Haryana HTET Child Development And Pedagogy Practice Set 05 | परीक्षा में शामिल होने से पूर्व अवश्य पढ़ लें ये महत्वपूर्ण प्रश्न

Haryana HTET Child Development And Pedagogy Practice Set 05 : बोर्ड ऑफ एजुकेशन, हरियाणा भिवानी द्वारा शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) का आयोजन नवंबर माह के 12 तथा 13 तारीख को होना तय हुआ था। लेकिन इस परीक्षा को आयोग द्वारा टाल दिया गया। अब इस परीक्षा का आयोजन 3 तथा 4 दिसम्बर 2022 को किया जाएगा। परीक्षा होने में बहुत कम दिन ही शेष बचे हुए हैं , उम्मीदवारों को अपनी तैयारी को और तेज कर डेना चाहिए। तथा आयोग द्वारा जल्द ही इस परीक्षा का एडमिट कार्ड भी जारी कर दिया जाएगा।

ऐसे में आज हम इस लेख के माध्यम से बाल विकास एवं शिक्षा शास्त्र के 50 महत्वपूर्ण प्रश्नों को लेकर आये हैं जो की परीक्षा दृष्टि से बेहद उपयोगी है जिसे उम्मीदवार को एक बार अवश्य पढ़ना चाहिए।

Haryana HTET Child Development And Pedagogy Practice Set 05
Haryana HTET Child Development And Pedagogy Practice Set 05

Haryana HTET Child Development And Pedagogy Practice Set 05

प्रश्न. भाषा विकास के लिए सबसे संवेदनशील समय निम्नलिखित में से कौन-सा है?

  • जन्मपूर्व का समय
  • वयस्कावस्था
  • मध्य बचपन का समय
  • प्रारंभिक बचपन का समय

उत्तर: 4

प्रश्न. एक 6 वर्ष की लड़की खेलकूद में असाधारण योग्यता का प्रदर्शन करती है। उसके माता-पिता दोनों ही खिलाड़ी हैं, उसे नित्य प्रशिक्षण प्राप्त करने भेजते हैं और सप्ताहांत में उसे प्रशिक्षण देते हैं। बहुत संभव है कि उसकी क्षमताएं निम्नलिखित दोनों के बीच परस्पर प्रतिक्रिया का परिणाम होगी-

  • आनुवंशिकता और पर्यावरण
  • वृद्धि और विकास
  • स्वास्थ्य और प्रशिक्षण
  • अनुशासन और पौष्टिकता

उत्तर: 1

प्रश्न. निम्नलिखित में कौन-से समाजीकरण के गौण वाहक हो सकते हैं?

  • परिवार और पास-पड़ोस
  • विद्यालय और पास-पड़ोस
  • विद्यालय और निकटतम परिवार के सदस्य
  • परिवार और रिश्तेदार

उत्तर: 2

प्रश्न. किसी प्रारंभिक कक्षा में प्रभावशाली शिक्षक का उद्देश्य विद्यार्थियों को उत्प्रेरित करना होगा-

  • सीखने के लिए जिससे वे जिज्ञासु बनें और सीखने के लिए ही सीखना पसंद करें।
  • रटकर याद करने के लिए जिससे वे प्रत्यास्मरण करने में अच्छे बनें।
  • दंडात्मक उपायों का प्रयोग करके जिससे वे शिक्षक का सम्मान करें।
  • ऐसे काम करने के लिए जिससे परीक्षा के अंत में वे अच्छे अंक पा सकें।

उत्तर: 1

प्रश्न. निम्नलिखित में से कौन-सा उदाहरण प्रभावशाली विद्यालय की प्रथा का है?

  • निरंतर तुलनात्मक मूल्यांकन
  • शारीरिक दंड
  • व्यक्ति सापेक्ष अधिगम
  • प्रतियोगितात्मक कक्षा

उत्तर: 3

प्रश्न. विकास का शिरःपदाभिमुख दिशा सिद्धांत व्याख्या करता है। कि विकास इस प्रकार आगे बढ़ता है-

  • सामान्य से विशिष्ट कार्यों के और
  • भिन्न से एकीकृत कार्यों की और
  • सिर से पैर की ओर
  • ग्रामीण से शहरी क्षेत्रों की ओर

उत्तर: 3

प्रश्न. लेव वाइगोत्स्की के अनुसार, संज्ञानात्मक विकास का मूल कारण है-

  • संतुलन
  • सामाजिक अन्योन्यक्रिया
  • मानसिक प्रारूपों (स्कीमाज) का समायोजन
  • उद्दीपक-अनुक्रिया युग्मन

