UPTET/CTET हिंदी भाषा प्रैक्टिस सेट 62 : विगत वर्षों के इन 30 महत्वपूर्ण प्रश्नों पर डालें एक नज़र

CTET/UPTET Hindi Language Practice Set 62 : CTET की परीक्षा प्रारंभ हो चुकी है जो कि 13 जनवरी तक चलने वाली है, इस परीक्षा की तैयारी अभ्यर्थी कई महीनों से कर रहें है ताकि परीक्षा में बेहतर अंक प्राप्त कर सकें। CTET की परीक्षा ऑनलाईन माध्यम द्वारा कराई जा रही है। UPTET परीक्षा तिथि की घोषणा हो चुकी है, जो कि 23 जनवरी 2022 को आयोजित कराई जाएगी।

ऐसे में इस लेख के माध्यम से हम आपको UPTET/CTET के परीक्षा में पूछे गए विगत वर्षों के हिंदी भाषा के 30 महत्वपूर्ण प्रश्नों से अवगत कराएंगे, जिसका अध्ययन कर के आप अपनी तैयारी को और भी मजबूत बना सकतें हैं।

CTET/UPTET Hindi Language Practice Set 62
CTET/UPTET Hindi Language Practice Set 62

CTET/UPTET Hindi Language Practice Set 62

प्रश्न: कविता-शिक्षण का प्रमुख अंग है

  • भावबोध
  • सरलार्थ बोध
  • शब्दार्थ बोध
  • पठन बोध

उत्तर : 1

प्रश्न : वह कौन-सा वाचन है, जो गद्य में प्रयुक्त होता है, परन्तु पद्य में नहीं ?

  • मौन वाचन
  • अनुकरण वाचन
  • आदर्श वाचन
  • समवेत वाचन

उत्तर : 1

प्रश्न : छोटे बालकों की कल्पना शक्ति का विकास करने का सर्वाधिक उपयुक्त माध्यम है

  • महापुरुषों की जीवनियाँ
  • परियों की कहानियाँ
  • रसानुभूति की कविताएँ
  • पौराणिक कथाएँ

उत्तर : 2

प्रश्न : प्राथमिक स्तर पर छात्रों की भाषायी क्षमताओं का विकास करने का अर्थ है।

  • भाषिक नियमों पर अधिकार
  • भाषिक संरचनाओं पर अधिकार
  • भाषा प्रयोग की कुशलता पर अधिकार
  • भाषा अनुकरण की कुशलता पर अधिकार

उत्तर : 3

प्रश्न : भाषा कौशल की शिक्षण विधि है

  • अनुकरण विधि
  • भाषा प्रयोगशाला
  • सामूहिक विधि
  • ये सभी

उत्तर : 4

प्रश्न : ‘देखो और लिखो’ शिक्षण विधि प्रयुक्त करते हैं

  • मौखिक रचना में
  • निबन्ध रचना में
  • शुद्ध अभिव्यक्ति में
  • ये सभी

उत्तर : 2

निर्देश निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए निम्नलिखित चार प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प का चयन कीजिए।

         प्राचीन और मध्यकालीन आर्य भाषाओं-संस्कृत, प्राकृत, अपभ्रंश का क्षेत्र सार्वदेशिक था, जिस रूप में वे उपलब्ध हैं, उस रूप में उनका व्याकरणिक ढाँचा भी अलग था। इन भाषाओं में प्रादेशिक निष्ठा नहीं थी, किन्तु जातीय भाषाओं में यह निष्ठा बढ़ी। संस्कृत से प्राकृत, प्राकृत से अपभ्रंश और अपभ्रंश से उत्तर भारत की आधुनिक आर्य भाषाओं का विकास हुआ। ऐसा विश्वास किया जाता रहा है और इसके लिए सिद्धान्त भी गढ़े गए थे, किन्तु अब यह धारणा कि हिन्दी या बांग्ला आदि अपभ्रंश से निकली, खण्डित हो चुकी है। जातीय भाषाओं ने संस्कृत और अपभ्रंश से बहुत कुछ लिया है। हिन्दी ने उनकी विरासत को सबसे अधिक ग्रहण किया विशेष रूप से अपभ्रंश की विरासत को। शब्द-समूह, उच्चारण तथा व्याकरणिक ढाँचे के अलग होने से अपभ्रंश साहित्य को हिन्दी साहित्य का अंग नहीं माना जा सकता, किन्तु नैरन्तर्य के लिए उसका अध्ययन आवश्यक है।

प्रश्न : संस्कृत का क्षेत्र किस सीमा तक विस्तृत था?

  • प्रादेशिक
  • सार्वदेशिक
  • मध्यदेशीय
  • क्षेत्रीय

उत्तर : 2

प्रश्न : संस्कृत से सीधा सम्बन्ध किस भाषा का है?

  • प्राकृत
  • आधुनिक भारतीय भाषाएँ
  • हिन्दी
  • अपभ्रंश

उत्तर : 1

प्रश्न : अपभ्रंश को हिन्दी साहित्य का अंग न मानने के लिए क्या आधार है

  • शब्द-समूह की भिन्नता
  • व्याकरणिक ढाँचे में भिन्नता
  • उच्चारण में भिन्नता
  • ये सभी

उत्तर : 4

प्रश्न : सांस्कृतिक नैरन्तर्य के लिए किसका अध्ययन आवश्यक है?

  • संस्कृत
  • अपभ्रंश
  • प्राकृत
  • हिन्दी

उत्तर : 2

प्रश्न : ‘गाथा सप्तशती’ किस भाषा की रचना है?

