CBSE CTET Exam 2022-23 | विगत परीक्षाओं में सबसे ज्यादा पूछे गए पियाजे, कोहलबर्ग एवं वाइगोत्सकी के सिद्धांतों पर आधारित महत्वपूर्ण प्रश्न

CBSE CTET Exam 2022-23 : केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (CTET 2022-23) का आयोजन 28 दिसम्बर 2022 से शुरू हो चुका है जो कि 7 फरवरी 2023 तक चलेगा। ऐसे में जिन उम्मीदवारों ने इस परीक्षा में हिस्सा लेने के लिए अपना ऑनलाइन आवेदन जमा किया था, वे अपना एडमिट कार्ड (प्रवेश पत्र) परीक्षा से दो दिन पहले डाउनलोड कर सकेंगे।

ऐसे में आज हम इस लेख के माध्यम से पियाजे, कोहलबर्ग एवं वाइगोत्सकी के सिद्धांतों पर आधारित 30 महत्वपूर्ण प्रश्नों को लेकर आये हैं जो विगत परीक्षाओं में बार बार पूछे जा चुके है। उम्मीदवारों को Most Repeated Questions Based on the theories of Piaget, Kohlberg and Vygotsky का एक बार अवश्य अध्ययन करना चाहिए, जिससे उनकी तैयारी को और मजबूती मिल सकें।

CBSE CTET Exam 2022
CBSE CTET Exam 2022-23

पियाजे, कोहलबर्ग एवं वाइगोत्सकी के सिद्धांतों पर आधारित महत्वपूर्ण प्रश्न

प्रश्न. पियाजे के अनुसार, बच्चों का चिन्तन वयस्कों से ……. में भिन्न होता है बजाय ……… के।

  • मात्रा ; प्रकार
  • आकार ; मूर्तपरकता
  • प्रकार ; मात्रा
  • आकार ; किस्म

उत्तर: 3

प्रश्न. संज्ञानात्मक विकास के चार चरणों संवेदी पेशीय, पूर्व संक्रियात्मक, स्थूल संक्रियात्मक और औपचारिक संक्रियात्मक, की पहचान की गई है।

  • हिलगार्ड द्वारा
  • हरलॉक द्वारा
  • पियाजे द्वारा
  • स्टॉट द्वारा

उत्तर: 3

प्रश्न. जब वयस्क सहयोग से सामंजस्य कर लेते हैं, तो वे बच्चे के वर्तमान स्तर के प्रदर्शन को सम्भावित क्षमता के स्तर के प्रदर्शन की तरफ प्रगति क्रम को सुगम बनाते हैं, इसे कहा जाता है

  • समीपस्थ विकास
  • सहयोग देना
  • सहभागी अधिगम
  • सहयोगात्मक अधिगम

उत्तर: 1

प्रश्न. बच्चे अपनी समझ से विश्व की परिकल्पना करते हैं।” ये कथन किसने दिया था?

  • पैवलूच
  • पियाजे
  • स्किनर
  • कोहलबर्ग

उत्तर: 2

प्रश्न. बालकों की सोच अमूर्तता की अपेक्षा मूर्त अनुभवों एवं प्रत्ययों से होती है। यह अवस्था है

  • 7 से 12 वर्ष तक
  • 12 से वयस्क तक
  • 2 से 7 वर्ष तक
  • जन्म से 2 वर्ष तक

उत्तर: 1

प्रश्न. कोई 5 साल की लड़की एक टी-शर्ट को तह करते हुए अपने आप से बात करती है। लड़की द्वारा प्रदर्शित व्यवहार के सन्दर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

  • जीन पियाजे और लेव वाइगोत्स्की इसकी व्याख्या बच्चे के विचारों की अहंकेन्द्रित प्रकृति के रूप में करेंगे।
  • जीन पियाजे इसे अहंकेन्द्रित भाषा कहेगा और लेव वाइगोत्स्की इसकी व्याख्या बच्चे के द्वारा निजी भाषा से अपनी क्रियाओं को नियमित करने के प्रयासों के रूप में करेगा।
  • जीन पियाजे इसकी व्याख्या सामाजिक अन्योन्यक्रिया के रूप में करेगा और लेव वाइगोत्स्की इसे खोजबीन मानेगा।
  • जीन पियाजे और लेव वाइगोत्स्की इसकी व्याख्या बच्चे के द्वारा अपनी माँ के अनुकरण के रूप में करेंगे।

उत्तर: 2

प्रश्न. उत्तर बाल्यावस्था में वालक भौतिक वस्तुओं के किस आवश्यक तत्व में परिवर्तन समझने लगते हैं?