उत्तर: 2

प्रश्न. किसी बच्चे का दिया गया विशिष्ट उत्तर कोहबर्ग के नैतिक तर्क के सोपानों की विषय-वस्तु के किस सोपान के अंतर्गत आएगा? “यदि आप ईमानदार हैं, तो आपके माता-पिता आप पर गर्व करेंगे। इसलिए आपको ईमानदार रहना चाहिए।”

  • दंड-अज्ञाकारिता अनुकूलन
  • सामाजिक संकुचन अनुकूलन
  • अच्छी लड़की अच्छा लड़का अनुकूलन
  • कानून और व्यवस्था अनुकूलन

उत्तर: 3

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प्रश्न. जीन पियाजे के अनुसार, अधिगम के लिए निम्नलिखित में से क्या आवश्यक है?

  • शिक्षार्थी के द्वारा पर्यावरण की सक्रिय खोजबीन
  • वयस्कों के व्यवहार का अवलोकन
  • ईश्वरीय न्याय पर विश्वास
  • शिक्षकों और माता-पिता द्वारा पुनर्बलन

उत्तर: 1

प्रश्न. कोई 5 वर्ष की लड़की एक टी-शर्ट की तह करते हुए अपने आप से बात करती है। लड़की द्वारा प्रदर्शित व्यवहार के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

  • जीन पियाजे और लेव वाइगोत्स्की इसकी व्याख्या बच्चे के विचारों की अहंकेंद्रित प्रकृति के रूप में करेंगे।
  • जीन पियाजे इसे अहंकेंद्रित भाषा कहेगा और लेव वाइगोत्स्की इसकी व्याख्या बच्चे के द्वारा निजी भाषा से अपनी क्रियाओं को नियमित करने के प्रयासों के रूप में करेगा।
  • जीन पियाजे इसकी व्याख्या सामाजिक अन्योन्यक्रिया के रूप में करेगा और लेव वाइगोत्स्की इसे खोजबीन मानेगा।
  • जीन पियाजे ओर लेव वाइगोत्स्की इसकी व्याख्या बच्चे के द्वारा अपनी मां के अनुकरण के रूप में करेंगे।

उत्तर: 2

प्रश्न. ‘लिंग है-

  • जैविक सत्ता
  • सहज गुण
  • शारीरिक संरचना
  • सामाजिक संरचना

उत्तर: 4

प्रश्न. शिक्षार्थियों के ज्ञान अर्जन में सहायता करने के क्रम में अध्यापकों को किस पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।

  • शिक्षार्थी के द्वारा प्राप्त किए गए अंकों / ग्रेड़ों पर
  • शिक्षार्थी को सक्रिय सहभागिता के लिए शामिल करना ।
  • शिक्षार्थी के द्वारा अधिगम की अवधारणाओं में कुशलता प्राप्त करना।
  • सुनिश्चित करना कि शिक्षार्थी सब कुछ याद करते हैं।

उत्तर; 2

प्रश्न. जीन पियाजे के अनुसार, प्रारूप (स्कीमा) निर्माण वर्तमान योजनाओं के अनुरूप बनाने हेतु नवीन जानकारी में संशोधन और नवीन जानकारी के आधार पर पुरानी योजनाओं में संशोधन के परिणाम के रूप में घटित होता है। इन दो प्रक्रियाओं को जाना जाता है-

  • समायोजन और अनुकूलन के रूप में।
  • समावेशन और अनुकूलन के रूप में।
  • साम्यीकरण और संशोधन के रूप में।
  • समावेशन और समायोजन के रूप में।

उत्तर: 4

प्रश्न. किसी प्रगतिशील कक्षा की व्यवस्था में शिक्षक एक ऐसे वातावरण को उपलब्ध कराकर अधिगम को सुगम बनाता है, जो-

  • खोज को प्रोत्साहन देता है।
  • नियामक है।
  • समावेशन को हतोत्साहित करता है।
  • आवृति को बढ़ावा देता है।

उत्तर: 1

हॉवर्ड गार्डनर का बहुबुद्धि सिद्धांत सुझाता है कि -.

