UPTET बाल विकास एवं शिक्षा शास्त्र प्रैक्टिस सेट 06 : विगत वर्षों के परीक्षा में पूछे गए इन 30 महत्वपूर्ण प्रश्नों पर डालें एक नज़र

UPTET Child Development And Pedagogy Practice Set 06 : UPTET की परीक्षा 28 नवंबर को आयोजित होनी थी लेकिन पेपर लीक हो जाने के वजह से पूरी परीक्षा प्रक्रिया को बीच मे ही रद्द करना पड़ा, अब इसकी परीक्षा 23 जनवरी 2022 को आयोजित कराई जानी है। इसका एडमिट कार्ड भी जारी कर दिया गया है। इस परीक्षा के अभ्यर्थी अपनी पूरी मेहनत से तैयारी में लगें हुए हैं।

ऐसे में इस लेख के जरिये हम आपको UPTET के परीक्षा में पूछे गए विगत वर्षों के बाल विकास एवं शिक्षा शास्त्र के 30 महत्वपूर्ण प्रश्नों से अवगत कराएंगे, जिसका अध्ययन कर के आप अपनी तैयारी को और भी मजबूती प्रदान कर सकतें हैं।

UPTET Child Development And Pedagogy Practice Set 06
UPTET Child Development And Pedagogy Practice Set 06

UPTET Child Development And Pedagogy Practice Set 06

प्रश्न : पियाजे के अनुसार संज्ञानात्मक विकास के किस चरण पर बच्चा ‘वस्तु स्थायित्व’ को प्रदर्शित करता है?

  • संवेदी प्रेरक चरण
  • पूर्व-संक्रियात्मक चरण
  • मूर्त संक्रियात्मक चरण
  • औपचारिक संक्रियात्मक चरण

उत्तर : 1

प्रश्न : सीखने की प्रक्रिया में शिक्षक की भूमिका होनी चाहिए।

  • सुगमकर्ता की
  • प्रशिक्षक की
  • अनुदेशनकर्ता की
  • नियन्त्रणकर्ता की

उत्तर : 1

प्रश्न : निम्नलिखित में से कौन-सा सूक्ष्म गतिक कौशल का उदाहरण है?

  • चढ़ना
  • दौड़ना
  • फुदकना
  • लिखना

उत्तर : 4

प्रश्न : शिक्षा के सन्दर्भ में, समाजीकरण से तात्पर्य है

  • सामाजिक वातावरण में अनुकूलन और समायोजन
  • अपने सामाजिक मानदण्ड बनाना
  • सामाजिक मानदण्डों का सदैव अनुपालन करना
  • समाज में बड़ों का सम्मान करना

उत्तर : 1

प्रश्न : निम्न में से एक प्राथमिक स्तर के शिक्षक के लिए सबसे महत्त्वपूर्ण गुण कौन-सा है?

  • शिक्षण विधियों में सक्षमता और विषय का ज्ञान
  • पढ़ाने की उत्सुकता
  • उच्च मानक भाषा में पढ़ाने की क्षमता
  • धैर्य और लगन

उत्तर : 4

प्रश्न : नर्सरी कक्षा में शुरुआत करने के लिए कौन-सी विषय-वस्तु (theme) सबसे अच्छी है?

  • मेरा प्रिय मित्र
  • मेरा परिवार
  • मेरा पड़ोस
  • मेरा विद्यालय

उत्तर : 2

प्रश्न : एक शिक्षिका अपने आप कभी भी प्रश्नों के उत्तर नहीं देती। वह अपने विद्यार्थियों को उत्तर देने के लिए, समूह चर्चाएँ और सहयोगात्मक अधिगम अपनाने के लिए प्रोत्साहित करती है। यह उपागम …….. के सिद्धान्त पर आधारित है।

  • सीखने की तत्परता
  • सक्रिय भागीदारी
  • अनुदेशात्मक सामग्री का उचित संगठन
  • अच्छा उदाहरण प्रस्तुत करना और भूमिका प्रतिरूप बनाना

उत्तर : 2

प्रश्न : एक बालक की मानसिक आयु 12 वर्ष और शारीरिक आयु 10 वर्ष है। उसका बुद्धिलब्धांक होगा

  • 120
  • 22
  • 100
  • 83

उत्तर : 1

प्रश्न : समेकित शिक्षा इंगित करती है

  • सभी बच्चों के लिए एकसमान शिक्षण विधि
  • सामान्य बच्चों व भिन्न रूप से योग्य बच्चों के लिए एक ही स्कूल
  • सामान्य बच्चों एवं भिन्न रूप से योग्य बच्चों के लिए पृथक् स्कूल
  • सामान्य बच्चो एवं भिन्न रूप से योग्य बच्चों के लिए एकसमान सुविधा

उत्तर : 2

प्रश्न : कक्षा एक में बच्चों में भाषा कौशल का विकास किस क्रम में होना चाहिए?

