CTET/UPTET बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र प्रैक्टिस सेट 38 : परीक्षा में जानें से पहले इन 30 प्रश्नों का करें अध्ययन

UPTET/CTET Child Development And Pedagogy Practice Set 38 : CTET की परीक्षा शुरू हो गई है जो कि 13 जनवरी 2022 तक चलेगी ।UPTET की परीक्षा रद्द होने के बाद अब नई परीक्षा तिथि को लेकर बोर्ड की तरफ से अधिकारीक नोटिस जारी कर दिया गया है। UPTET की परीक्षा अब 23 जनवरी 2022 को आयोजित होगी। इसलिए जो भी प्रतियोगी छात्र इस परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं वह अपनी तैयारी को और भी तेज कर दें।

ऐसे में इस लेख के जरिए बाल विकास एवं शिक्षा शास्त्र के विगत वर्षों में कराए गए परीक्षाओं में से 30 महत्वपूर्ण प्रश्नों के संग्रह को लेकर आए है। इसलिए आप इन प्रश्नों का अभ्यास अच्छी तरह से कर लें और अपनी तैयारी को और भी मजबूती प्रदान करें।

UPTET/CTET Child Development And Pedagogy Practice Set 38
UPTET/CTET Child Development And Pedagogy Practice Set 38

UPTET/CTET Child Development And Pedagogy Practice Set 38

प्रश्न : यदि कोई शिक्षिका चाहे कि उसके विद्यार्थी समस्या – समाधन कौशल प्राप्त कर ले, तो विद्यार्थियों को ऐसे क्रिया-कलापों में लगाना चाहिए जिनमें हो –

  • पूछना, तर्क करना और निर्णय लेना
  • बहुविकल्पी प्रश्नों वाले स्तरीकृत कार्यपत्रक
  • प्रत्यास्मरण, रटना और समझना
  • ड्रिल और अभ्यास

उत्तर : 1

प्रश्न : कक्षा तक पहुँचने वाली बच्चों की भोली अवधारणाओं को जानना

  • शिक्षक की योजना और शिक्षण में रुकावट बनता है
  • शिक्षक के हौसले को पस्त कर देता है क्योंकि इससे उसका कार्यभार बढ़ता है
  • शिक्षक के किसी उद्देश्य की पूर्ति नहीं करता
  • शिक्षक के लिए अपने शिक्षण को अधिक सार्थक बनाने की योजना बनाने में सहायक होता है

उत्तर : 4

प्रश्न : निम्नलिखित में से कौन-से तत्त्व अधिगम को प्रभावित का करते हैं?

A : शिक्षार्थी की परिपक्वता
B : शिक्षार्थी का उत्प्रेरण
C : शिक्षण युक्तियाँ
D : शिक्षार्थी का शारीरिक और संवेगात्मक स्वास्थ्य

  • A, B और C
  • A, B,C और D
  • A और B
  • A और C

उत्तर : 2

प्रश्न : दो विद्यार्थी एक ही अवतरण को पढ़ते हैं, फिर भी इसके बिलकुल भिन्न अर्थ लगाते हैं। उनके बारे में निम्नलिखित में से क्या सत्य है?

  • संभव नहीं है, क्योंकि अधिगम का आशय अर्थ लगाना नहीं है।
  • संभव नहीं है और विद्यार्थियों को उसे दुबारा पढ़ना चाहिए।
  • संभव है, क्योंकि शिक्षक ने अवतरण को समझाया नहीं है।
  • संभव है, क्योंकि व्यक्ति के अधिगम को विविध कारण विभिन्न विधियों से प्रभावित करते हैं।

उत्तर : 4

प्रश्न : राष्ट्रीय पाठ्यर्चा की रूपरेखा, 2005 के अनुसार अधिगम अपने स्वभाव में ……. और ……… है।

  • सक्रिय, सरल
  • सक्रिय, सामाजिक
  • निष्क्रिय, सामाजिक
  • निष्क्रियः सरल

उत्तर : 1

प्रश्न : विद्यार्थियों को स्वतंत्र रूप से चिंतन करने तथा प्रभावी शिक्षार्थी बनने में सक्षम बनाने हेतु शिक्षक के लिए यह महत्त्वपूर्ण है –

  • एक संघटित तरीके से जानकारी को प्रस्तुत करना ताकि पुनःस्मरण करने में सरल हो
  • विद्यार्थियों के द्वारा प्राप्त की गई प्रत्येक सफलता के लिए उन्हें पुरस्कार देना
  • विद्यार्थियों को सिखाना कि किस प्रकार से अपने अधिगम का अनुवीक्षण करें
  • छोटी-छोटी इकाइयों या खंडों में जानकारी प्रदान करना

उत्तर : 1

प्रश्न : सार्थक अधिगम है

  • निजी अनुभवों से ज्ञान की संरचनाओं का सक्रिय निर्माण
  • उद्दीपक तथा उत्तर के बीच युग्मन तथा साहचर्य
  • वयस्कों और अधिक सक्षम साथियों का अनुकरण
  • दी गई सूचना का निष्क्रिय ग्रहण

उत्तर : 1

प्रश्न : विद्यार्थियों के प्रभावशाली अधिगम के निम्नलिखित में से कौन-सा, शिक्षक के प्रारंभि कार्यों में से एक नहीं है?