  • हर बच्चे को प्रत्येक विषय आठ भिन्न तरीकों से पढ़ाया जाना चाहिए ताकि सभी बुद्धियां विकसित हों।
  • बुद्धि को केवल बुद्धि-लब्धि (IQ) परीक्षा से ही निर्धारित किया जा सकता है।
  • शिक्षक को चाहिए कि विषय-वस्तु को वैकल्पिक विधियों से पढ़ाने के लिए बहुबुद्धियों को एक रूपरेखा की तरह ग्रहण करे।
  • क्षमता भाग्य है और अवधि के भीतर नहीं बदलती।

उत्तर: 3

प्रश्न. जीन पियाजे के अनुसार, प्रारूप (स्कीमा) निर्माण वर्तमान योजनाओं के अनुरूप बनाने हेतु नवीन जानकारी में संशोधन और नवीन जानकारी के आधार पर पुरानी योजनाओं में संशोधन के परिणाम के रूप में घटित होता है। इन दो प्रक्रियाओं को जाना जाता है-

  • समायोजन और अनुकूलन के रूप में।
  • समावेशन और अनुकूलन के रूप में।
  • साम्यीकरण और संशोधन के रूप में।
  • समावेशन और समायोजन के रूप में।

उत्तर: 4

प्रश्न. किसी प्रगतिशील कक्षा की व्यवस्था में शिक्षक एक ऐसे वातावरण को उपलब्ध कराकर अधिगम को सुगम बनाता है, जो-

  • खोज को प्रोत्साहन देता है।
  • नियामक है।
  • समावेशन को हतोत्साहित करता है।
  • आवृति को बढ़ावा देता है।

उत्तर: 1

हॉवर्ड गार्डनर का बहुबुद्धि सिद्धांत सुझाता है कि -.

  • हर बच्चे को प्रत्येक विषय आठ भिन्न तरीकों से पढ़ाया जाना चाहिए ताकि सभी बुद्धियां विकसित हों।
  • बुद्धि को केवल बुद्धि-लब्धि (IQ) परीक्षा से ही निर्धारित किया जा सकता है।
  • शिक्षक को चाहिए कि विषय-वस्तु को वैकल्पिक विधियों से पढ़ाने के लिए बहुबुद्धियों को एक रूपरेखा की तरह ग्रहण करे।
  • क्षमता भाग्य है और अवधि के भीतर नहीं बदलती।

उत्तर: 3

प्रश्न. अध्यापक के दृष्टिकोण से प्रतिभाशीलता किसका संयोजन है?

  • उच्च प्रेरणा – उच्च वचनबद्धता – उच्च क्षमता
  • उच्च योग्यता – उच्च क्षमता – उच्च वचनबद्धता
  • उच्च क्षमता – उच्च सृजनात्मकता – उच्च स्मरणशक्ति
  • उच्च योग्यता – उच्च सृजनात्मकता -उच्च वचनबद्धता

उत्तर: 4

प्रश्न. एन. सी. एफ., 2005 के अनुसार, गलतियां इस कारण से महत्वपूर्ण होते हैं-

  • यह अध्यापकों को बच्चों को डांटने के लिए एक तरीका उपलब्ध कराती हैं।
  • ये बच्चे के विचार की अंतर्दृष्टि उपलब्ध कराती हैं तथा समाधानों को पहचानने में सहायता करती हैं।
  • ये कक्षा से कुछ बच्चों को हटाने के लिए आधार उपलब्ध कराती हैं।
  • यह विद्यार्थियों को ‘उत्तीर्ण’ एवं ‘अनुत्तीर्ण’ समूहों में वर्गीकृत करने के लिए एक महत्वपूर्ण उपकरण हैं।

उत्तर: 2

प्रश्न. एक बच्चे की कॉपी में लिखने में विपरीत छवियां, दर्पण छवि, आदि जैसी गलतियां मिलती हैं। इस प्रकार का बच्चा लक्षण प्रदर्शित कर रहा है-

  • अधिगम में अशक्तता के
  • अधिगम में कठिनाई के
  • अधिगम में समस्या के
  • अधिगम में असुविधा के

उत्तर: 1

प्रश्न. एक प्रभावशाली अध्यापिका होने के लिए यह महत्वपूर्ण है-

  • समूह गतिविधि के बजाए वैयक्तिक अधिगम पर ध्यान देना।
  • विद्यार्थियों के द्वारा प्रश्न पूछने के कारण उत्पन्न व्यवधान की अनदेखी करना।
  • प्रत्येक बच्चे के संपर्क में रहना ।
  • पुस्तक के उत्तरों को लिखने पर बल देना।

उत्तर: 3

प्रश्न. निम्नलिखित में से कौन-सा एक उपयुक्त रचनात्मक आकलन कार्य नहीं है?

