CTET/UPTET बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र प्रैक्टिस सेट 55 : परीक्षा में बैठने से पहले इन 30 प्रश्नों का करें अध्ययन

CTET/UPTET Child Development And Pedagogy Practice Set 55 : उत्तर प्रदेश में CTET की परीक्षा 16 दिसंबर, 2021 से शुरू हो चुकी है जो कि 13 जनवरी 2022 तक आयोजित कराई जाएगी। UPTET की परीक्षा कैंसिल होने के बाद बोर्ड की तरफ से नई परीक्षा तिथि की घोषणा की जा चुकी है। UPTET की नई परीक्षा तिथि 23 जनवरी 2022 को निर्धारित की गई है। इसलिए शिक्षक बनने की चाह रखने वाले लाखों अभ्यर्थी इस परीक्षा में शामिल हो रहे हैं और परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं।

ऐसे में इस लेख के जरिए बाल विकास एवं शिक्षा शास्त्र के विगत वर्षों में कराए गए परीक्षाओं में से 30 बेहद महत्वपूर्ण प्रश्नों के संग्रह को लेकर आए है। इसलिए आप इन प्रश्नों का अभ्यास अच्छी तरह से कर लें और अपनी तैयारी को और भी मजबूती प्रदान करें।

CTET/UPTET Child Development And Pedagogy Practice Set 55
CTET/UPTET Child Development And Pedagogy Practice Set 55

CTET/UPTET Child Development And Pedagogy Practice Set 55

प्रश्न : निम्नलिखित में कौन प्राथमिक समाजीकरण माध्यम है?

  • मीडिया
  • विद्यालय
  • परिवार
  • सरकार

उत्तर : 3

प्रश्न : जीन पियाजे के सिद्धान्त का प्रमुख प्रस्ताव है कि

  • बच्चों की सोच गुणात्मक रूप में वयस्कों से भिन्न होती है
  • बच्चों की सोच वयस्कों से निम्न होती है
  • बच्चों की सोच वयस्कों से बेहतर होती है।
  • बच्चों की सोच मात्रात्मक रूप में वयस्कों से भिन्न होती है

उत्तर : 1

प्रश्न : निम्नलिखित में से कौन-सी पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था बच्चे की विशेषता को बताती है?

  • विचारों की अनुत्क्रमणीयता
  • वर्तुल प्रतिक्रिया
  • लक्ष्य निर्देशित व्यवहार
  • विलम्बित अनुकरण

उत्तर : 1

प्रश्न : जेण्डर

  • एक आर्थिक अवधारणा है
  • एक मनोवैज्ञानिक सत्ता है
  • एक जैविक निर्धारक है
  • एक सामाजिक संरचना है

उत्तर : 4

प्रश्न : निम्नलिखित में से कौन-सा विकास के व्यापक आयामों की सही पहचान करता है?

  • सामाजिक, शारीरिक, व्यक्तित्व, स्व
  • शारीरिक, संज्ञानात्मक, सामाजिक और संवेगात्मक
  • शारीरिक, व्यक्तित्व आध्यात्मिक एवं संवेगात्मक
  • संवेगात्मक, बौद्धिक, आध्यात्मिक एवं स्व

उत्तर : 2

प्रश्न : बुद्धि के बारे में निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा सही है?

  • बुद्धि बहु-आयामी है, जिसमें बुद्धि परीक्षणों के द्वारा पूर्ण रूप से परिमेय न की जाने वाली कई योग्यताएँ शामिल हैं
  • बुद्धि अभिसारी रूप से सोचने की योग्यता है
  • बुद्धि अनुभव के परिणाम के रूप में व्यवहार में एक अपेक्षाकृत स्थायी परिवर्तन है
  • बुद्धि एक आनुवंशिक विशेषक है, जिसमें मानसिक गतिविधियाँ जैसे-स्मरण एवं तर्क शामिल होते हैं

उत्तर : 1

प्रश्न : बच्चों और उनके अधिगम के सन्दर्भ में निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा सही है?

