CTET/UPTET बाल विकास एवं शिक्षा शास्त्र प्रैक्टिस सेट 52 : परीक्षा में शामिल होने से पहले इन 30 बेहद महत्वपूर्ण प्रश्नों पर डालें एक नज़र

CTET/UPTET Child Development And Pedagogy Practice Set 52 : CTET की परीक्षा प्रारंभ हो चुकी है जो कि 13 जनवरी तक चलने वाली है। जिसके लिए अभ्यार्थी कई महीनों से अपनी तैयारियों में लगे हुए हैं और इसकी परीक्षा ऑनलाईन माध्यम द्वारा कराई जा रही है। UPTET की परीक्षा 23 जनवरी 2022 को होने वाली है, फ़िलहाल तैयारी का अंतिम समय चल रहा है। सभी अभ्यर्थी अपनी तैयारी बहुत ही तेजी से कर रहे हैं।

ऐसे में आपको इस लेख के जरिए बाल विकास एवं शिक्षा शास्त्र के विगत वर्षों में कराए गए परीक्षाओं में से 30 विशेष प्रश्नों के संग्रह को आपके समक्ष लेकर आए है। इसलिए आप सभी परीक्षार्थी इन प्रश्नों का अभ्यास करें और अच्छे अंक सुनिश्चित करें।

CTET/UPTET Child Development And Pedagogy Practice Set 52
CTET/UPTET Child Development And Pedagogy Practice Set 52

CTET/UPTET Child Development And Pedagogy Practice Set 52

प्रश्न : गर्भधारण से लेकर जन्म तक की अवस्था को क्या कहा जाता है?

  • प्रसवपूर्व
  • बचपन
  • उत्तर बाल्यावस्था
  • पूर्व किशोरावस्था

उत्तर : 1

प्रश्न : जीन पियाजे के अनुसार बच्चों का अमूर्त तर्क और तर्क कौशल किस दौरान विकसित होते हैं?

  • ज्ञानेन्द्रिय अवस्था में
  • औपचारिक परिचालन अवस्था में
  • पूर्वानुक्रमिक अवस्था में
  • ठोस परिचालन अवस्था में

उत्तर : 2

प्रश्न : व्यक्तित्व मापन की सी. ए. टी (CAT) विधि दी गई थी

  • स्किनर द्वारा
  • बेलाक द्वारा
  • हॉलैण्ड द्वारा
  • मरे द्वारा

उत्तर : 2

प्रश्न : मनोविश्लेषणात्मक प्रणाली के जन्मदाता कौन है?

  • वुडवर्ष
  • सिगमण्ड फ्रायड
  • जुंग
  • जे.एस. रॉस

उत्तर : 2

प्रश्न : विद्यार्थियों की शिक्षा में ……… की महत्त्वपूर्ण भूमिका होती है।

  • आनुवंशिकता
  • वातावरण
  • 1 और 2 दोनों
  • इनमें से कोई नहीं

उत्तर : 3

प्रश्न : संज्ञानात्मक विकास का तात्पर्य है

  • ग्रहण की गई संवेदी सूचनाओं का रूपान्तरण
  • सूचनाओं का संग्रहण एवं पुनः प्रस्तुतीकरण
  • ग्रहण की गई सूचनाओं का विस्तारण
  • ये सभी

उत्तर : 4

प्रश्न : टी.ए.टी. (TAT) हेतु कितने कार्ड है?

  • 10
  • 20
  • 30
  • 40

उत्तर : 3

प्रश्न : निम्नलिखित में कौन-सा वृद्धि और विकास का सिद्धान्त नहीं है?

  • व्यक्तिगत विभिन्नताओं का सिद्धान्त
  • सेल्फ पेसिंग का सिद्धान्त
  • निरन्तरता का सिद्धान्त
  • पैटर्न का सिद्धान्त

उत्तर : 2

प्रश्न : MLL (न्यूनतम अधिगम स्तर) मूलरूप से एक ऐसा उपागम है, जिसकी मान्यता है कि

  • किसी भी कार्य को सभी विद्यार्थी न्यूनतम स्तर तक सीख सकते हैं
  • सभी अधिगम कार्य सीखे नहीं जा सकते हैं
  • सभी उद्देश्यों को प्राप्त नहीं किया जा सकता है
  • उपरोक्त में से कोई नहीं

उत्तर : 1

प्रश्न : बुद्धि-लब्धि का प्रत्यय प्रस्तुत किया गया

  • गिल्बर्ट
  • विलियम स्टर्न
  • साइमन
  • वुण्ट

उत्तर : 2

प्रश्न : बुद्धि के बहु-बुद्धि सिद्धान्त का प्रतिपादन किया

  • स्पीयरमैन
  • थस्टर्न
  • कैटल
  • गार्डनर

उत्तर : 4

प्रश्न : उस श्रेणी को पहचानिए, जो अधिगम के स्थानान्तरण के प्रकारों को सूचित नहीं करती।

  • धनात्मक, ऋणात्मक
  • क्षैतिज लम्बीय
  • एक पक्षीय द्विपक्षीय
  • एक पुच्छीय, द्विपुच्छीय

उत्तर : 4

प्रश्न : निम्नलिखित में से किस क्षेत्र में अधिगम का अधिकतर हस्तान्तरण सम्भव है?