  • परियोजना
  • अवलोकन
  • विद्यार्थियों का योग्यता क्रम निर्धारित करना
  • खुले अंत वाले प्रश्न

उत्तर: 3

प्रश्न. विकृत लिखावट से संबंधित लिखने की योग्यता में कमी किसका एक लक्षण है?

  • डिस्ग्राफिया
  • डिस्प्राक्सिया
  • डिस्लेक्सिया
  • डिस्केल्कुलिया

उत्तर: 1

प्रश्न. निम्नलिखित में से कौन-सा बच्चों के संवेगात्मक विकास के लिए सर्वाधिक उपयुक्त है?

  • अध्यापकों की कोई भी सहभागिता नहीं क्योंकि यह माता-पिता का कार्य है।
  • कक्षा-कक्ष का नियंत्रित परिवेश।
  • कक्षा-कक्ष का अधिकारवादी परिवेश।
  • कक्षा-कक्ष का प्रजातांत्रिक परिवेश।

उत्तर: 4

प्रश्न. बच्चों के अधिगम को सुगम बनाने के लिए अध्यापकों को एक अच्छे कक्षायी परिवेश का सृजन करने की आवश्यकता होती है। इस प्रकार के अधिगम परिवेश का सृजन करने के लिए नीचे दिए गए कथनों में से कौन-सा सही नहीं है?

  • अध्यापकों के अनुसार कार्य करना
  • बच्चे को स्वीकार करना
  • अध्यापक का सकारात्मक रुख
  • बच्चे के प्रयासों को स्वीकृति

उत्तर: 1

प्रश्न. लड़कों एवं लड़कियों के विषय में कुछ कथन नीचे दिए गए हैं। आपके अनुसार इनमें से कौन-सा सही है?

  • लड़कों को घर के कामों में सहायता करनी चाहिए।
  • सभी लड़कों को विज्ञान तथा लड़कियों को गृह विज्ञान पढ़ाया जाना चाहिए।
  • लड़कियों को घर के कामों में सहायता करनी चाहिए।
  • लड़कों को घर के बाहर के कामों में सहायता करनी चाहिए।

उत्तर: 1

प्रश्न. वंचित समूहों के विद्यार्थियों को सामान्य विद्यार्थियों के साथ-साथ पढ़ाना चाहिए। इसका अभिप्राय है–

  • विशेष शिक्षा
  • अपवर्जक शिक्षा
  • एकीकृत शिक्षा
  • समावेशी शिक्षा

उत्तर: 4

प्रश्न. ‘ऑउट-ऑफ-द-बॉक्स’ चिंतन किससे संबंधित है?

  • स्मृति-आधारित चिंतन
  • अभिसारी चिंतन
  • अपसारी चिंतन
  • अनुकूलन चिंतन

उत्तर: 2

प्रश्न. शिक्षण में अध्यापकों द्वारा विद्यार्थियों का आकलन इस अंतर्दृष्टि को विकसित करने के लिए किया जा सकता है-

  • उन विद्यार्थियों को प्रोन्नत न करना, जो विद्यालय के स्तर के अनुकूल नहीं हैं।
  • शिक्षार्थियों की आवश्यकता के अनुसार शिक्षण उपागम में परिवर्तन करना।
  • कक्षा में ‘प्रतिभाशाली’ तथा ‘कमजोर’ विद्यार्थियों के समूह बनाना।
  • उन विद्यार्थियों की पहचान करना जिन्हें उच्चतर कक्षा में प्रोन्नत करना है।

उत्तर: 2

प्रश्न. अधिगम में आकलन किसलिए आवश्यक होता है?

  • जांच परीक्षण के लिए।
  • प्रेरणा के लिए।
  • पृथक्करण और श्रेणीकरण के उद्देश्य को प्रोत्साहन देने के लिए।
  • ग्रेड एवं अंकों के लिए।

उत्तर: 2

प्रश्न. प्रचलित योजनाओं में नई जानकारी जोड़ने को किस नाम से जाना जाता है?

  • साम्यधारण
  • संगठन
  • आत्मसात्करण
  • समायोजन

उत्तर: 3

प्रश्न. पियाजे के सिद्धांत के अनुसार, निम्नलिखित में से कौन-सा व्यक्ति के संज्ञानात्मक विकास को प्रभावित नहीं करेगा?