  • बच्चों को अधिगम हेतु प्रेरित करने के लिए उन्हें पुरस्कृत एवं दण्डित करना होता है
  • सभी बच्चे सीखने के लिए स्वाभाविक रूप से प्रेरित होते हैं तथा सीखने में सक्षम हैं
  • बच्चों को सीखने के लिए अभिप्रेरणा तथा सीखने के लिए उनकी सक्षमता केवल आनुवंशिकता के द्वारा पूर्व निर्धारित है
  • बच्चों की सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि, उनकी प्रेरणा एवं अधिगम सक्षमता को निर्धारित व सीमित करती है

उत्तर : 2

प्रश्न : प्रगतिशील शिक्षा में बच्चों को किस प्रकार से देखा जाता है?

  • खाली स्लेटों के रूप में
  • छोटे वयस्कों के रूप में
  • निष्क्रिय अनुकारकों के रूप में
  • सक्रिय अन्वेषकों के रूप

उत्तर : 4

प्रश्न : लेव वाइगोत्स्की के अनुसार, अधिगम

  • एक अनुबन्धित गतिविधि है
  • एक सामाजिक गतिविधि है
  • एक व्यक्तिगत गतिविधि है
  • एक निष्क्रिय गतिविधि है

उत्तर : 2

प्रश्न : एक प्रारम्भिक कक्षा-कक्ष में एक बालक/बालिका अपने साथ जो अनुभव लाते/लाती हैं

  • उन्हें शामिल कर उनका संचय करना चाहिए
  • उन्हें अस्वीकार करना चाहिए
  • उसकी उपेक्षा करनी चाहिए
  • उन पर ध्यान नहीं देना चाहिए

उत्तर : 1

प्रश्न : एक बच्चा तर्क प्रस्तुत करता है कि हिंज को दवाई की चोरी नहीं करनी चाहिए (वह दवाई जो उसकी पत्नी की जान बचाने के लिए जरूरी है), क्योंकि यदि वह ऐसा करता है, तो उसे पकड़ा जाएगा और जेल भेज दिया जाएगा। कोलबर्ग के अनुसार, वह बच्चा नैतिक समझ की किस अवस्था के अन्तर्गत आता है?

  • सार्वभौम नैतिक सिद्धान्त अभिविन्यास
  • यन्त्रीय उद्देश्य अभिविन्यास
  • सामाजिक क्रम नियन्त्रक अभिविन्यास
  • दण्ड एवं आज्ञापालन अभिविन्यास

उत्तर : 4

प्रश्न : जो बच्चे स्वयं से मौखिक संवाद करते हैं, उन्हें लेव वाइगोत्स्की क्या कहते हैं?

  • समस्यात्मक वार्ता
  • व्यक्तिगत वार्ता
  • अहंकेन्द्रित वार्ता
  • भ्रान्त वार्ता

उत्तर : 2

प्रश्न : जीन पियाजे के अनुसार, बच्चे

  • को पुरस्कार एवं दण्ड के सिद्धान्तों का प्रयोग करते हुए विशिष्ट तरीके से व्यवहार करना एवं सीखना सिखाया जा सकता है
  • ज्ञान को सक्रिय रूप से संरचित करते हैं, जैसे-जैसे वे दुनिया में व्यवहार कौशल का प्रयोग करते हैं तथा अन्वेषण करते हैं
  • प्रेक्षणात्मक अधिगम की प्रक्रिया का अनुसरण करते हुए दूसरों का अवलोकन करके सीखते हैं
  • को उद्दीपन-अनुक्रिया सम्बन्धों के सावधानीपूर्ण नियन्त्रण के द्वारा एक विशेष तरीके से व्यवहार करने के लिए अनुबन्धित किया जा सकता है

उत्तर : 2

प्रश्न : चालक विकास की दर में व्यक्तिगत विविधताएँ होती हैं, फिर भी चालक विकास का क्रम …….. से……. तक है।