  • बच्चों को यह सिखाना कि वे अपने अधिगम प्रयो को कैसे देख और सुधार सकते हैं
  • विद्यार्थियों को उपदेशात्मक विधि से सूचना प्रदान करना
  • विद्यार्थियों की उन धारणाओं को जानना जिन्हें लेकर वे कक्षा में आते हैं
  • विद्यार्थियों से उच्चतर स्तर के प्रश्नों के उत्तर की अपेक्षा करना

उत्तर : 4

प्रश्न : विकास के सिद्धांतों के बारे में निम्नलिखित में कौन-सा कथन गलत है?

  • विकास एक परिमाणात्मक प्रक्रिया है जिसका ठीक-ठाक मापन हो सकता है।
  • विकास परिपक्वन और अधिगम पर आधारित होता है
  • विकास वशानुगतता और वातावरण के बीच सतत अन्योन्यक्रिया से होता है।
  • प्रत्येक बच्चा विकास के चरणों से गुजरता है फिर भी बच्चों में वैयक्तिक भिन्नताएँ बहुत होती हैं।

उत्तर : 1

प्रश्न : जीन पियाजे के द्वारा प्रस्तुत संरक्षण के प्रत्यय से तात्पर्य है कि –

  • दूसरों के परिदृश्य को ध्यान में रखना एक महत्त्वपूर्ण संज्ञानात्मक क्षमता है
  • वन्यजीवन और वनों का संरक्षण बहुत महत्त्वपूर्ण है
  • कुछ भौतिक गुणधर्म वही रहते हैं चाहे बाहरी आकृतियाँ बदल जाएं
  • परिकल्पना पर विधिवत परीक्षण से सही निष्कर्ष पर पहुंचा जा सकता है

उत्तर : 3

प्रश्न : लेव वाइगोत्स्की के अनुसार

  • बच्चे भाषा अर्जन की एक युक्ति से कोई भाषा सीखते हैं
  • वयस्कों और साथियों से अन्योन्यक्रिया करने का भाषा के विकास में कोई प्रभाव नहीं पड़ता
  • भाषिक विकास मानव चिंतन के स्वभाव को बदल देता है
  • भाषिक विकास में संस्कृति की भूमिका बहुत कम होती है

उत्तर : 3

प्रश्न : लॉरेंस कोलबर्ग के नैतिक तर्क के सिद्धांत की अनेक बातों के लिए आलोचना की जाती है। इस आलोचना के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

  • कोलबर्ग ने अपने अध्ययन को मूलतः पुरुषों के नमूनों पर आधृत रखा है।
  • कोलबर्ग ने नैतिक तर्क के प्रत्येक सोपान के लिए विशेष उत्तर नहीं दिया है।
  • अपनी सैद्धांतिक रूपरेखा पर पहुँचने के लिए कोलबर्ग ने पियाजे के सिद्धांतों को दोहराया है।
  • कोलबर्ग का सिद्धांत बच्चों के प्रत्यउत्तरों पर ध्यान-केंद्रित नहीं करता।

उत्तर : 3

प्रश्न : ………. तथा ………. की विशिष्ट अन्योन्यक्रिया का परिणाम विकास के विविध मार्गों और निष्कर्षों के रूप में हो सकता है।

  • खोज, पोषण
  • चुनौतियाँ, सीमाएँ
  • स्थिरता; परिवर्तन
  • वंशानुक्रम, पर्यावरण

उत्तर : 4

प्रश्न : विद्यालय और समाजीकरण के बारे में निम्नलिखित में से क्या सत्य है?

  • विद्यालय समाजीकरण का पहला मुख्य कारक है।
  • विद्यालय समाजीकरण का एक महत्त्वपूर्ण कारक है।
  • समाजीकरण में विद्यालय की कोई भूमिका नहीं होती।
  • समाजीकरण में विद्यालय की बहुत थोड़ी भूमिका होती है।

उत्तर : 2

प्रश्न : जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के बारे में निम्नलिखित कथनों में से सही कथन कौन-सा है?