  • सामाजिक अनुभव
  • क्रिया-कलाप
  • परिपक्वन
  • भाषा

उत्तर: 1

प्रश्न. इनमें से कौन-सा त्रितंत्रीय सिद्धांत में व्यावहारिक बुद्धि का अभिप्राय नहीं है?

  • केवल अपने विषय में व्यावहारिक रूप से विचार करना।
  • इस प्रकार के पर्यावरण का चयन करना जिसमें आप सफल हो सकते हैं।
  • पर्यावरण के साथ अनुकूलन करना
  • पर्यावरण का पुनर्निर्माण करना ।

उत्तर: 1

प्रश्न. “कोई भी नाराज हो सकता है यह आसान है परंतु एक सही व्यक्ति के ऊपर, सही मात्रा में, सही समय पर, सही उद्देश्यं के लिए तथा सही तरीके से नाराज होना आसान नहीं है।” यह संबंधित है-

  • सामाजिक विकास से।
  • शारीरिक विकास से।
  • संज्ञानात्मक विकास से।
  • संवेगात्मक विकास से।

उत्तर: 4

प्रश्न. हम सभी अपनी बुद्धि, प्रेरणा, अभिरुचि, आदि के संदर्भ में भिन्न होते हैं। यह सिद्धांत संबंधित है-

  • बुद्धि के सिद्धांतों से
  • पर्यावरण से
  • वंशानुक्रम से
  • वैयक्तिक भिन्नता से

उत्तर: 4

प्रश्न. अधिगम अनुभवों को इस प्रकार से आयोजित किया जाना चाहिए जिससे अधिगम को सार्थक बनाया जा सके। नीचे दिए गए अधिगम अनुभवों में से कौन-सा बच्चों के लिए सार्थक अधिगम को सुगम नहीं बनाता है।

  • विषय-वस्तु पर प्रश्न बनाना
  • प्रकरण पर परिचर्चा और वाद-विवाद
  • प्रकरण पर प्रस्तुतीकरण
  • विषय-वस्तु की केवल याद करने के आधार पर पुनरावृत्ति

उत्तर: 4

प्रश्न. बच्चों को शाब्दिक या गैर-शाब्दिक दंड देने का परिणाम होता है।

  • बच्चे की छवि की सुरक्षा करना
  • उनके अंकों में सुधार करना।
  • उनके स्वयं के प्रति अवधारणा को नष्ट करना।
  • उन्हें कार्य करने के लिए प्रेरित करना।

उत्तर: 3

प्रश्न. अध्यापिका ने एक कमेटी के प्रधान को सभापति के स्थान पर ‘सभाध्यक्ष’ लिखा है। यह संकेत करता है कि अध्यापिका-

  • भाषा पर अच्छा अधिकार रखती है।
  • एक लिंग-मुक्त भाषा का प्रयोग कर रही है।
  • लिंग पूर्वाग्रह से ग्रस्त है।
  • एक अधिक उपयुक्त पारिभाषिक शब्द का पालन करती है।

उत्तर: 2

प्रश्न. निम्नलिखित में से कौन-सा बच्चों के समाजीकरण के प्रगतिशील मॉडल के संदर्भ में सही नहीं है?

  • बच्चे विद्यालय में बताई गई बातों को स्वीकार करते हैं चाहे उनकी सामाजिक पृष्ठभूमि कुछ भी हो।
  • कक्षा में प्रजातंत्र के लिए स्थान होना चाहिए।
  • समाजीकरण सामाजिक नियमों का अधिग्रहण है।
  • समूह कार्य में सक्रिय सहभागिता तथा सामाजिक कौशलों को सीखना।

उत्तर: 1

प्रश्न. अध्यापिका ने ध्यान दिया कि पुष्पा अपने-आप किसी एक समस्या का समाधान नहीं कर सकती है। फिर भी वह एक वयस्क या साथी के मार्गदर्शन की उपस्थिति में ऐसा करती है। इस मार्गदर्शन को कहते हैं-

  • पूर्व-क्रियात्मक चिंतन
  • सहारा देना
  • समीपस्थ विकास का क्षेत्र
  • पार्श्वकरण

उत्तर: 2

प्रश्न. निम्नलिखित में से कौन प्रारंभिक बाल्यावस्था अवधि के दौरान उन भूमिकाओं एवं व्यवहारों के बारे में जानकारी प्रदान करते हैं, जो एक समूह में स्वीकार्य हैं?