  • परिष्कृत (सूक्ष्म) चालक विकास, अपरिष्कृप्त (स्थूल) चालक विकास
  • शीर्षगामी, अधोगामी
  • अधोगामी शीर्षगामी
  • अपरिष्कृत (स्थूल) चालक विकास, परिष्कृत (सूक्ष्म) चालक विकास

उत्तर : 4

प्रश्न : वह अवधि, जो वयस्कता के संक्रमण की पहल करती है. उसे क्या कहते हैं

  • किशोरावस्था
  • बाल्यावस्था की समाप्ति
  • मध्य बाल्यावस्था
  • पूर्व-क्रियात्मक अवधि

उत्तर : 1

प्रश्न : खिलौने, पहनावे की वस्तुएँ, घरेलू सामग्रियाँ, व्यवसायों एव रंगों को विशिष्ट लिंग के साथ सम्बन्धित करना क्या प्रदर्शित करता है?

  • जेण्डर प्रासंगिकता
  • जेण्डर रूढ़िवादिता
  • विकसित जेण्डर पहचान
  • जेण्डर सिद्धान्त

उत्तर : 2

प्रश्न : एक शिक्षक को चाहिए कि

  • यह सम्प्रेषित करें कि वह कक्षा-कक्ष में सभी संस्कृतियों सम्मान करता है एवं महत्त्व देता है
  • वह विद्यार्थियों के बीच तुलना को अधिकतम करे
  • वह विशेष संस्कृतियों/समुदाय के बच्चों को बढ़ावा दे
  • वह विद्यार्थियों के बीच सांस्कृतिक विभिन्नताओं तथा विविधता की अनदेखी करे

उत्तर : 1

प्रश्न : निम्नलिखित संरचनाओं में से शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 किसकी वकालत करता है?

  • मुख्यधारा शिक्षा
  • समावेशी शिक्षण
  • एकीकृत शिक्षा
  • पृथक्करण

उत्तर : 2

प्रश्न : बच्चों को कक्षा में प्रश्न

  • पूछने से रोकना चाहिए
  • पूछने के लिए प्रेरित करना चाहिए
  • पूछने के लिए हतोत्साहित करना चाहिए
  • पूछने की अनुमति नहीं देनी चाहिए।

उत्तर : 2

प्रश्न : संरचनात्मक दृष्टिकोण के अनुसार, अधिगम …….. है।

  • अनुभव के परिणाम के रूप में व्यवहार में एक परिवर्तन होने की प्रक्रिया
  • एक सक्रिय एवं सामाजिक प्रक्रिया
  • एक निष्क्रिय एवं व्यक्तिपरक प्रक्रिया
  • जानकारी के अर्जन की प्रक्रिया

उत्तर : 2

प्रश्न : जब शिक्षक को विद्यार्थियों एवं उनकी योग्यताओं के बारे में सकारात्मक विश्वास होता है तब विद्यार्थी

  • किसी भी रूप में प्रभावित नहीं होते हैं
  • सीखने के लिए उत्सुक एवं प्रेरित रहते हैं
  • निश्चिन्त हो जाते हैं तथा सीखने के लिए किसी भी तरह का प्रयास करना बन्द कर देते हैं
  • का उत्साह भंग हो जाता है तथा वे दबाव में आ जाते हैं

उत्तर : 2

प्रश्न : …….. यह विचारधारा है कि सभी बच्चों को एक नियमित विद्यालय व्यवस्था में समान शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार हो

  • बहुल-सांस्कृतिक शिक्षा
  • समावेशी शिक्षा
  • विशेष शिक्षा
  • मुख्यधारा शिक्षा

उत्तर : 2

प्रश्न : निम्नलिखित में से कौन-सी अधिगम की मुख्य प्रक्रिया नहीं है, जिसके द्वारा सार्थक अधिगम घटित होता है?

