UPTET/CTET हिंदी भाषा प्रैक्टिस सेट 60 : परीक्षा में शामिल होने से पहले इन 30 महत्वपूर्ण प्रश्नों का करें अध्ययन

UPTET/CTET Hindi Language Practice Set 60 : उत्तर प्रदेश में CTET की परीक्षा शुरू हो चुकी है CTET की लिखित परीक्षा ऑनलाइन माध्यम द्वारा कराई जा रही है, तथा UPTET की परीक्षा 28 नवंबर 2021 को आयोजित होने वाली थी लेकिन पेपर लीक हो जाने के कारण परीक्षा प्रक्रिया को रद्द कर दिया गया। अब इसकी परीक्षा 23 जनवरी 2022 को आयोजित होनी है। जिसकी तैयारी के लिए अभ्यर्थी बहुत मेहनत कर रहें हैं।

ऐसे मे इस लेख के जरिये हम आपको UPTET/CTET के परीक्षा मे पुछे गए 30 महत्वपूर्ण हिन्दी भाषा के प्रश्नों और उनके उत्तरों से अवगत कराएंगे, जिसका अध्ययन कर के आप अपनी तैयारी को और भी मजबूत बना सकते हैं।

UPTET/CTET Hindi Language Practice Set 60
UPTET/CTET Hindi Language Practice Set 60

UPTET/CTET Hindi Language Practice Set 60 

निर्देश : नीचे दिए गए गद्यांश को पढ़कर पूछे गए निम्नलिखित नौ प्रश्नों के सही /सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए

      आधुनिक शिक्षा का नतीजा हमने देख लिया। हमने उस शिक्षा का नतीजा भी देख लिया, जिसमें 'विकसित विज्ञान' का सबसे महत्त्वपूर्ण स्थान है, जिसके कारण व्यक्ति को कहीं भी या कितना भी मिलने के बावजूद तृप्ति नहीं होती। इसका कारण यही है कि शिक्षा के स्वाभाविक और आवश्यक अंगों को छोड़कर हमने ऐसे विषयों पर अधिक ध्यान दिया, जो मनुष्य का एकतरफा विकास करते हैं, जिनके कारण व्यक्तित्व का बड़े-से-बड़ा भाग अतृप्त रह जाता है। बाल्यावस्था में भी कला शिक्षा को अभी तक उचित स्थान नहीं मिला है। जहाँ मिलता भी है, वहाँ बच्चा ग्यारह बारह वर्ष का होते ही उसके शिक्षा क्रम में से कला-प्रवृत्तियों को निकाल दिया जाता है। ऐसा ही हरबर्ट रीड ने कहा है

“हमारा अनुभव हमें बताता है कि हर व्यक्ति ग्यारह साल की उम्र के बाद, किशोर अवस्था और उसके बाद भी सारे जीवन काल तक किसी-न-किसी कला-प्रवृत्ति को अपने भाव-प्रकटन का जरिया बनाए रख सकती है। आज के सभी विषय-जिन पर हम अपनी एकमात्र श्रद्धा करते हैं; जैसे-गणित, भूगोल, इतिहास, रसायनशास्त्र और यहाँ तक कि साहित्य भी- जिस तरह पढ़ाए जाते हैं, उन सबकी बुनियाद तार्किक है। इन पर एकमात्र जोर देने के कारण कला-प्रवृत्तियाँ, जो भावना-प्रधान होती हैं, पाठ्यक्रम से करीब-करीब निकल जाती हैं। ये प्रवृत्तियाँ केवल पाठ्यक्रम से ही नहीं निकल जातीं, बल्कि इन तार्किक विषयों को महत्त्व देने के कारण व्यक्ति के दिमाग से भी बिल्कुल निकल जाती हैं। किशोर अवस्था को इस तरह गलत रास्ते पर ले जाने का नतीजा भयानक हो रहा है। सभ्यता रोज-ब-रोज बेढव होती जा रही है। व्यक्ति का गलत विकास हो रहा है। उसका मानस अस्वस्थ है, परिवार दुखी है। समाज में फूट पड़ी है और दुनिया पर ध्वंस करने का ज्वर चढ़ा है। इन भयानक अवस्थाओं को हमारा ज्ञान-विज्ञान सहारा दे रहा है। आज की तालीम भी इसी दौड़ में साथ दे रही है।”

प्रश्न : ज्ञान-विज्ञान को बहुत अधिक महत्त्व देने के कारण

समाज उन्नति कर रहा है
समाज में विभाजन हो रहा है
व्यक्ति सृजन की राह पर है
व्यक्ति विध्वंस की राह पर नहीं है

उत्तर : 2

प्रश्न : किशोरावस्था तार्किकता की प्रधानता और भाव के अभाव में ………… का रास्ता अपना रही है।

पतन
ज्ञान
प्रगति
कर्म

उत्तर : 1

प्रश्न : अनुच्छेद के आधार पर हमें किस पर सर्वाधिक ध्यान देने की जरूरत है?