  • सुनना, बोलना, पढ़ना, लिखना
  • लिखना पढ़ना, सुनना, बोलना
  • सुनना, लिखना, बोलना, पढ़ना
  • लिखना, बोलना, पढ़ना, सुनना

उत्तर : 1

प्रश्न : मानव व्यक्तित्व परिणाम है।

  • केवल आनुवंशिकता का
  • पालन-पोषण और शिक्षा का
  • आनुवंशिकता और वातावरण की अन्तःक्रिया का
  • केवल वातावरण का

उत्तर : 3

प्रश्न : कक्षा एक और दो स्तर के बच्चे

  • अमूर्त अनुभवों से शीघ्र सीखते हैं
  • मूर्त अनुभवों से शीघ्र सीखते हैं
  • पढ़कर शीघ्र सीखते हैं
  • लिखकर शीघ्र सीखते हैं

उत्तर : 2

प्रश्न : शिक्षार्थी वैयक्तिक भिन्नता प्रदर्शित करते हैं। अतः शिक्षक को

  • अधिगम की एकसमान गति पर बल देना चाहिए
  • कठोर अनुशासन सुनिश्चित करना चाहिए
  • परीक्षाओं की संख्या बढ़ा देनी चाहिए
  • सीखने के विविध अनुभवों को उपलब्ध कराना चाहिए

उत्तर : 4

प्रश्न : एक शिक्षक, विद्यार्थियों में सामाजिक मूल्यों को विकसित कर सकता है

  • अनुशासन की अनुभूति को विकसित
  • आदर्श रूप से बर्ताव कर
  • महान् व्यक्तियों के बारे में बोलकर
  • उन्हें अच्छी कहानियाँ सुनाकर

उत्तर : 2

प्रश्न : शिक्षार्थियों के बीच अधिगम शैली में अन्तर का कारण हो सकता है

  • शिक्षार्थी की समाजीकरण प्रक्रिया
  • शिक्षार्थी द्वारा अपनाई गई विचारणा नीति
  • परिवार की आर्थिक स्थिति
  • बालक का लालन-पालन

उत्तर : 2

प्रश्न : प्राय: शिक्षार्थियों की त्रुटियाँ …….. की ओर संकेत करती है

  • वे कैसे सीखते हैं
  • शिक्षार्थियों का सामाजिक-आर्थिक स्तर
  • यान्त्रिक अभ्यास की आवश्यकता
  • सीखने की अनुपस्थिति

उत्तर : 1

प्रश्न : एक बच्चा जो ………… से ग्रस्त है, वह ‘saw’ और ‘was’, ‘nuclear’ और ‘unclear’ में अन्तर नहीं कर सकता।

  • शब्द जम्बलिंग विकार
  • डिस्लेक्सिया
  • डिस्लेक्सिमिया
  • डिस्मोरफीमिया

उत्तर : 2

प्रश्न : बच्चों के सीखने की प्रक्रिया में प्रगति तब हो सकती है जब हम

  • उसकी प्रगति की नियमित रूप से जाँच करें
  • बच्चों की प्रगति को नियमित रूप से जाँचने के साथ-साथ सुधारात्मक कदम उठाएँ
  • बच्चों को नियमित रूप से गृहकार्य दें
  • बच्चों के लिए नियमित रूप से गतिविधियाँ आयोजित कराएँ

उत्तर : 2

प्रश्न : निम्नलिखित में से कौन-सा विकास का सिद्धान्त है?

  • यह निरन्तर चलने वाली प्रक्रिया नहीं है
  • विकास की सभी प्रक्रियाएँ अन्तः सम्बन्धित नहीं हैं
  • सभी की विकास दर समान नहीं होती है
  • विकास हमेशा रेखीय होता है

उत्तर : 3

प्रश्न : यदि विद्यार्थी पाठ में रुचि न लेते प्रतीत हों, तो शिक्षक को चाहिए कि वह

  • शिक्षण विधि बदल दे
  • दृश्य-श्रव्य सामग्री को प्रयोग में लाकर पाठ को रुचिकर बनाए
  • कक्षा से चला जाए
  • कक्षा में कोई अन्य कार्य प्रारम्भ करे

उत्तर : 1

प्रश्न : व्यवहार का ‘करना’ पक्ष में ……….. में आता है।

  • सीखने के गतिक क्षेत्र
  • सीखने के भावनात्मक क्षेत्र
  • सीखने के मनोवैज्ञानिक क्षेत्र
  • सीखने के संज्ञानात्मक क्षेत्र

