Haryana HTET Child Development And Pedagogy Practice Set 04 | बाल विकास एवं शिक्षा शास्त्र के 50 महत्वपूर्ण प्रश्नों का संग्रह, अवश्य पढ़ें

Haryana HTET Child Development And Pedagogy Practice Set 04 : बोर्ड ऑफ एजुकेशन, हरियाणा भिवानी द्वारा शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) का आयोजन नवंबर माह के 12 तथा 13 तारीख को होना तय हुआ था। लेकिन इस परीक्षा को आयोग द्वारा टाल दिया गया। अब इस परीक्षा का आयोजन 3 तथा 4 दिसम्बर 2022 को किया जाएगा। परीक्षा होने में बहुत कम दिन ही शेष बचे हुए हैं , उम्मीदवारों को अपनी तैयारी को और तेज कर डेम चाहिए। तथा आयोग द्वारा जल्द ही इस परीक्षा का एडमिट कार्ड भी जारी कर दिया जाएगा।

ऐसे में आज हम इस लेख के माध्यम से बाल विकास एवं शिक्षा शास्त्र के 50 महत्वपूर्ण प्रश्नों को लेकर आये हैं जो की परीक्षा दृष्टि से बेहद उपयोगी है जिसे उम्मीदवार को एक बार अवश्य पढ़ना चाहिए।

Haryana HTET Child Development And Pedagogy Practice Set 04
Haryana HTET Child Development And Pedagogy Practice Set 04

Haryana HTET Child Development And Pedagogy Practice Set 04

प्रश्न. सीखने की प्रक्रिया को प्रभावित करने वाले कारक हैं

  • अनुकरण
  • प्रतियोगिता
  • प्रशंसा एवं निन्दा
  • उपर्युक्त सभी

उत्तर: 4

प्रश्न. बालकों के सीखने में प्रेरणा को किस रूप से उपयोगी माना जाता है?

  • बालक की वैयक्तिकता का आदर
  • पुरस्कार एवं दंड
  • प्रशंसा एवं भर्त्सना
  • उपरोक्त सभी

उत्तर: 4

प्रश्न. निम्नलिखित में से किस एक से शिशु के अधिगम को सहायता नहीं मिलती है?

  • अनुकरण
  • अभिप्रेरणा
  • पुरस्कार
  • स्कूल का बस्ता

उत्तर: 4

प्रश्न. मां-बाप के साये से बाहर निकल अपने साथी बालकों की संगत को पसंद करना संबंधित है

  • किशोरावस्था से
  • पूर्व बाल्यावस्था से
  • उत्तर बाल्यावस्था से
  • शैशव अवस्था से

उत्तर: 4

प्रश्न. सीखने का प्राथमिक मूलभूत नियम संबंधित है

  • परिणाम की अपेक्षा से
  • अभ्यास कार्य से
  • प्रशंसा से
  • तत्परता से

उत्तर: 4

प्रश्न. मानसिक परिपक्वता की ऊंचाई को छूने के लिए प्रयत्नरत रहना संबंधित है

  • किशोर अवस्था से
  • प्रौढ़ अवस्था से
  • पूर्व बाल्य अवस्था से
  • उत्तर बाल्य अवस्था से

उत्तर: 1

प्रश्न. स्व-केन्द्रित अवस्था होती है बालक के

  • जन्म से 2 वर्ष तक
  • 3 से 6 वर्ष तक
  • 7 वर्ष से किशोरावस्था तक
  • किशोरावस्था में

उत्तर: 2

प्रश्न. आप एक अति सक्रिय बालक को कैसे सही दिशा में लाएंगे?