विज्ञान पर
किशोरावस्था पर
कला प्रवृत्ति पर
बाल्यावस्था पर

उत्तर : 3

प्रश्न : अनुच्छेद के अनुसार गणित, भूगोल, इतिहास आदि विषय

तर्क प्रधान हैं
कला प्रधान हैं
भाव प्रधान हैं
बोध प्रधान हैं

उत्तर : 1

प्रश्न : इनमें से कौन-सा शब्द समूह से भिन्न है?

स्वाभाविक
तार्किक
साहित्यिक
अभिव्यक्ति

उत्तर : 4

प्रश्न : ‘आज की तालीम भी इसी दौड़ में साथ दे रही है।’ वाक्य में निपात है

आज
भी
इस
में

उत्तर : 2

प्रश्न : ‘विकसित’ शब्द में प्रत्यय है

सित
इत

सत

उत्तर : 2

प्रश्न : अनुच्छेद के आधार पर कहा जा सकता है कि आधुनिक शिक्षा का नतीजा

सुखद है
दुःखद है
औसत है
पता नहीं

उत्तर : 2

प्रश्न : आधुनिक शिक्षा में किस विषय को सबसे अधिक महत्त्व दिया जाता है?

कला को
विज्ञान को
भाषा को
इतिहास को

उत्तर : 2

निर्देश : काव्यांश को पढ़कर पूछे गए निम्नलिखित छः प्रश्नों के सही/सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए

      साकार, दिव्य गौरव विराट!
      पौरुष के पुँजीभूत ज्वाल!
      मेरी जननी के हिमकिरीट !
      मेरे भारत के दिव्य भाल!
      मेरे नगपति! मेरे विशाल!
      युग-युग अजेय, निर्बन्ध, मुक्त, 
      युग-युग गर्वोन्नत नित महान, 
      निस्सीम व्योम में तान रहे,
      युग से किस महिमा का वितान?
      कैसी अखण्ड यह चिर समाधि ? 
      यतिवर । कैसा यह अमर ध्यान ? 
      तू महाशून्य में खोज रहा 
      किस जटिल समस्या का निदान ?
      उलझन का कैसा विषम-जाल 
      मेरे नगपति! मेरे विशाल !

प्रश्न : किस पंक्ति में कहा गया है कि हिमालय शक्ति की ज्वालाओं का ढेर है?

साकार, दिव्य गौरव विराट
युग-युग अजेय, निर्बन्ध, मुक्त
मेरे भारत के दिव्य भाल
पौरुष के पुँजीभूत ज्वाल

उत्तर : 4

प्रश्न : ‘जिसे जीता न जा सके उसके लिए कविता में कौन-सा शब्द प्रयुक्त हुआ है?

अजेय
अखण्ड
अमर
दिव्य

उत्तर : 1

प्रश्न : ‘निस्सीम’ शब्द में कौन-सी सन्धि है?

स्वर
विसर्ग
व्यंजन
दीर्घ

उत्तर : 2

प्रश्न : ‘हिमकिरीट’ का आशय है

ठण्डा मुकुट
चाँदी का मुकुट
बर्फ का मुकुट
स्वर्णिम मुकुट

उत्तर : 3

प्रश्न : ‘नगपति’ का विग्रह और समास होगा

रत्नों (नग) का पति तत्पुरुष
नगों (पर्वतों) का पति है जो कर्मधारय
नगों (पर्वतों) का पति तत्पुरुष
नगों का पति है जो, ऐसा- बहुव्रीहि

उत्तर : 3

प्रश्न : हिमालय को ‘यतिवर’ । कहकर सम्बोधित किया गया है, क्योंकि वह

भारत का प्रहरी है
पर्वतों का स्वामी है
समाधि में लीन है
समस्या का हल ढूँढ़ रहा है

उत्तर : 3

प्रश्न : प्राथमिक स्तर पर बच्चों की भाषा का आकलन करने का उद्देश्य है

उसकी पठन क्षमता का आकलन
उसके भाषा प्रयोग की क्षमता का आकलन
उसकी लेखन क्षमता का आकलन
उसकी बोलने की कुशलता का आकलन

उत्तर : 2

प्रश्न : इनमें से कौन सा भाषा-आकलन में सबसे कम प्रभावी तरीका है?

