UPTET/CTET हिंदी भाषा प्रैक्टिस सेट 37 : परीक्षा में जानें से पहले विगत वर्षों के इन 30 महत्वपूर्ण प्रश्नों का करें अध्ययन

CTET/UPTET Hindi Language Practice Set 37 : CTET की परीक्षा प्रारंभ हो चुकी है जोकि 13 जनवरी तक चलने वाली है, इस परीक्षा की तैयारी अभ्यर्थी कई महीनों से कर रहें है ताकि परीक्षा में बेहतर अंक प्राप्त कर सकें। CTET की परीक्षा ऑनलाईन माध्यम द्वारा कराई जा रही है। UPTET परीक्षा तिथि की घोषणा हो चुकी है, जो कि 23 जनवरी 2022 को आयोजित कराई जाएगी।

ऐसे में इस लेख के माध्यम से हम आपको UPTET/CTET के परीक्षा में पूछे गए विगत वर्षों के हिंदी भाषा के 30 महत्वपूर्ण प्रश्नों से अवगत कराएंगे, जिसका अध्ययन कर के आप अपनी तैयारी को और भी मजबूत बना सकतें हैं।

CTET/UPTET Hindi Language Practice Set 37
CTET/UPTET Hindi Language Practice Set 37

CTET/UPTET Hindi Language Practice Set 37

प्रश्न : भाषा नियमों द्वारा नियन्त्रित…….. का माध्यम भर नहीं है, बल्कि यह हमारी सोच को भी निर्मित करती है।

  • सौन्दर्यबोध
  • सम्प्रेषण
  • संस्कृति
  • कला

उत्तर : 2

प्रश्न : पूनम अपने विद्यार्थियों को पढ़ाते समय दृश्य-श्रव्य सामग्री का प्रयोग करती है। इसका प्रमुख कारण है कि वह कक्षा के

  • सभी बच्चों की आवश्यकताओं को सम्बोधित करती है
  • सभी बच्चों को नियन्त्रण में रखती है।
  • सभी बच्चों की रुचि का ध्यान रखती है।
  • सभी बच्चों का मनोरंजन करती है।

उत्तर : 3

प्रश्न : कक्षा आठ के बच्चों का सतत् आकलन करने में सबसे अधिक महत्वपूर्ण है

  • लिखित परीक्षा
  • मौखिक परीक्षा
  • भाषा प्रयोग की क्षमता
  • व्याकरण की जानकारी

उत्तर : 3

प्रश्न : वाणी और लेखन में मूल अन्तर यह है कि लिखित भाषा….. स्तर पर देखी जाती है और….. होती है।

  • चेतन, स्वाभाविक
  • अचेतन, कालबद्ध
  • अचेतन, स्वाभाविक
  • सचेतन, कालबद्ध

उत्तर : 4

प्रश्न : भाषा-कक्षा में समावेशी वातावरण का निर्माण करने के लिए जरूरी है कि –

  • बच्चों की सभी आवश्यकताओं को पूर्ण किया जाए
  • बच्चों को विविध दृश्य-श्रव्य सामग्री उपलब्ध कराई जाए
  • बच्चों के प्रति अति उदारवादी दृष्टिकोण रखा जाए
  • बच्चों को विविध भाषाओं को पढ़ाया जाए

उत्तर : 4

प्रश्न : उच्च प्राथमिक स्तर पर हिन्दी भाषा शिक्षण का सर्वाधिक सम्बन्ध है –

  • पढ़ी सामग्री के बारे में आलोचनात्मक चिन्तन से
  • हिन्दी की व्याकरणिक व्यवस्था को जानने से
  • सृजनात्मक लेखन की अनिवार्यता से
  • हिन्दी की ध्वनियों को सिखाने से

उत्तर : 2

प्रश्न :”बच्चे की भाषा समाज के साथ सम्पर्क का ही परिणाम है ।” यह विचार किसका है?