  • उसे पहली पंक्ति में बैठाएंगे तथा उस पर कड़ी नजर रखेंगे
  • उसे कक्षा के कोने मैं बैठने की जगह निर्धारित करेंगे
  • उसे श्यामपट्ट आदि साफ करने का काम देंगे
  • इनमें से कोई नहीं

उत्तर: 3

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प्रश्न. प्रथक-प्रथक समजातीय समूहों के व्यक्तियों के प्रति बच्चों की अभिवृत्ति साधारणतया आधारित होती है-

  • उनके अभिभावकों की चित्तवृत्ति पर
  • उनमें समकक्षियों की अभिवृति पर
  • दूरदर्शन के प्रभाव पर
  • उनके सहोदरों की अभिवृत्ति पर

उत्तर: 1

प्रश्न. कक्षा में विद्यार्थियों की रुचि बनाए रखने के लिए एक शिक्षक को उचित है-

  • श्यामपट्ट का प्रयोग करना
  • चर्चा करना
  • कहानी कहना
  • प्रश्न पूछना

उत्तर: 3

प्रश्न. विद्यार्थियों को विद्यालय में खेलना क्यों उचित है?

  • यह उन्हें शारीरिक रूप से सशक्त बनाएगा
  • यह शिक्षकों के लिए काम आसान करेगा
  • यह समय बिताने में सहायक होगा
  • यह सहयोग एवं शारीरिक संतुलन का विकास करेगा

उत्तर: 4

प्रश्न. परिवार एक साधन है-

  • अनौपचारिक शिक्षा का
  • औपचारिक शिक्षा का
  • गैर-औपचारिक शिक्षा का
  • दूरस्थ शिक्षा का

उत्तर: 4

प्रश्न. आपको अपनी कक्षा में दो मंदबुद्धि बच्चों को बैठाने के लिए बोला गया है। आप-

  • उन्हें अपने विद्यार्थी के रूप में ग्रहण करने से इंकार करेंगे।
  • प्रधानाध्यापक को उन्हें किसी और कक्षा जो कि मंद बुद्धि बालकों के लिए विशेष रूप से चिह्नित है, में बैठाने के लिए बोलेंगे।
  • ऐसे को सिखाने की तकनीक सीखेंगें।
  • इनमें से कोई नहीं।

उत्तर: 3

प्रश्न. एक शिक्षक को साधन संपन्न होना चाहिए। इसका अर्थ है-

  • उनके पास पर्याप्त धन-संपदा होनी चाहिए ताकि उसे शिक्षण देने की जरूरत न पड़े।
  • उनका अधिकारियों के उच्च स्तर से संपर्क होना चाहिए।
  • उनका अपने विद्यार्थियों की समस्याओं को हल करने का पर्याप्त ज्ञान होना चाहिए।
  • विद्यार्थियों के बीच उनकी प्रसिद्धि होनी चाहिए।

उत्तर: 3

प्रश्न. बच्चों में संवेगात्मक समायोजन प्रभावी होता है-

  • व्यक्तित्व निर्माण में
  • अनुशासन में
  • कक्षा शिक्षण में
  • इनमें से सभी

उत्तर: 4

प्रश्न. एक शिक्षक विद्यार्थियों में सामाजिक मूल्यों को विकसित कर सकता है।-

  • महान व्यक्तियों के बारे में बोलकर ।
  • अनुशासन की अनुभूति को विकसित कर ।
  • आदर्श रूप से बर्ताव कर ।
  • उन्हें अच्छी कहानियां सुनाकर।

उत्तर: 3

प्रश्न. एक शिक्षक के लिए सबसे महत्वपूर्ण क्या है?

  • कक्षा में अनुशासन बनाए रखना
  • कक्षा में समयानुवर्ती होना
  • विद्यार्थियों की कठिनाइयों को दूर करना
  • एक सुवक्ता होना

उत्तर: 3

प्रश्न. वह स्तर जिसमें बच्चा किसी वस्तु एवं घटना के बारे में तार्किक रूप से सोचना शुरु करता है, कहा जाता है-

  • संवेदन प्रणोद अवस्था।
  • औपचारिक क्रियात्मक अवस्था ।
  • पूर्व क्रियात्मक अवस्था।
  • मूर्त क्रियात्मक अवस्था।