कहानी कहना
घटना-वर्णन
कहानी लिखना
श्रुतलेख

उत्तर : 4

प्रश्न : पहली कक्षा में ….. भी लिखना के अन्तर्गत आता है।

वाक्य लिखना
अक्षर बनाना
शब्द लिखना
चित्र बनाना

उत्तर : 4

प्रश्न : प्राथमिक स्तर पर पढ़ना सीखने में सबसे कम महत्त्वपूर्ण है

सन्दर्भानुसार अर्थ
अनुमान लगाना
अक्षरों की पहचान
पढ़ने का उद्देश्य

उत्तर : 4

प्रश्न : आकलन की प्रक्रिया में केवल बच्चे की क्षमताओं का आकलन नहीं होता बल्कि शिक्षक की शिक्षण प्रक्रिया का भी आकलन होता है। यह विचार

पूर्णतः सही है
पूर्णतः गलत है
अंशत: सही है
निराधार है

उत्तर : 1

प्रश्न : रीमा ने तीसरी कक्षा में पढ़ने वाली ऋतिका की
भाषा-क्षमता, भाषा- निष्पादन सम्बन्धी क्रमिक प्रगति का भी ब्यौरा उसके अभिभावकों को दिया। रीमा ने …… के आधार पर यह जानकारी दी।

पोर्टफोलियो
अवलोकन
जाँच सूची
लिखित परीक्षा

उत्तर : 2

प्रश्न : ‘भाषा अर्जन क्षमता’ किसके साथ सम्बन्धित है।

पियाजे
चॉमस्की
स्किनर
ब्रून

उत्तर : 2

प्रश्न : प्राथमिक स्तर पर भाषा सीखने में भाषा सम्बन्धी कौन-सा संसाधन सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण है?

कम्प्यूटर
बाल साहित्य
समाचार पत्र
टेलीविजन

उत्तर : 2

प्रश्न : प्राथमिक स्तर की पाठ्य पुस्तक में कार्टून, भाषण, विज्ञाप आदि बच्चों के भाषा-क्षमता विकास में है।

सहायक
बाधक
निरर्थक
अनुपयोगी

उत्तर : 1

प्रश्न : पाँचवी कक्षा की सुहानी ‘पाँचों, किन्हें, आँखें, दोनों’ आदि शब्द लिखती है। आप सुहानी के लेखन क्षमता के बारे में क्या कहेंगे?

वह अनुनासिक चिह्न का प्रयोग बिलकुल नहीं जानती
वह अनुनासिक चिह्न के प्रयोग के प्रति सजग है
वह अनुनासिक चिह्न के प्रयोग के प्रति लापरहवाह है
वह अनुनासिक चिह्न के नियम का अति सामान्यीकरण करती है

उत्तर : 2

प्रश्न : बच्चे अपनी मातृभाषा का प्रयोग करते हुए हिन्दी भाषा की कक्षा में अपनी बात कहते हैं। यह बात …….. है।

स्वाभाविक
विचारणीय
निन्दनीय
अनुचित

उत्तर : 1

प्रश्न : बहु-भाषिकता हमारी पहचान भी है और हमारी ……….व ………. का अभिन्न अंग भी।

सभ्यता, संस्कृति
संस्कृति, साहित्य
सभ्यता, साहित्य
संस्कृति, चुनौतियों

उत्तर : 1

प्रश्न : विद्यालय में भाषा शिक्षण के लिए कोई कार्यक्रम शुरू करते समय सबसे महत्त्वपूर्ण है

बच्चे की लिखित क्षमता को पहचानना
बच्चे की सहज भाषायी क्षमता को पहचानना
बच्चे की सहज मौखिक अभिव्यक्ति को पहचानना
बच्चे की पठन क्षमता को पहचानना

उत्तर : 2

प्रश्न : किसी विषय को सीखने का मतलब है उसकी ……. को सीखना, उसकी ……….. को सीखना।

अवधारणाओं, विषय-वस्तु
विषय-वस्तु, उपयोगी
अवधारणाओं, शब्दावली
शब्दावली, उपयोगी विषय

उत्तर : 3

प्रश्न : कई बार बच्चे जब स्कूल आते हैं तो दो या तीन भाषाओं को …….. और बोलने की क्षमता से लैस होते हैं।

पढ़ने
लिखने
रटने
समझने

उत्तर : 4

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