उत्तर : 1

प्रश्न : कोह्रबर्ग के अनुसार, शिक्षक बच्चों में नैतिक मूल्यों का विकास कर सकता है

  • नैतिक मुद्दों पर आधारित चर्चाओं में उन्हें शामिल करके ‘
  • कैसे व्यवहार किया जाना चाहिए। इस पर कठोर निर्देश देकर
  • धार्मिक शिक्षा को महत्त्व देकर
  • व्यवहार के स्पष्ट नियम बनाकर

उत्तर : 1

प्रश्न : प्राथमिक स्तर पर बच्चों के लिए संगीत, कहानी कहने, नाटक, कला, शिल्प, खेल आदि जैसी गतिविधियों का संचालन

  • सप्ताह में एक बार होना चाहिए
  • प्रत्येक विषय के साथ सम्मिलित होना चाहिए
  • अलग से संचालित करना चाहिए
  • अतिरिक्त समय में कराया जाना चाहिए

उत्तर : 2

प्रश्न : राज्य स्तर की एक एकल गायन प्रतियोगिता के लिए विद्यार्थियों को तैयार करते समय एक विद्यालय लड़कियों को वरीयता देता है। यह दर्शाता है

  • प्रगतिशील चिन्तन
  • प्रयोजनात्मक उपागम
  • वैश्विक प्रवृत्तियाँ
  • लैंगिक पूर्वाग्रह

उत्तर : 4

प्रश्न : बच्चे के विकास के सिद्धान्तों को समझना शिक्षक की सहायता करता है।

  • शिक्षार्थियों की भिन्न अधिगम शैलियों को प्रभावी रूप में सम्बोधित करने में
  • शिक्षार्थी के सामाजिक स्तर को पहचानने में
  • शिक्षार्थी की आर्थिक पृष्ठभूमि को पहचानने में
  • शिक्षार्थियों को क्यों पढ़ना चाहिए यह औचित्य स्थापित करने में

उत्तर : 1

प्रश्न : बच्चे उसी वातावरण में सीख सकते हैं, जहाँ

  • उनके अनुभवों एवं भावनाओं को उचित स्थान मिले
  • उन्हें खेलने का मौका मिले
  • उन्हें मित्र बनाने का मौका मिले
  • कड़ा अनुशासन हो

उत्तर : 1

प्रश्न : एक शिक्षक, बच्चे द्वारा की गई छोटी-छोटी गलतियों पर क्रोध प्रकट करता है। यह इंगित करता है कि

  • वह बच्चे का शुभचिन्तक है
  • उसमें ज्ञान की कमी है
  • वह कुण्ठित है
  • वह संवेदनात्मक रूप से सन्तुलित नहीं है।

उत्तर : 4

प्रश्न : एन सी एफ-2005 के सम्बन्ध में निम्न में से कौन-सा कथन सही है?

  • यह भारत की विद्यालयी शिक्षा के सम्बन्ध में एक संवैधानिक संशोधन है
  • यह एन सी ई आर टी द्वारा तैयार किया गया दस्तावेज है, जो भारत की विद्यालयी शिक्षा के सम्बन्ध में संस्तुतियाँ प्रस्तुत करता है।
  • यह भारत में गुणात्मक शिक्षा के सम्बन्ध में यूनेस्को और भारत द्वारा हस्ताक्षरित दस्तावेज है
  • उपरोक्त में से कोई नहीं

उत्तर : 2

प्रश्न : एक विद्यार्थी अपने अध्यापक से समय की पाबन्दी सीखता है, यह एक उदाहरण है

  • वाचिक अधिगम का
  • प्रेक्षण अधिगम का
  • कौशल अधिगम का
  • अधिगम अन्तरण का

उत्तर : 2

प्रश्न : विद्यार्थियों के सीखने में जो रिक्तियाँ रह जाती हैं, उनके निदान के बाद …….. चाहिए।

  • सघन अभ्यास कार्य होना
  • समुचित उपचारात्मक कार्य होना
  • सभी पाठों को व्यवस्थित रूप से दोहराना
  • शिक्षार्थियों और अभिभावकों को उपलब्धि के बारे में बताना

उत्तर : ??

इस प्रश्न का सही उत्तर क्या होगा? हमें अपना जवाब कमेंट सेक्शन में जरूर दें।

आशा है आपको यह प्रैक्टिस सेट पसंद आया होगा, सरकारी परीक्षाओं से जुड़ी हर जानकरियों हेतु सरकारी अलर्ट को बुकमार्क जरूर करें।