  • स्मरण
  • अवबोधन
  • सामान्यीकरण
  • आदतों का निर्माण

उत्तर 3

प्रश्न : पियाजे के अनुसार प्राक् सम्प्रत्यात्मक एवं अन्तर्दर्शी अवधि सम्बन्धित है

  • संवेदी-पेशीय अवस्था से
  • मूर्त-संक्रिया अवस्था से
  • औपचारिक-संक्रिया अवस्था से
  • उपरोक्त में से कोई नहीं

उत्तर : 4

प्रश्न : अभिप्रेरणा का चालक सिद्धान्त किसके द्वारा दिया गया है?

  • विक्टर ह्यूम
  • आर एस वुडवर्थ
  • मैस्लो
  • स्किनर

उत्तर : 3

प्रश्न : यदि किसी बच्चे की मानसिक आयु 5 वर्ष और कालानुक्रमिक आयु 4 वर्ष है, तो बच्चे की बुद्धिलब्धि क्या होगी?

  • 125
  • 80
  • 120
  • 100

उत्तर : 1

प्रश्न : थॉर्नडाइक ने सीखने का यह नियम नहीं दिया

  • तत्परता का नियम
  • प्रभाव का नियम
  • अवलोकन का नियम
  • अभ्यास का नियम

उत्तर : 3

प्रश्न : निम्न में से कौन शिक्षण कौशल से सम्बन्धित है?

  • श्यामपट्ट पर लिखना
  • प्रश्न पूछना
  • प्रश्नों को हल करवाना
  • ये सभी

उत्तर : 4

प्रश्न : सामाजिक सांस्कृतिक सिद्धान्त का प्रतिपादन किया

  • पियाजे
  • जॉन हॉक
  • स्किनर
  • वाइगोत्स्की

उत्तर : 4

प्रश्न : समावेशी शिक्षा में किस प्रकार के छात्र शामिल होते हैं?

  • केवल विशिष्ट छात्र
  • सामान्य और विशिष्ट छात्र
  • केवल सामान्य छात्र
  • बहुभाषी एवं प्रतिभाशाली छात्र

उत्तर : 2

प्रश्न : समावेशीकरण की सफलता के लिए आवश्यक है

  • क्षमता निर्माण
  • अभिभावकों की भागीदारी
  • अभिप्रेरणा
  • ये सभी

उत्तर : 4

प्रश्न : सीखने की प्रक्रिया में सक्रिय अनुबन्धन का आधार है।

  • पुनर्बलन
  • उद्दीपक
  • आवश्यकता
  • इनमें से कोई नहीं

उत्तर :1

प्रश्न : सूक्ष्म शिक्षण के चक्र को पूरा होने की समयावधि का क्या मान है

  • 06 मिनट
  • 12 मिनट
  • 24 मिनट
  • 36 मिनट

उत्तर : 4

प्रश्न : समस्यात्मक बच्चों की पहचान हेतु कौन-सी विधि प्रभावशाली है?

  • विकासात्मक मापनी
  • बालक का व्यक्तित्व अध्ययन
  • बालक के व्यवहार का व्यवस्थित अवलोकन
  • उपरोक्त सभी

उत्तर : 4

प्रश्न : मानसिक मन्दता का तात्पर्य है।

  • औसत मानसिक योग्यता
  • औसत से कम मानसिक योग्यता
  • औसत से अधिक मानसिक योग्यता
  • उपरोक्त में से कोई नहीं

उत्तर : 2

प्रश्न : एक अध्यापक के लिए अनिवार्य है कि उसे अधिगम के सिद्धान्तों का भली-भाँति ज्ञान हो, क्योंकि

  • इससे अध्यापक को अध्येताओं की आवश्यकताओं को जानने में सहायता मिलती है
  • इससे अध्यापक को अध्येताओं की अभिवृत्तियों तथा अभिरुचियों को समझने में सहायता मिलती है
  • इससे अध्यापकों को अध्येता के व्यक्तित्व के बारे में पता चलता है
  • इससे कक्षानुशासन सुनिश्चित होता है

उत्तर : 2

प्रश्न : शैक्षणिक सामग्री का चयन किसे करना चाहिए?

  • अध्यापक को
  • संस्थान के प्राचार्य को
  • विभागाध्यक्ष को
  • विशेषज्ञों की एक समिति को

उत्तर : 4

प्रश्न : बालिकाओं की शिक्षा को प्राथमिकता दी जानी
चाहिए, क्योंकि

  • लड़कियाँ, लड़कों की अपेक्षा अधिक होशियार होती हैं
  • लड़कियाँ संख्या में लड़कों से कम हैं
  • भूतकाल में लड़कों की तुलना में लड़कियों के साथ भेदभाव किया गया है
  • लड़कियाँ सामाजिक परिवर्तन का नेतृत्व करने में सक्षम है

उत्तर : 2

प्रश्न : विद्यालयी जीवन (स्कूलन) का मुख्य उद्देश्य होना चाहिए

  • उच्च उत्तीर्ण प्रतिशत
  • समय पर पाठ्यक्रम पूरा करना
  • बालकों का अनुशासित जीवन
  • बालकों द्वारा सक्षमताओं का अर्जन

उत्तर : 3

प्रश्न : सम्मिलित शिक्षा की सफलता निर्भर है

  • समुदाय के सहारे पर
  • शिक्षण-अधिगम सामग्रियों की उच्चतम गुणवत्ता पर
  • पाठ्य पुस्तकों की उत्कृष्टता पर
  • अध्यापकों में अभिवृत्यात्मक परिवर्तन पर

उत्तर : ??

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