  • अध्यापक एवं साथी
  • साथी एवं माता-पिता
  • माता-पिता एवं भाई-बहन
  • भाई-बहन एवं अध्यापक

उत्तर: 3

प्रश्न. सतत् एवं व्यापक मूल्यांकन किसलिए आवश्यक है?

  • शिक्षा बोर्ड की जवाबदेही कम करने के लिए।
  • जल्दी-जल्दी की जाने वाली गलतियों की तुलना में कम अंतराल पर की जाने वाली गलतियों को सुधारना
  • यह समझने के लिए कि अधिगम का किस प्रकार अवलोकन किया जाता है, दर्ज किया जाता है व सुधार किया जा सकता है।
  • शिक्षण के साथ परीक्षण का ताल-मेल बैठाने के लिए।

उत्तर: 3

प्रश्न. लॉरेंस कोहबर्ग के सिद्धांत में कौन-सा नैतिकता की अनुपस्थिति को सही अर्थ में सूचित करता है?

  • स्तर IV
  • स्तर ।
  • स्तर ॥
  • स्तर III

उत्तर: 2

प्रश्न. निम्नलिखित में से कौन-सा आयु समूह परवर्ती बाल्यावस्था श्रेणी के अंतर्गत आता है?

  • 18 से 24 वर्ष
  • 6 से 11 वर्ष
  • जन्म से 6 वर्ष
  • 11 से 18 वर्ष

उत्तर: 2

प्रश्न. आर्जव तर्क देता है कि भाषा विकास व्यक्ति की नैसर्गिक प्रवृत्ति से प्रभावित होता है, जबकि सोनाली महसूस करती है कि यह परिवेश से प्रभावित होता है। आर्जव और सोनाली के बीच यह चर्चा किस विषय में है?

  • स्थिरता तथा अस्थिरता पर बहस
  • सतत् तथा असतत् अधिगम
  • प्रकृति तथा पालन-पोषण वाद-विवाद
  • चुनौतीपूर्ण तथा संवेदनशील भावना

उत्तर: 3

प्रश्न. विद्यार्थियों को स्वच्छता के लिए प्रेरित करने हेतु उन्हें स्वच्छता सीमित का सदस्य बनाना, प्रतिबिंबित करता है-

  • प्रेरणा का व्यवहारवादी उपागम।
  • प्रेरणा का मानवतावादी उपागम
  • प्रेरणा का संज्ञानात्मक उपागम।
  • प्रेरणा की सामाजिक- सांस्कृतिक संकल्पनाएं।

उत्तर: 4

प्रश्न. जब वयस्क सहयोग से सामंजस्य कर देते हैं, तो वे बच्चे के वर्तमान स्तर के प्रदर्शन को संभावित क्षमता के स्तर के प्रदर्शन की तरफ प्रगति क्रम को सुगम बनाते हैं, इसे कहा जाता है-

  • समीपस्थ विकास
  • सहभागी अधिगम
  • सहयोग देना
  • सहयोगात्मक अधिगम

उत्तर: 3

प्रश्न. नवीन जानकारी को शामिल करने के लिए वर्तमान स्कीमा (अवधारणा) में बदलाव की प्रकिया … कहलाती है।

  • अनुकूलन
  • आत्मसात्करण
  • समायोजन
  • अहंकेंद्रिता

उत्तर: 3

प्रश्न. मध्य बाल्यावस्था में भाषा ……….के बजाय …… अधिक है।

  • अहंकेंद्रित, समाजीकृत
  • समाजीकृत, अहंकेंद्रित
  • जीववादी, समाजीकृत
  • परिपक्व, अपरिपक्व

उत्तर: 2

प्रश्न. पियाजे के अनुसार, 2 से 7 वर्ष के बीच का एक बच्चा संज्ञानात्मक विकास की ………. अवस्था में है?

  • पूर्व-संक्रियात्मक
  • मूर्त-संक्रियात्मक
  • औपचारिक संक्रियात्मक
  • संवेदी-गतिक

उत्तर: 1

प्रश्न. विकास ……… से ………. की ओर बढ़ता है।

  • सामान्य-विशिष्ट
  • विशिष्ट सामान्य
  • जटिल-कठिन
  • साधारण-आसान

उत्तर: 1

प्रश्न. शैशवकाल की अवधि है-

  • जन्म से 1 से वर्ष तक
  • जन्म से 3 वर्ष तक
  • जन्म से 2 वर्ष तक
  • 2 से 3 वर्ष तक

उत्तर: ?

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