उत्तर: 4

प्रश्न. …….. को अनुप्रेरित शिक्षण के एक संकेत के रूप में विवेचित किया जाता है।

  • कक्षा में अधिगम उपस्थिति
  • शिक्षक द्वारा दिया गया उपचारात्मक कार्य
  • विद्यार्थियों द्वारा प्रश्न पूछना
  • कक्षा में पूर्ण नीरवता

उत्तर: 3

प्रश्न. बचपन का सांप्रतिक दृष्टिकोण की मान्यता है-

  • बहुत तरीके से बच्चे प्राप्तवयस्कों के बराबर होते हैं।
  • बच्चों को युवा प्राप्तवयस्कों के रूप में सबसे अच्छा माना जाता है।
  • बचपन आधारिक रूप से ‘प्रतीक्षा अवधि’ है।
  • बचपन वृद्धि एवं परिवर्तन की अनूठी अवधि है।

उत्तर: 4

प्रश्न. एक प्रमाणीकृत पठन परीक्षण लेने के लिए पांचवीं कक्षा को प्रस्तुत करने में शिक्षक को अधिकाधिक परामर्श दिया जाता है,कि-

  • बच्चों को बोलना कि परीक्षण बहुत महत्वपूर्ण है तथा वह उसमें सबसे अच्छा प्रदर्शन करेगा।
  • पूर्ववर्ती परीक्षा से प्रधान प्रश्नों को चिह्नित करना एवं छात्रों को उन्हें उत्तर देने की अनुमति देना।
  • निम्न कोटि के पाठकों को प्रशिक्षण देना ताकि कक्षा के शेष बच्चे किसी भी तरीके से अच्छा करें।
  • परीक्षण में आने वाले समान प्रकार के प्रश्नों के उत्तर देने के लिए छात्रों को अभ्यास कराना।

उत्तर: 4

प्रश्न. बच्चों के बौद्धिक विकास के चार सुस्पष्ट स्तरों को पहचाना गया था-

  • कोलबर्ग द्वारा
  • स्किनर द्वारा
  • एरिक्सन द्वारा
  • पियाजे द्वारा

उत्तर: 4

प्रश्न. अल्प वयस्क बच्चों के अधिगम प्रक्रम में अभिभावकों की भूमिका होनी चाहिए-

  • निषेधात्मक
  • अग्र सक्रिय
  • संवेदनात्मक
  • उदासीन

उत्तर: 3

प्रश्न. बच्चों के संज्ञानात्मक विकास को सबसे अच्छे तरीके से कहां परिभाषित किया जा सकता है?

  • ऑडिटोरियम में
  • खेल के मैदान में
  • विद्यालय एवं कक्षा में
  • गृह में

उत्तर: 3

प्रश्न. असंगठित घर से आने वाला बच्चा सबसे अधिक कठिनाई का अनुभव करेगा-

  • सुनिर्मित पाठों में
  • स्वतंत्र अध्ययन में
  • नियोजित निर्देश में
  • अभ्यास पुस्तिकाओं में

उत्तर: 2

प्रश्न. आप देखते हैं कि एक छात्र बुद्धिमान है। आप-

  • उसके साथ संतुष्ट रहेंगे।
  • उसे अतिरिक्त गृहकार्य नहीं देंगे।
  • वह जैसे अधिक प्रगति कर सके उस तरह उसे अनुप्रेरित करेंगे।
  • उसके अभिभावकों को सूचित करेंगे कि वह बुद्धिमान है।

उत्तर: 3

प्रश्न. यदि कुछ विद्यार्थी कक्षा में अध्ययन की चित्तवृत्ति में नहीं हैं, तो आप

  • उन्हें अध्ययन के लिए बाध्य करेंगे।
  • उन विद्यार्थियों को कक्षा छोड़ने के लिए कहेंगे।
  • उन्हें चेतावनी देंगे कि वे अवश्य करें नहीं तो आप प्रधानाध्यापक को सूचित कर देंगे।
  • उन्हें उनकी रुचि अथवा आप अपने विषय के अनुसार रुचिपूर्ण चीजें बताएंगे।