  • द्रव्यमान
  • द्रव्यमान और संख्या
  • संख्या
  • द्रव्यमान, संख्या और क्षेत्र।

उत्तर: 4

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प्रश्न. वाइगोत्स्की के अनुसार, समीपस्थ विकास का क्षेत्र है

  • अध्यापिका के द्वारा दिए गए सहयोग की सीमा निर्धारित करना।
  • बच्चे के द्वारा स्वतन्त्र रूप से किए जा सकने वाले तथा सहायता के साथ करने वाले कार्य के बीच अन्तर ।
  • बच्चे को अपना सामर्थ्य प्राप्त करने के लिए उपलब्ध कराए गए सहयोग की मात्रा एवं प्रकृति ।
  • बच्ची अपने आप क्या कर सकती है जिसका आकलन नहीं किया जा सकता है।

उत्तर: 2

प्रश्न. निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा वाइगोत्स्की के द्वारा प्रस्तावित विकास तथा अधिगम के बीच सम्बन्ध का सर्वश्रेष्ठ रूप सार प्रस्तुत करता है?

  • विकास अधिगम से स्वाधीन है।
  • विकास-प्रक्रिया अधिगम-प्रक्रिया से पीछे रह जाती है।
  • विकास अधिगम का समानार्थक है।
  • अधिगम एवं विकास समानान्तर प्रक्रियाएँ हैं।

उत्तर: 2

प्रश्न. पियाजे के अनुसार, निम्नलिखित में से कौन-सी अवस्था में बच्चा अमूर्त संकल्पनाओं के विषय में तार्किक चिन्तन करना आरम्भ करता है?

  • औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था (12 वर्ष एवं ऊपर)
  • संवेदी – प्रेरक अवस्था (जन्म 02 वर्ष)
  • पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था (02-07 वर्ष)
  • मूर्त-संक्रियात्मक अवस्था (07-11 वर्ष)

उत्तर: 1

प्रश्न. वह अवस्था जब बच्चा तार्किक रूप से वस्तुओं व घटनाओं के विषय में चिन्तन प्रारम्भ करता है, है

  • औपचारिक-संक्रियात्मक अवस्था
  • पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था
  • मूर्त-संक्रियात्मक अवस्था
  • संवेदी-प्रेरक अवस्था

उत्तर: 3

प्रश्न. पियाजे के अनुसार, संज्ञानात्मक विकास के किस चरण पर बच्चा ‘वस्तु स्थायित्व’ को प्रदर्शित करता है?

  • मूर्त संक्रियात्मक चरण
  • औपचारिक संक्रियात्मक चरण
  • संवेदी प्रेरक चरण
  • पूर्व-संक्रियात्मक चरण

उत्तर: 3

प्रश्न. पियाजे के अनुसार विकास की पहली अवस्था (जन्म से लगभग 2 वर्ष आयु) के दौरान बच्चा – सबसे बेहतर सीखता है।

  • अमूर्त तरीके से चिन्तन द्वारा
  • भाषा के नए अर्जित ज्ञान के अनुप्रयोग द्वारा
  • इन्द्रियों के प्रयोग द्वारा
  • निष्क्रिय (neutral) शब्दों को समझने के द्वारा

उत्तर: 3

प्रश्न. बच्चों के बौद्धिक विकास की चार विशिष्ट अवस्थाओं की पहचान की गई

  • पियाजे द्वारा
  • कोहलबर्ग द्वारा
  • एरिकसन द्वारा
  • स्किनर द्वारा

उत्तर: 1

प्रश्न. “बच्चे दुनिया के बारे में अपनी समझ का सृजन करते हैं।” इसका श्रेय …….. को जाता है।