  • बच्चों के सांस्कृतिक आधार के अनुसार इन चरणों का क्रम बदला जा सकता है।
  • पियाजे का तर्क है कि संज्ञानात्मक विकास, चरणों में आगे बढ़ने की अपेक्षा निरंतर होता है।
  • पियाजे ने संज्ञानात्मक विकास के पाँच स्पष्ट चरण प्रस्तावित किए हैं।
  • किसी चरण को छोड़ा नहीं जा सकता क्योंकि ये चरण स्थिर हैं।

उत्तर : 4

प्रश्न : निम्नलिखित में से कौन-सा अधिगम के आकलन को उजागर करता है?

  • शिक्षक किसी विद्यार्थी के निष्पादन का आकलन दूसरों के निष्पादन की तुलना में करता है।
  • शिक्षक विद्यार्थियों की चिंतन प्रक्रियाओं पर ध्यान देने के अलावा उनकी अवधारणात्मक समझ का भी आकलन करता है।
  • शिक्षक ‘मानक’ उत्तरों से विद्यार्थियों के उत्तरों की तुलना करके उनका आकलन करता है।
  • शिक्षक पाठ्य पुस्तकों में दी गई जानकारी के आधार पर विद्यार्थियों का आकलन करता है।

उत्तर : 2

प्रश्न : ‘बालकेंद्रित’ शिक्षा शास्त्र का अर्थ है

  • कक्षा में सारी बातें सीखने के लिए शिक्षक का आगे-आगे होना
  • शिक्षक द्वारा बच्चों को आदेश देना कि क्या किया जाना चाहिए
  • बच्चों के अनुभवों और उनकी आवाज को प्रमुखता देना
  • निर्धारित सूचना का अनुसरण करने में बच्चों को सक्षम बनाना

उत्तर : 3

प्रश्न : निम्नलिखित में से कौन-सा कथन भाषा और विचार के बारे में पियाजे और वाइगोत्स्की के दृष्टिकोण का सही वर्णन करता है?

  • दोनों भाषा को बच्चे के विचारों से जन्म लेती हुई मानते हैं।
  • वाइगोत्स्की के अनुसार पहले विचार जन्म लेता है और पियाजे के अनुसार भाषा का विचार पर भारी प्रभाव पड़ता है।
  • पियाजे के अनुसार पहले विचार जन्म लेता है और वाइगोत्स्की के अनुसार भाषा का विचार पर भारी प्रभाव पड़ता है।
  • दोनों मानते हैं कि बच्चे की भाषा से विचार जन्म लेते हैं।

उत्तर : 4

प्रश्न : शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 के अनुसार विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को पढ़ना चाहिए

  • व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्रों में जो उन्हें जीवन कौशलों के लिए तैयार करेंगे
  • घर पर माता-पिता और देखभाल करने वालों के साथ जो उन्हें आवश्यक सहायता उपलब्ध कराएँ
  • खासतौर पर उन्हीं के लिए बनाए गए विशेष विद्यालयों में
  • समावेशी शिक्षा व्यवस्था में इस प्रावधान के साथ कि उनकी व्यक्तिगत आवश्यकताओं की पूर्ति की जा सके

उत्तर : 4

प्रश्न : जिस कक्षाकक्ष में विविध पृष्ठभूमि से विद्यार्थी आते हों वहाँ एक प्रभावी शिक्षक

  • समान आर्थिक पृष्ठभूमि के विद्यार्थियों का समूह बनाएगा और उन्हें एक साथ रखेगा
  • वंचित पृष्ठभूमि के विद्यार्थियों को कठिन परिश्रम करने के लिए कहेगा ताकि वे अपने साथियों के बराबर पहुँच सकें
  • समूह में वैयक्तिक भिन्नता को बताने के लिए उनकी सांस्कृतिक जानकारी पर ध्यान देगा
  • सांस्कृतिक जानकारी की अनदेखी करेगा और एक सर्वमान्य तरीके से अपने सभी विद्यार्थियों के साथ व्यवहार करेगा ।

उत्तर : 4

प्रश्न : संज्ञान और संवेग के बारे में निम्नलिखित कथनों में कौन-सा कथन सही है ?

  • संवेग संज्ञान को प्रभावित करते हैं किंतु संज्ञान संवेगों को प्रभावित नहीं करता ।
  • संज्ञान और संवेग परस्पर जुड़े हैं और एक-दूसरे को प्रभावित करते हैं।
  • संज्ञान और संवेग एक-दूसरे से स्वतंत्र प्रक्रियाएं हैं।
  • संज्ञान संवेगों को प्रभावित करता है किंतु संवेग संज्ञान को प्रभावित नहीं करता।

उत्तर : 2

प्रश्न : विद्यालय यात्रा पर जाने के लिए पोती को अपने पिता से बहस करते हुए देखकर दादी कहती है, “तुम अच्छी लड़की की तरह आज्ञाकारी क्यों नहीं हो? तुम लड़कों की तरह व्यवहार करोगी तो तुमसे कौन शादी करेगा?” यह कथन निम्नलिखित में से किसको प्रतिबिम्बित करता है?