उत्तर: 4

प्रश्न. शिक्षा की किण्डरगार्टेन पद्धति का प्रतिपादन किया

  • टी.पी नन ने
  • फ्रोबेल ने
  • स्पेंसर ने
  • मॉन्टेसरी ने

उत्तर: 2

प्रश्न. एक अभिभावक आपसे विद्यालय में मिलने के लिए कभी नहीं आता है। आप

  • बच्चे की उपेक्षा करेंगे।
  • अभिभावक को लिखेंगे।
  • आप स्वयं उनसे मिलने जाएंगे।
  • बच्चे को दंड देना शुरु करेंगे।

उत्तर: 3

प्रश्न. निम्न कक्षाओं में शिक्षण की खेल विधि आधारित है।

  • शारीरिक शिक्षा कार्यक्रमों के सिद्धांत पर
  • शिक्षण की विधियों के सिद्धांत पर
  • विकास एवं वृद्धि के मनोवैज्ञानिक सिद्धांत पर
  • शिक्षण के सामाजिक सिद्धांतों पर

उत्तर: 3

प्रश्न. श्यामपटट को शिक्षण साधन सामग्री के किस समूह में अन्तर्भुक्त किया जा सकता है?

  • श्रव्य साधन
  • दृश्य साधन
  • दृश्य-श्रव्य साधन
  • इनमें से कोई नहीं

उत्तर: 2

प्रश्न. निम्न में से कौन शिक्षण कुशलता से सम्बन्धित है?

  • श्यामपटट पर लिखना
  • प्रश्नों को हल करना
  • प्रश्न पूछना
  • इनमें से सभी

उत्तर: 4

प्रश्न. कक्षा में जो विद्यार्थी प्रश्न पूछते हैं, उन्हें

  • कक्षा के बाद शिक्षक से मिलने की सलाह दी जाए।
  • कक्षा चर्चा में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।
  • लगातार प्रश्न पूछने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए।
  • स्वतंत्र रूप से उत्तर ढूंढने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए।

उत्तर: 3

प्रश्न. विशेष रूप से जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा का प्रबंध होना चाहिए

  • दूसरे सामान्य बच्चों के साथ
  • विशेष विद्यालयों में विशेष बच्चों के लिए विकसित विधियों द्वारा
  • विशेष विद्यालय में
  • विशेष विद्यालयों में विशेष शिक्षकों द्वारा

उत्तर: 1

प्रश्न. अधिगम के प्रक्रम में अभिप्रेरण

  • सीखने वालों की स्मृति को तेज बनाता है।
  • पुराने अधिगम से नए अधिगम को विभेदित करता है।
  • एकदिशीय रूप से सोचने में सीखने वालों को प्रस्तुत करता है।
  • नए सीखने वालों में अधिगम के लिए रुचि का सृजन करता है

उत्तर: 4

प्रश्न. आकलन उद्देश्यपूर्ण होता है। यदि

  • इससे विद्यार्थियों में भय और तनाव का संचार हो।
  • इससे विद्यार्थियों और शिक्षकों को प्रतिपुष्टि (फीडबैक) प्राप्त हो।
  • यह केवल एक बार वर्ष के अंत में हो।
  • विद्यार्थियों की उपलब्धियों में अंतर करने के लिए तुलनात्मक मूल्यांकन किए जाएं।

उत्तर: 2

प्रश्न. राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (एन.सी.एफ.) 2005 के अनुसार, शिक्षक की भूमिका है-

  • सत्तावादी
  • अधिनायकीय
  • अनुमतिपरक
  • सुविधादाता

उत्तर: 4

प्रश्न. अनुसंधान सुझाते हैं कि एक विविध कक्षा में अपने विद्यार्थियों से शिक्षिका की अपेक्षाएं विद्यार्थियों के अधिगम-