  • पैवलॉव
  • कोहलबर्ग
  • स्किनर
  • पियाजे

उत्तर: 4

प्रश्न. पियाजे के अधिगम के संज्ञानात्मक सिद्धान्त के अनुसार, वह प्रक्रिया जिसके द्वारा संज्ञानात्मक संरचना को संशोधित किया जाता है, ……….. कहलाती है।

  • प्रत्यक्षण
  • समायोजन
  • समावेशन
  • स्कीमा

उत्तर: 2

प्रश्न. कोहलबर्ग के अनुसार, शिक्षक बच्चों में नैतिक मूल्यों का विकास कर सकता है

  • धार्मिक शिक्षा को महत्व देकर
  • व्यवहार के स्पष्ट नियम बनाकर
  • नैतिक मुद्दों पर आधारित चर्चाओं में उन्हें शामिल करके
  • ‘कैसे व्यवहार किया जाना चाहिए’ इस पर कठोर निर्देश देकर

उत्तर: 3

प्रश्न. निम्नलिखित में से कौन-सा वाइगोत्स्की के सामाजिक सांस्कृतिक सिद्धान्त पर आधारित है।

  • सक्रिय अनुकूलन
  • पारस्परिक शिक्षण
  • संस्कृति-निरपेक्ष संज्ञानात्मक विकास
  • अन्तर्दृष्टिपूर्ण अधिगम

उत्तर: 2

प्रश्न. एक वर्ष तक के शिशु जब आँख, कान व हाथों से “सोचते” हैं, तो निम्नलिखित में से कौन-सा स्तर शामिल होता है?

  • पूर्व-संक्रियात्मक स्तर
  • इन्द्रियजनित गामक स्तर
  • अमूर्त-संक्रियात्मक स्तर
  • मूर्त संक्रियात्मक स्तर

उत्तर: 2

प्रश्न. पियाजे के सिद्धान्त के अनुसार बच्चे निम्न में से किसके द्वारा सीखते हैं?

  • सही प्रकार से ध्यान लगाकर जानकारी को याद करना
  • समाज के आर्थिक योग्य सदस्यों के द्वारा उपलब्ध कराए गए सहारे के आधार पर
  • अनुकूलन की प्रक्रियाएँ
  • उपयुक्त पुरस्कार दिए जाने पर अपने व्यवहार में परिवर्तित करना

उत्तर: 3

प्रश्न. वाइगोत्स्की तथा पियाजे के परिप्रेक्ष्यों में एक प्रमुख विभिन्नता है-

  • व्यवहारवादी सिद्धान्तों की उनकी आलोचना।
  • बच्चों को एक पालन-पोषण का परिवेश उपलब्ध कराने की भूमिका ।
  • भाषा एवं चिन्तन के बारे में उनके दृष्टिकोण।
  • ज्ञान के सक्रिय निर्माताओं के रूप में बच्चों की संकल्पना

उत्तर: 3

प्रश्न. एक शिक्षिका अपनी कक्षा में कहती है, “सभी प्रकार के प्रदत्त कार्यों (assignments) का निर्माण इस प्रकार किया गया है कि प्रत्येक विद्यार्थी अधिक प्रभावशाली ढंग से सीख सके अतः सभी विद्यार्थी बिना किसी अन्य की सहायता से अपनो कार्य पूर्ण करें।” वह कोहलबर्ग के किस नैतिक विकास के चरण की ओर संकेत दे रही है?