  • अन्वेषण एवं पारस्परिक क्रिया
  • कण्ठस्थीकरण एवं स्मरण
  • पुनरावृत्ति एवं अभ्यास
  • निर्देश एवं संचालन

उत्तर : 2

प्रश्न : बच्चे प्रभावी रूप से सीखते हैं जब

  • वे विभिन्न गतिविधियों एवं कार्यों में सक्रिय रूप से भाग लेते हैं
  • शिक्षक कक्षा में होने वाली सभी घटनाओं व बच्चों को पूर्ण रूप से नियन्त्रित करता है
  • वे पाठ्य पुस्तक में दिए गए तथ्यों को याद करते हैं
  • वे श्यामपट्ट पर अध्यापक के द्वारा लिखे गए उत्तरों की नकल करते हैं

उत्तर : 1

प्रश्न : बच्चों की गलतियाँ

  • शिक्षण अधिगम प्रक्रिया में महत्त्वहीन हैं
  • प्रदर्शित करती हैं कि बच्चे कितने लापरवाह हैं
  • बार बार अभ्यास करने के लिए कह कर तुरन्त सुधार देनी चाहिए
  • अधिगम प्रक्रिया का एक भाग है तथा उनके विचारों को एक अन्तर्दृष्टि देती हैं

उत्तर : 4

प्रश्न : मूल्यांकन को…….।

  • वस्तुनिष्ठ प्रकार के लिखित कार्यों पर आधारित होना चाहिए एक अलग गतिविधि के रूप में लेना चाहिए
  • शिक्षण अधिगम प्रक्रिया का एक भाग होना चाहिए।
  • केवल नम्बरों के सन्दर्भ में करना चाहिए

उत्तर : 3

प्रश्न : नीचे लिखी हुई स्थिति किस सिद्धान्त को दर्शाती है? “जो विद्यार्थी अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाते हैं वे महसूस करते हैं कि वे पर्याप्त रूप से अच्छे नहीं हैं और
हतोत्साहित महसूस करते हैं तब उनमें बिना प्रयास के कार्य को आसानी से छोड़ देने की सम्भावना होती है”।

  • आनुवंशिकता एवं पर्यावरण सम्बन्धित नहीं है
  • संज्ञान एवं संवेग परस्पर सम्बन्धित है
  • संज्ञान एवं संवेग सम्बन्धित नहीं हैं
  • आनुवंशिकता एवं पर्यावरण अलग नहीं है

उत्तर : 2

प्रश्न : संज्ञानात्मक विकास का तात्पर्य है

  • ग्रहण की गई संवेदी सूचनाओं का रूपान्तरण
  • सूचनाओं का संग्रहण एवं पुनः प्रस्तुतीकरण
  • ग्रहण की गई सूचनाओं का विस्तारण
  • ये सभी

उत्तर : 4

प्रश्न : एक शिक्षक बच्चों को प्रभावी रूप से समस्या का समाधान करने में सक्षम बनने के लिए किस तरह से प्रोत्साहित कर सकता है?

  • बच्चों को समस्या के बारे में सहजानुभूत अनुमान लगाने एव बहुविकल्पों को देखने के लिए प्रोत्साहित करके
  • पाठ्य पुस्तक के सभी प्रश्नों के व्यवस्थित तरीके से समाधान लिखकर
  • पाठ्य पुस्तक से एक ही प्रकार के प्रश्नों के उत्तर के अभ्यास के लिए उन्हें पर्याप्त मात्रा में अवसर प्रदान करके
  • पाठ्य पुस्तक में दी गई सूचनाओं के कण्ठस्थीकरण करने पर बल देकर

उत्तर : 1

प्रश्न : वे विधियाँ जिनके प्रयोग में विद्यार्थियों की स्व पहल व प्रयास शामिल हैं निम्न में से किसका उदाहरण है?

  • परम्परागत विधि
  • निगमनात्मक विधि
  • अन्तर्वैयक्तिक बुद्धि
  • अधिगमकर्ता केन्द्रित विधि

उत्तर : ??

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