  • पर महत्वपूर्ण प्रभाव छोड़ती हैं।
  • का एकमात्र निर्धारक होती हैं।
  • के साथ संबंधित नहीं मानी जानी चाहिए।
  • पर कोई प्रभाव नहीं छोड़ती।

उत्तर: 1

प्रश्न. कक्षा पांच के न्यून दृष्टि वाले बच्चे को

  • निम्न स्तर के कार्य करने के लिए माफ करना उचित है।
  • उसके दैनिक कार्य में उसके माता-पिता तथा मित्रों को सहायता करनी चाहिए
  • कक्षा सामान्य रूप से बर्ताव करना चाहिए एवं ऑडियो सीडी के जरिए सहायता प्रदान करनी चाहिए
  • कक्षा में विशेष बर्ताव करना चाहिए

उत्तर: 3

प्रश्न. लेव वाइगोत्स्की के समाज संरचना सिद्धांत में दृढ़ विश्वास रखने वाले शिक्षक के नाते आप अपने बच्चों के आकलन के लिए निम्नलिखित में से किस विधि को वरीयता देंगे?

  • सहयोगी प्रोजेक्ट
  • मानकीकृत परीक्षण
  • तथ्यों पर आधारित प्रत्यास्मरण के प्रश्न
  • वस्तुपरक बहुविकल्पीय प्रकार के प्रश्न

उत्तर: 1

प्रश्न. अपनी कक्षा की वैयक्तिक भिन्नताओं से निपटने के लिए शिक्षक को चाहिए कि-

  • शिक्षण और आकलन के समान और मानक तरीके हों।
  • बच्चों को उनके अंकों के आधार पर अलग कर उनको नामित करे।
  • बच्चों से बातचीत करें और उनके दृष्टिकोण को महत्व दे।
  • विद्यार्थियों के लिए कठोर नियमों को लागू करें।

उत्तर: 3

प्रश्न. विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को शामिल करना-

  • एक काल्पनिक लक्ष्य है।
  • जिनमें अक्षमता न हो उन बच्चों के लिए हानिकारक है।
  • विद्यालयों पर भार बढ़ा देगा।
  • शिक्षण के प्रति दृष्टिकोण, विषय-वस्तु और धारणा परिवर्तन की अपेक्षा रखता है।

उत्तर: 4

प्रश्न. “विविध प्रकार की सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि के बच्चों से युक्त कक्षा सभी विद्यार्थियों के अधिगम अनुभवों को बढ़ाती है।” यह कथन है-

  • गलत, क्योंकि यह बच्चों के लिए दुविधा उत्पन्न कर सकता है और वे स्वयं को अलग-अलग महसूस कर सकते हैं।
  • सही, क्योंकि बच्चे अपने साथियों से अनेक कौशल सीखते हैं।
  • सही, क्योंकि इससे कक्षा अधिक श्रेणीबद्ध दिखाई देती है।
  • गलत, क्योंकि यह अनावश्यक स्पर्धा की ओर ले जाता है।

उत्तर: 2

प्रश्न. सुनने में असमर्थ बच्चा-

  • श्रवण असमर्थता वाले बच्चों के विद्यालय में ही भेजा जाना चाहिए, नियमित विद्यालय में नहीं।
  • केवल अकादमिक शिक्षा से लाभ नहीं उठा पाएगा, उसे उसके स्थान पर व्यावसायिक शिक्षा दी जानी चाहिए।
  • नियमित विद्यालय में बहुत अच्छा कर सकता है, यदि उसे उपयुक्त सुविधा और साधन उपलब्ध कराए जाएं।
  • नियमित विद्यालय में अपने सहपाठियों के समान कभी प्रदर्शन नहीं कर सकेगा।

