ऑनलाइन वित्तीय अपराध एवं धोखधड़ी से बचाव

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आज आधुनिक युग में लोगों के जीने के नजरिया और उनके तौर तरीके बदल चुके हैं, और आज डिजिटल क्रांति की वजह से लोगों के जीवन में एक नया संचार आया है। इंटरनेट की वजह से अब लोग अब अपने वित्तीय जरूरतों जैसे महत्वपूर्ण कार्य घर बैठे और कम समय मे ही कर पा रहे हैं। ऐसे में आजकल वित्तीय अपराध की घटनाएं भी बढ़ी हैं। ऐसे में आज हम जानेंगे कि आप ऑनलाइन वित्तीय अपराध से कैसे बच सकते हैं।

Online fraud prevention

ऑनलाइन वित्तीय अपराध एवं धोखाधड़ी

जब कोई अपराधी व्यक्ति इंटरनेट की मदद से किसी व्यक्ति के पैसे चुरा ले उसे ऑनलाइन वित्तीय अपराध एवं धोखाधड़ी की श्रेणी में रखा जाता है। इससे बचने के उपाय निम्नलिखित हैं –

  • अपना क्रेडिट कार्ड/डेबिट कार्ड का पिनकोड अथवा पासवर्ड किसी को न बताना
  • आपके द्वारा उपयोग किए जा रहे पेमेंट एप जैसे – फोन पे/गूगल पे आदि का यूपीआई पिन किसी को न बताना
  • ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करते समय सावधानी बरतना
  • लॉटरी आदि के लिए फोन करने वाले किसी व्यक्ति के बहकावे में न आना
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लिखी गई उपरोक्त चीजों का पालन करके आप काफी हद तक ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी से बच सकते हैं।

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आपको बता दें कि वित्तीय धोखाधड़ी भारतीय कानून के तहत एक संगीन अपराध है, ऐसे में पकड़े जाने वाले व्यक्ति के लिए सजा और जुर्माना दोनों का प्रावधान है। भारतीय संसद ने वित्तीय अपराधों को रोकने और वित्तीय अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए धन-शोधन निवारण अधिनियम 2002 बनाया गया है।

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ऐसे में भारत सरकार के इस अधिनियम के तहत वित्तीय अपराध करने वाले को तीन साल से लेकर सात साल तक की कठोर सजा का प्रावधान है। इसके अलावा आरोपी पर जुर्माना लगाया जा सकता है और उसकी संपत्ति भी जब्त के साथ कुर्की की भी कार्रवाई की जा सकती है।

आशा है आपको हमारे द्वारा ऑनलाइन वित्तीय अपराध एवं धोखधड़ी से बचाव की जानकारी पसंद आई होगी, ऐसी ही जानकारियों हेतु सरकारी अलर्ट पर रोजाना विजिट करें।

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