  • पियाजे
  • चॉक्स्की
  • स्किनर
  • वाइगोत्स्की

उत्तर : 4

प्रश्न : भाषा अर्जित करने की स्थिति में बच्चे –

  • भाषिक नियमों को स्वाभाविक रूप से रटते हैं
  • कभी कोई त्रुटि नहीं करते
  • अधिकतर त्रुटियां ही करते हैं
  • भाषिक नियमों को स्वाभाविक रूप से ग्रहण करते हैं

उत्तर : 4

प्रश्न : रमेश सातवीं कक्षा में पढ़ता है। वह सामान्य बातचीत में ठीक है, लेकिन पढ़ते समय वह बार-बार अटकता है। यह सम्भवतः…….. से ग्रस्त है।

  • डिस्कैल्कुलिया
  • डिस्लैक्सिया
  • डिस्माफिया
  • डिस्फेजिया

उत्तर : 2

निर्देश: निम्नलिखित काव्यांश को पढ़कर दिए गए निम्नलिखित छः प्रश्नों के सही/सबसे उपयुक्त उत्तर वाले को चुनकर लिखिए।

      न अवरोध कोई, न बाधा कहीं है
      न संदेह कोई, न व्यवधान कोई
      बहुत दूर से हैं दिशाएँ बुलातीं 
      नहीं पथ-डगर आज अनजान कोई 
      दिशाएँ निमन्त्रण मुझे दे रही है, 
      दिगन्तर खुला सिर्फ मेरे लिए है। 
      नहीं कुछ यहाँ राह जो रोक पाए 
      न कोई यहाँ जो मुझे टोक पाए 
      अजानी हवा में उड़ा जा रहा हूँ 
      वियज गीत मेरा गगन मस्त गाए 
      हृदय में यही कह रहा बात कोई, 
      धरा और गगन सिर्फ तेरे लिए है।

प्रश्न : कवि को कौन निमन्त्रण दे रहा है?

  • दिशाएँ
  • हवा
  • गगन
  • दिगन्तर

उत्तर : 1

प्रश्न : अर्थ की दृष्टि से शेष से भिन्न शब्द छाँटिए।

  • धरा
  • डगर
  • पथ
  • राह

उत्तर : 1

प्रश्न : कवि को कोई कह रहा है कि

  • बाधाओं से दूर रहना चाहिए
  • धरती और आसमान उसके लिए है
  • लक्ष्य अभी बहुत दूर है
  • अजानी हवा में उड़ों

उत्तर : 2

प्रश्न : कविता में दो समानार्थी शब्द एक वाक्य में आए है। वह वाक्य कौन-सा है?

  • धरा और गगन सिर्फ तेरे लिए है
  • न अवरोध कोई, न बाधा कहीं है
  • न सन्देह कोई, न व्यवधान कोई
  • अजानी हवा में उड़ा जा रहा हूँ

उत्तर : 2

प्रश्न : कवि का विजय गीत कौन गा रहा है?

  • आकाश
  • दिशाएँ
  • धरती
  • हवा

उत्तर : 1

प्रश्न : ‘कोई’ शब्द व्याकरण की दृष्टि से है

  • सर्वनाम
  • विशेषण
  • अव्यय
  • क्रिया

उत्तर : 1

निर्देश : नीचे दिए गए गद्यांश को पढ़कर पूछे गए निम्नलिखित सात प्रश्नों के सही/सबसे उचित उत्तर वाले विकल्प को चुनिए ।