  • बच्चों के पालन-पोषण में परिवार की कठिनाइयाँ
  • लिंग समरूपता
  • लड़कियों और लड़कों के स्वभाव के बारे में रूढ़िवद्ध धारणा
  • लड़की के लिंग की गलत पहचान

उत्तर : 3

प्रश्न : आकलन के बारे में निम्नलिखित कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

A : आकलन से विद्यार्थियों को यह सहायता मिलनी चाहिए कि वे शक्तियों और रिक्तियों को देख सकें और शिक्षक तद्नुसार उन्हें ठीक कर सकें।
B : आकलन तभी सार्थक होता है जब विद्यार्थियों का तुलनात्मक मूल्यांकन भी हो।
C. आकलन केवल स्मरणशक्ति का ही नहीं, बोधन और अनुप्रयोग का भी होना चाहिए।
D : आकलन तब तक उद्देश्यपूर्ण नहीं हो सकता जब तक उससे भय हो और चिंता का संचार न हो।

  • A और C
  • B और C
  • A और B
  • B और D

उत्तर : 1

प्रश्न : विविध शिक्षार्थियों वाली एक समावेशी कक्षा में सहयोगी अधिगम और समवयस्कों से सीखना

  • कार्यान्वित नहीं किया जाना चाहिए और विद्यार्थियों को क्षमताओं के अनुसार अलग-अलग किया जाना चाहिए
  • केवल कभी-कभी ही प्रयोग किया जाना चाहिए क्योंकि यह सहपाठियों से तुलना को बढ़ावा देता है
  • सक्रिय रूप से निरुत्साहित किया जाना चाहिए और प्रतियोगिता को बढ़ावा देना चाहिए
  • सक्रिय रूप से प्रोत्साहित किया जाना चाहिए जिससे समवयस्कों की स्वीकार्यता बढ़े

उत्तर : 4

प्रश्न : शरीर के केन्द्रीय भाग से परिधियों या अग्रांगों की ओर का विकास दर्शाता है –

  • विकिरणीय विकास के सिद्धान्तों को
  • विकेंद्रीकृत विकास के सिद्धान्तों को
  • मध्य – बाह्य विकास के सिद्धान्तों को
  • सोपानीय विकास के सिद्धान्तों को

उत्तर : 3

प्रश्न : किसी वस्तु के स्थायित्व की अवधारणा पियाजे के विकास के ……….चरण में प्राप्त हो जाती है।

  • संवेदी- गामक
  • पूर्व-परिचालन
  • मूर्त परिचालन
  • औपचारिक परिचालन

उत्तर : 1

प्रश्न : व्यक्तिगत शिक्षा कार्यक्रम की योजना …..…. के संदर्भ में बनायी जाती है।

  • विशेष शिक्षा कार्यक्रम
  • बाल केन्द्रित शिक्षा कार्यक्रम
  • मुक्त विद्यालयी शिक्षा कार्यक्रम
  • ई-अधिगम शिक्षा कार्यक्रम

उत्तर : 2

प्रश्न : स्कूल बच्चों के समाजीकरण की एक ऐसी संस्था है जहाँ

  • प्रमुख स्थान स्कूली बच्चों का होता है
  • प्रमुख स्थान स्कूल की दिनचर्या का होता है।
  • प्रमुख स्थान स्कूल की गतिविधियों का होता है।
  • प्रमुख स्थान स्कूल के शिक्षकों का होता है।

उत्तर : 1

प्रश्न : जब आप एक शिक्षक समूह से जुड़ जाते हैं और अपने समूह के अन्य लोगों की ही तरह पोशाक धारण करने लगते हैं, तो आप प्रदर्शन कर रहे होते हैं-

  • समूह की पहचान का
  • समूह आज्ञाकारिता का
  • समूह निर्देश- अनुपालन का
  • समूह की अनुरूपता का

उत्तर : 4

प्रश्न : ……… महीनों की आयु के बीच अधिकांश बच्चे शब्दों को मिलाकर छोटे-छोटे वाक्यों में बोलना शुरू कर देते हैं।

  • 12 से 18
  • 18 से 24
  • 24 से 30
  • 30 से 36

उत्तर : ??

इस प्रश्न का सही उत्तर क्या होगा? हमें अपना जवाब कमेंट सेक्शन में जरूर दें।

आशा है आपको यह प्रैक्टिस सेट पसंद आया होगा, सरकारी परीक्षाओं से जुड़ी हर जानकरियों हेतु सरकारी अलर्ट को बुकमार्क जरूर करें।

Leave a Comment