उत्तर: 3

प्रश्न. प्राथमिक विद्यालय के बच्चे उस वातावरण में सबसे प्रभावी ढंग से सीखेंगे-

  • जहां उनकी संवेगात्मक आवश्यकताओं की पूर्ति होती है। और वे अनुभव करते हैं कि वे महत्वपूर्ण हैं।
  • जहां शिक्षक एकाधिकारवादी है और स्पष्ट आदेश देता है कि क्या किया जाना चाहिए।
  • जहां मूलरूप से पढ़ने, लिखने और गणित की संज्ञानात्मक कुशलताओं पर ही ध्यान का केंद्र होता है और बल दिया जाता है।
  • जहां शिक्षक सारे अधिगमों में आगे होता है और विद्यार्थियों से निष्क्रिय रहने की अपेक्षा करता है।

उत्तर: 1

प्रश्न. कोई शिक्षिका अपने विद्यार्थियों को क्या कहे कि उन्हें भीतरी प्रेरणा के साथ कार्य करने के लिए प्रोत्साहित कर सके ?

  • “चलो, इसे उसके करने से पहले समाप्त कर लो। “
  • “तुम उसके जैसे क्यों नहीं हो सकते? देखो, उसने इसे एकदम ठीक कर दिया।”
  • “काम जल्दी पूरा करो, तो तुम्हें एक टॉफी मिलेगी।”
  • ” इसे करने की कोशिका करो, तुम सीख जाओगे । “

उत्तर: 4

प्रश्न. कोई शिक्षिका अपने विद्यार्थियों को अध्ययन के लिए अध्ययन करने हेतु आंतरिक रूप से उत्प्रेरित करने के लिए कैसे प्रोत्साहित कर सकती है?

  • उनमें चिंता और डर पैदा करके
  • प्रतियोगितात्मक परीक्षण से
  • व्यक्तिगत लक्ष्य निर्धारित करने और उनमें निपुणता पाने में उन्हें मदद देकर
  • साफ दिखाई पड़ने वाले इनाम देकर, जैसे-टॉफी

उत्तर: 3

प्रश्न. निम्नलिखित में से कौन-सी विशेषता प्रतिभावान शिक्षार्थी की है?

  • वह आक्रामक और कुंठित हो जाता है।
  • यदि कक्षा की गतिविधियां अधिक चुनौतीपूर्ण नहीं होती हैं, तो वह कम प्रेरित अनुभव करता है और ऊब जाता है।
  • वह बहुत ही तुनकमिजाज होता है।
  • वह रस्मी व्यवहार करता है जैसे-हाथ, थपथपाना, डोलना आदि।

उत्तर: 2

प्रश्न. एक शिक्षिका अपनी प्राथमिक कक्षा में प्रभावी अधिगम को बढ़ा सकती है-

  • अधिगम में छोटी-छोटी उपलब्धियों के लिए पुरस्कार देकर
  • ड्रिल और अभ्यास के द्वारा
  • अपने विद्यार्थियों में प्रतियोगिता को प्रोत्साहन देकर
  • विषय-वस्तु को विद्यार्थियों के जीवन के साथ संबंधित करके

उत्तर: 4

प्रश्न. विद्यार्थियों में संप्रत्ययात्मक विकास को प्रोत्साहन देने के लिए निम्नलिखित में से कौन-सी विधि सबसे प्रभावी है?

  • पुराने प्रत्ययों से किसी संदर्भ में बिना नए प्रत्ययों को अपने आप समझना जाना चाहिए।
  • याद करने के लिए कहकर विद्यार्थियों के गलत विचारों को सही विचारों में बदलना।
  • विद्यार्थियों को बहुत-से उदाहरण देना और उन्हें तर्कशक्ति का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित करना।
  • जब तक विद्यार्थियों में वांछित संप्रत्ययात्मक परिवर्तन न हो जाए, तब तक दंड का उपयोग करना।

उत्तर: 3

प्रश्न. डिस्लेक्सिया संबंधित है

  • मानसिक विकार से
  • पठन विकास से
  • गणितीय विकास से
  • व्यावहाकरिक विकास से

उत्तर: ?

इस प्रश्न का सही उत्तर क्या होगा? हमें अपना जवाब कमेंट सेक्शन में जरूर दें।

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