    शिक्षा आज दुविधा के अजब दोराहे पर खड़ी है। एक रास्ता चकाचौंध का है, मृगतृष्णा शिक्षार्थी को लोभ-लालच देकर अपनी तरफ दौड़ाते रहने को विवश करने को उतारू खड़ी है। बाजार के इन ललचाने वाले रास्तों पर आकर्षण है, चकाचौंध है और सम्मोहित कर देने वाले सपने हैं। दूसरी तरफ शिक्षा का साधना मार्ग है जो शांति दे सकता है, संतोष दे सकता है और हमारे आत्मतत्त्व को प्रबल करता हुआ विमल विवेक दे सकता है। निश्चित ही वह मार्ग श्रेयस्कर है, मगर अपनी ओर आकर्षित करने वाले बाजार का मार्ग प्रेयस्कर है। इस दोराहे पर खड़ा शिक्षार्थी बाजार को चुन लेता है। लाखो करोड़ों लोग आज इसी रास्ते के लालच में आ गए हैं और शिक्षा के भँवरजाल में फँस गए हैं। बाजार की खूबी यही है कि वह फँसने का अहसास किसी को नहीं होने देता और मनुष्य लगातार फँसता चला जाता है। किसी को यह महसूस नहीं होता कि वह दलदल में है बल्कि महसूस वह होता है कि बाजार द्वारा दिए गए पैकेज के कारण वह सुखी है। अब यह अलग बात है कि सच्चा सुख क्या है? और सुख का भ्रम क्या है? जरूरत विचार करने का है। सवाल यह है कि बाजार विचार करने का भी अवकाश देता है या कि नहीं।

प्रश्न : गद्यांश के अनुसार लोग बाज़ार को चुनते हैं, क्योंकि

  • लोगो के पास धन-संपत्ति की कमी है
  • लोग बाजार से प्रेम करते हैं
  • सभी लोग लालची हैं
  • बाज़ार में आकर्षण है

उत्तर : 4

प्रश्न : गद्यांश के आधार पर कहा जा सकता है कि

  • लोग सांसारिक जीवन जीना पंसद करते हैं
  • लोग दूसरों को ठगने में आनंदित होते हैं
  • भौतिकवादी सोच हावी नहीं हो रही है
  • भौतिकवादी सोच हावी हो रही है

उत्तर : 4

प्रश्न : लेखक ने शिक्षा के संदर्भ में किस बात को महत्व दिया है?

  • विवेक को
  • बाजार को
  • साधना को
  • शिक्षार्थी को

उत्तर : 1

प्रश्न : “दूसरी तरफ शिक्षा का साधना मार्ग हैं”- तो पहली तरफ क्या है?

  • एक अच्छा पैकेज और सुख-शांति
  • दलदल में फंसे होने का अहसास
  • दुविधा का दोराहा और भटकाव
  • बाजार की चाकाचौंध, सम्मोहन और सपने

उत्तर : 4

प्रश्न : निम्न में से कौन-सी विशेषता बाजार की नहीं है?

  • बाज़ार सुखी होने का भ्रम पैदा करता है।
  • बाज़ार लोगों को सुख-शांति देता है।
  • बाज़ार लोगों को अपने आकर्षण से बाँधता है।
  • बाज़ार एक दलदल की तरह है।

उत्तर : 2

प्रश्न : ‘आकर्षण’ का विलोम शब्द है

  • उत्कर्ष
  • विकर्षण
  • गुरुत्वाकर्षण
  • संघर्षण

उत्तर : 2

प्रश्न : ‘मृगतृष्णा’ का तात्पर्य है

  • देर से लगी हुई प्यास का एहसास
  • किसी को फँसाने का षड्यंत्र
  • हिरनों की प्यास का सामूहिक नाम
  • दूर से ललचाने वाली वस्तु का भ्रम

उत्तर : 4

प्रश्न : भाषा-शिक्षण के संदर्भ में ‘बहुभाषी कक्षा’ से तात्पर्य है कक्षा में

  • भिन्न-भिन्न भाषाओं में कहानी-कविता के चार्ट आदि की उपलब्धता
  • कम-से-कम दो भाषाओं में शब्दकोश की आवश्यकता
  • अधिकाधिक भाषाओं की पुस्तकों की उपलब्धता
  • सभी बच्चों को अपनी-अपनी भाषा में बोलने के अवसरों की उपलब्धता