  • औपचारिक चरण-4 कानून और व्यवस्था
  • पर – औपचारिक चरण-5 सामाजिक संविदा
  • पूर्व – औपचारिक चरण-1 दण्ड परिवर्तन
  • पूर्व – औपचारिक चरण 2 वैयक्तिक और विनियम

उत्तर: 1

प्रश्न. वाइगोत्सकी के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धान्त के अनुसार

  • संस्कृति और भाषा संज्ञानात्मक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं
  • बच्चे अलग क्षेत्र में चिन्तन करते हैं और वे पूर्ण परिप्रेक्ष्य नहीं लेते
  • यदि निम्न आयु पर अमूर्त सामग्री को प्रस्तुत किया जाए तो बच्चे अमूर्त तरीके से चिंतन करते हैं
  • स्व-निर्देशित वाक् सहयोग का निम्नतर स्तर है

उत्तर: 1

प्रश्न. करनैल सिंह कानूनी कार्यवाही तथा खर्चे के बावजूद आयकर नहीं देते। वे सोचते हैं कि वे एक भ्रष्ट सकार को समर्थन नहीं दे सकते जो अनावश्यक बाँधों के निर्माण पर लाखों रूपए खर्च करती है। वे सम्भवतः कोहलबर्ग के नैतिक विकास की किस अवस्था में हैं?

  • पश्च- परम्परागत
  • पूर्व पराम्परागत
  • परा-परम्परागत
  • परम्परागत

उत्तर: 1

प्रश्न. निम्नलिखित में से कौन-सा निहितार्थ पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धान्त से नहीं निकाला जा सकता?

  • बच्चों की अधिगमनात्मक तत्परता के प्रति संवदेनशीलता
  • वैयक्तिक भेदों की स्वीकृति
  • खोजपूर्ण अधिगम
  • शाब्दिक शिक्षण की आवश्यकता

उत्तर: 4

प्रश्न. निम्नलिखित में से कौन-सा कोहलबर्ग के नैतिक विकास के चरणों का लक्षण है?

  • चरणों का परिवर्तनशील अनुक्रम
  • विभिन्न चरण अलग-अलग प्रत्युत्तर हैं न कि सामान्य प्रतिमान
  • सभी संस्कृतियों से सम्बद्ध चरणों की सार्वभौम श्रृंखला
  • विभिन्न चरण एक गैर-पदानुक्रम रूप में आने की ओर बढ़ते हैं

उत्तर: 3

प्रश्न. छिपी हुई वस्तुएँ ढूढ निकालना इस बात का संकेत है कि शिशु निम्नलिखित में से किस संज्ञानात्मक कार्य में दक्षता प्राप्त करने लगा है?

  • साभिप्राय व्यवहार
  • वस्तु-स्थायित्व
  • समस्या समाधान
  • प्रयोग करना

उत्तर: 2

प्रश्न. रिया कक्षा में पिकनिक तय करने हेतु रिषभ से सहमत नहीं है। वह सोचती है कि बहुमत के अनुकूल बनाने के लिए नियमों का संशोधन किया जा सकता है। यह सहपाठी विरोध, पियाजे के अनुसार, निम्नलिखित में से किससे सम्बन्धित है?

  • संज्ञानात्मक अपरिपक्वता
  • प्रतिक्रिया
  • सहयोग की नैतिकता
  • विषमांग नैतिकता

उत्तर: 3

प्रश्न. वाइगोत्स्की के सिद्धान्त में, विकास के निम्नलिखित में से कौन-से पहलू की उपेक्षा होती है?

  • सांस्कृतिक
  • भाषायी
  • जैविक
  • सामाजिक

उत्तर: 3

प्रश्न. वाइगोत्सकी बच्चों के सीखने में निम्नलिखित में से किस कारक की महत्वपूर्ण भूमिका पर बल देते हैं?

  • आनुवंशिक
  • शारीरिक
  • नैतिक
  • सामाजिक

उत्तर : ?

इस प्रश्न का सही उत्तर क्या होगा? हमें अपना जवाब कमेंट सेक्शन में जरूर दें।

  1. Samajik

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  2. Social

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  3. 4

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  4. Option D (social)

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  5. D ans

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  6. Samajik kark ko mahtab deta hn

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  7. Physical

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    • Samajik

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  8. सामाजिक

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  9. 4. Samajik

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  10. Samajik

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  11. Samajik

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  12. 4

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  13. सामाजिक

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    • सही जवाब

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      • 4

    • Sahi jawab

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    • Sahi jawab

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    • सामाजिक

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