाएँ यह माता-पिता को पसन्द नहीं है, क्योंकि इससे बच्चे

  • केवल कविता ही लिखते रहेंगे
  • पढ़ाई-लिखाई में बहुत पिछड़ सकते हैं
  • माता-पिता द्वारा तय लक्ष्य को प्राप्त न कर सकेंगे
  • केवल आनन्द में ही खोए रहेंगे

उत्तर : 3

प्रश्न : गीत-कविता स्कूलों को भी पसन्द नहीं हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि

  • यह सीखना बहुत ही कठिन काम है
  • स्कूली पढ़ाई-लिखाई से इसका कोई सम्बन्ध नहीं है।
  • इससे बच्चों का बहुत समय नष्ट होता है।
  • इससे परीक्षा परिणाम देर से आएँगे

उत्तर : 2

प्रश्न : अनुच्छेद के आधार पर गीत-कविता के बारे में कौन-सा कथन सही नहीं है?

  • बच्चे इनका भरपूर आनन्द लेते हैं
  • स्कूल और परिवार इनकी महत्ता को समझ नहीं रहे
  • इनसे बच्चे अपनी राह से भटक जाएँगे
  • ये बच्चों को शब्दों से खेलने का अवसर देते हैं

उत्तर : 3

प्रश्न : बच्चों के लिए लक्ष्य कौन निर्धारित करता है?

  • शिक्षा अधिकारी
  • स्वयं बच्चे
  • माता-पिता
  • स्कूल

उत्तर : 3

प्रश्न : ‘मंजूर’ का समानार्थी शब्द है

  • अच्छा
  • पसन्द
  • प्रस्ताव
  • स्वीकार

उत्तर : 4

प्रश्न : ‘कविताएँ सुनी-सुनाई जाएँ’ में क्रिया है

  • द्विकर्मक
  • सकर्मक
  • अकर्मक
  • प्रेरणार्थक

उत्तर : 1

प्रश्न : ‘सांस्कृतिक’ में प्रत्यय है

  • तिक
  • कृतिक
  • इक

उत्तर : ??

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