उत्तर : 4

प्रश्न : व्याकरण के ज्ञान का मुख्य उद्देश्य है

  • भाषा-प्रयोग में व्याकरण का ध्यान रखना
  • भाषा-प्रयोग में अतिशुद्धतावादी होना
  • व्याकरणिक बिन्दुओं की परिभाषा याद करना
  • व्याकरणिक तत्वों की सूची बनाना

उत्तर : 1

प्रश्न : उच्च प्राथमिक स्तर पर लेखन क्षमता का आकलन करते समय आप किस बिन्दु को सर्वाधिक महत्त्व देंगे?

  • मिश्रित वाक्य-संरचना
  • विचारों की मौलिकता
  • वर्तनीगत शुद्धता
  • तत्सम शब्दावली

उत्तर : 1

प्रश्न : सीखने-सिखाने की प्रक्रिया के संदर्भ में आप किस कथन से सहमत हैं?

  • एक कक्षा में हम जो सीखते हैं उसके सभी अंश अगली कक्षा के लिए अनिवार्य बुनियाद होते हैं।
  • बच्चों को किन्हीं अवधारणाओं को न सीखने के कारण फेल करके रोकना उचित ही है।
  • जो बच्चे पिछली कक्षा की बातें नहीं सीख पाए हैं, वे अगली कक्षा में और पिछड़ जाएँगे अतः उन्हें उसी कक्षा में रोक देना चाहिए।
  • जो बच्चे किसी कक्षा में सीख नहीं पाए हैं, उन्हें फेल करके रोकने से भी जरूरी नहीं कि वे सीख जाएँ।

उत्तर : 1

प्रश्न : कक्षा 8 के लिए पाठ्य पुस्तक का निर्माण करते समय महत्वपूर्ण है

  • प्रसिद्ध लेखकों की रचनाएँ
  • विधागत विविधता होना
  • पाठों की संख्या सीमित होना
  • सभी व्याकरणिक तत्त्वों का समावेश

उत्तर : 2

प्रश्न : अनुस्वार एवं अनुनासिक का प्रयोग करने संबंधी त्रुटियों को दूर किया जा सकता है

  • छपी सामग्री से समृद्ध वातावरण देकर
  • अनुस्वार वाले शब्दों की सूची बनवाकर
  • स्वयं सही उच्चारण का आदर्श प्रस्तुत कर
  • अनुनासिक के नियम बताकर

उत्तर : 3

प्रश्न : शैक्षिक प्रक्रियाओं के मूल्यांकन के संदर्भ में आप किस कथन से सहमति प्रकट करेंगे?

  • कक्षा 8 तक विद्यार्थियों को फेल न किए जाने क प्रावधान के कारण ही विद्यार्थी सीख नहीं पा रहे हैं।
  • परीक्षा और फेल हो जाने का डर वास्तव में बच्चों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनकर काम करता है।
  • बच्चों को पास-फेल करना वास्तव में व्यवस्थागत विफलताओं को बच्चों के सिर मढ़ना है।
  • कक्षा 8 तक विद्यार्थियों को फेल नहीं करने के प्रावधान के कारण देश में शिक्षा का स्तर गिर रहा है।

उत्तर : 3

प्रश्न : पाठ्य पुस्तक को आधार बनाकर पूछे जाने वाले प्रश्न

  • स्मरण शक्ति को समृद्ध करने वाले होने चाहिए
  • पाठ की विषयवस्तु का विस्तार करने वाले होने चाहिए
  • पाठ में दिए गए तथ्यों पर ही आधारित होने चाहिए
  • लिखावट को सुंदर बनाने में सहयोगी होने चाहिए

उत्तर : ??

इस प्रश्न का सही उत्तर क्या होगा? हमें अपना जवाब कमेंट सेक्शन में जरूर दें।

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