  • संस्कृत
  • ब्रजभाषा
  • प्राकृत
  • हिन्दी

उत्तर : 3

प्रश्न : ‘ईप्सित’ शब्द का विलोम बताइए

  • अनीप्सित
  • अवप्सित
  • अईप्सित
  • अनईप्सित

उत्तर : 1

प्रश्न : वह व्यक्ति जिसके हृदय में भाव उत्पन्न होता है उसे कहते हैं

  • विभाव
  • आलम्बन
  • उद्दीपन
  • आश्रय

उत्तर : 4

प्रश्न : ‘शब्द’ का लोक-प्रसिद्ध अर्थ कहलाता है

  • वाच्यार्थ
  • व्यंग्यार्थ
  • लक्ष्यार्थ
  • इनमें से कोई नहीं

उत्तर : 1

प्रश्न : ‘रीतिरात्मा काव्यस्य’ उक्ति किस आचार्य की है?

  • दण्डी
  • वामन
  • भामह
  • मम्मट

उत्तर : 2

प्रश्न : संचारी भावों की संख्या है।

  • 30
  • 32
  • 33
  • 35

उत्तर : 3

प्रश्न : ‘दध्योदन’ शब्द में कौन-सी सन्धि है?

  • अयादि सन्धि
  • दीर्घ सन्धि
  • यण सन्धि
  • वृद्धि सन्धि

उत्तर : 3

प्रश्न : ‘सुन्दर है विहग सुमन सुन्दर मानव तुम सबसे सुन्दरतम’ उक्त पंक्ति किस कवि की हैं?

  • जयशंकर प्रसाद
  • सुमित्रानन्दन पन्त
  • निराला
  • मैथिलीशरण गुप्त

उत्तर : 2

प्रश्न : निम्नांकित में अल्पप्राण ध्वनि है

प्रश्न : 1

प्रश्न : ‘लंगोटी में फाग खेलना’ मुहावरे का सही अर्थ है

  • आनन्दमय जीवन जीना
  • दरिद्रता में आनन्द लूटना
  • मौज मस्ती करना
  • दयनीय होना

उत्तर : 2

प्रश्न : ‘सभागार में बहुत आदमी थे। वाक्य है

  • गुणवाचक
  • सार्वनामिक
  • निश्चित परिणामवाचक
  • अनिश्चित परिणामवाचक

उत्तर : 4

प्रश्न : ‘मूँड़ पै मुकुट धरे सोहत है गोपाल’ पद में कौन-सा काव्य-दोष है?

  • ग्राम्यत्व
  • क्लिष्टत्व
  • अश्लीलत्व
  • श्रुति कटुत्व

उत्तर : 1

प्रश्न : ‘सरहपा’ का सम्बन्ध निम्नांकित में से किससे है?

  • जैन काव्य
  • सिद्ध साहित्य
  • नाथ साहित्या
  • रासो काव्य

उत्तर : 2

प्रश्न : भरत मुनि के रस सूत्र में निम्नलिखित में से किसका उल्लेख नहीं है?

  • स्थायी भाव
  • अनुभाव
  • शान्त रस
  • व्यभिचारी भाव

उत्तर : 1

प्रश्न : अमृतलाल नागर के जीवनीपरक उपन्यास ‘मानस का हंस’ में किसके जीवन का चित्रण किया गया है?

  • सूरदास
  • तुलसीदास
  • रैदास
  • मीराबाई

उत्तर : 2

प्रश्न : क्या क्या होगा साथ में क्या बताऊँ?
है ही क्या, हा आज जो मैं जताऊँ?
तो भी तुली, पुस्तिका और वीणा,
चौथी मैं हूँ, पाँचवीं तू प्रवीणा
उक्त पद में कौन-सा छन्द है?

  • मालिनी
  • शालिनी
  • भुजंगी
  • इन्द्रवज्रा

उत्तर : 2

निर्देश : नीचे दिए गए पद्यांश को पढ़कर पूछे गए निम्नलिखित चार प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प का चयन कीजिए

  द्वार खोल गृह के, किरणों से आँगन भर
  बैठा यह हेमन्त प्रातः, नीरव पृथ्वी पर
  नयन मूँद रवि की कोमल किरणों को तपता
  आने वाले प्रिय वसन्त के स्वप्न देखता 
  अब उनके आगे चुपचाप खड़े वृक्षों पर, 
  भर आएँगे पल्लव, गुंजित होगा मर्मर
  जब उसकी बंशी उसके अधरों से लगकर 
  भर देगी पुलकों की लहरों से पवनों को।

प्रश्न : ‘वसन्त के स्वप्न देखता’ पक्ति का आशय है

  • सुप्त होना
  • जाग्रत होना
  • प्रकृति से प्रेम होना
  • आशा एवं उत्साह का संचरण होना

उत्तर : 4

प्रश्न : प्रस्तुत पद्यांश का मुख्य प्रतिपाद्य है

  • प्रकृति चित्रण
  • मानवीय चित्रण
  • बसन्त का चित्रण
  • हेमन्त ऋतु की प्रातः काल का चित्रण

उत्तर : 2

प्रश्न : ‘चुपचाप खड़े वृक्ष’ किस मानवीय भाव को प्रदर्शित कर रहे हैं?

  • आलस्य का
  • तटस्थता का
  • हर्ष का
  • चिन्ता का

उत्तर : 1

प्रश्न : द्वार खोल गृह के, किरणों से आँगन भर बैठा यह हेमन्त प्रातः नीरव पृथ्वी पर ।

उक्त पंक्तियों में कौन-सा अलंकार है?

  • उपमा
  • रूपक
  • मानवीकरण
  • भ्रान्तिमान

उत्तर : ??

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