CTET बाल विकास प्रैक्टिस सेट 2 : CTET परीक्षा 2022 में जानें से पहले इन 30 प्रश्नों का अध्ययन जरूर करें

CTET Child Development Practice Set : CTET की परीक्षा अगले साल आयोजित होने वाली हैं जिसके लिए परीक्षार्थी कई महीनों से अपनी तैयारियों में जुटे हुए हैं। फ़िलहाल तैयारी का आखिरी पड़ाव चल रहा है, ऐसे में परीक्षार्थियों को नीचे दिए गए CTET Child Development Practice Set – 2 को अवश्य हल करना चाहिए, जिससे वे अपनी तैयारी को और भी सुनिश्चित कर सकते हैं।

Child Development के इस प्रैक्टिस सेट में 30 महत्वपूर्ण प्रश्नों का चयन किया गया है, जो अगले साल होने वाली CTET / UPTET परीक्षा में भी आ सकते हैं। इसलिए आप इन प्रश्नों का अभ्यास अच्छी तरह से करें और अपनी तैयारी को और भी मजबूती प्रदान करें.

ctet child development practice set 2
CTET Child Development Practice Set

UPTET / CTET बाल विकास प्रैक्टिस सेट 2

प्रश्न. बेसिक शिक्षा हेतु महात्मा गाँधी ने किस पाठ्यक्रम पर बल दिया है?

  • नृत्यकला केन्द्रित
  • हस्तकला केन्द्रित
  • पुस्तककला केन्द्रित
  • संगीतकला केन्द्रित

उत्तर: 2

प्रश्न. एन. सी. एफ.-2005 के सम्बन्ध में निम्नलिखित में कौन-सा कथन सही है?

  • यह भारत की विद्यालयी शिक्षा के सम्बन्ध में एक संवैधानिक संशोधन है
  • यह एन.सी.ई.आर.टी द्वारा तैयार किया गया दस्तावेज है, जो
  • भारत की विद्यालयी शिक्षा के सम्बन्ध में संस्तुतियाँ प्रस्तुत करता है
  • यह भारत में गुणात्मक शिक्षा के सम्बन्ध में यूनेस्को और भारत द्वारा हस्ताक्षरित दस्तावेज है

उत्तर: 2

प्रश्न. राष्ट्रीय पाठ्चर्या की रूपरेखा 2005 (NCF-2005) के अनुसार गणित शिक्षण का मुख्य उद्देश्य है

  • बच्चों को अंक गणित का ज्ञान देना
  • बच्चों में गणित के प्रति रूचि पैदा करना
  • बच्चों में तार्किक चिन्तन तथा समस्या समाधान योग्यता का विकास करना
  • बच्चों का संवेगात्मक विकास करना

उत्तर: 3

प्रश्न. राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 1986 के अनुसार शिक्षा पर निवेश कुल राष्ट्रीय उत्पादन का प्रतिशत होना चाहिए

  • 6%
  • 10%
  • 4%
  • 3%

उत्तर: 1

प्रश्न. ‘ऑपरेशन ब्लैक बोर्ड’ परिणाम था

  • कोठारी आयोग का
  • राष्ट्रीय पाठ्क्रम रचना 2005
  • राष्ट्रीय शैक्षिक योजना – 1986
  • राष्ट्रीय पाठ्यक्रम रचना 2000

उत्तर: 3

प्रश्न. बाल मनोविज्ञान के आधार पर कौन-सा कथन सर्वोत्तम है?

  • सारे बच्चे एक जैसे होते हैं
  • प्रत्येक बच्चा विशिष्ट होता है
  • कुछ बच्चे विशिष्ट होते है
  • कुछ बच्चे एक जैसे होते है

उत्तर: 2

प्रश्न. विवेचनात्मक शिक्षाशास्त्र का यह दृढ़ विश्वास है कि

  • एक शिक्षक को हमेशा कक्षा-कक्ष के अनुदेशन का नेतृत्व करना चाहिए
  • शिक्षार्थियों को स्वतन्त्र रूप से तर्कण नहीं करना चाहिए
  • बच्चे स्कूल से बाहर क्या सीखते हैं, यह अप्रासांगिक है
  • शिक्षार्थियों के अनुभव और प्रत्यक्षण महत्त्वपूर्ण होते हैं

उत्तर: 4

प्रश्न. राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) के अनुसार शिक्षक की भूमिका है

  • सत्तावादी
  • अधिनायकीय
  • अनुमतिपरक
  • सुविधादाता

उत्तर: 4

प्रश्न. बच्चों में ज्ञान की रचना करने और अर्थ का निर्माण करने की क्षमता होती है। इस परिप्रेक्ष्य में एक शिक्षक की भूमिका है

  • तालमेल बैठाने वाले की
  • संप्रेषक और व्याख्याता की
  • सुगमकर्ता की
  • निर्देशक की

उत्तर: 3

प्रश्न. शिक्षण से अधिगम पर बल देने वाला परिवर्तन हो सकता है

  • बाल-केन्द्रित शिक्षा-पद्धति अपनाकर
  • रटने को प्रोत्साहित करके
  • अग्र शिक्षण की तकनीक अपनाकर
  • परीक्षा परिणामों पर केन्द्रित होकर

उत्तर: 1

प्रश्न. जॉन ड्यूवी द्वारा समर्थित ‘लैब विद्यालय के उदाहरण हैं

  • पब्लिक विद्यालय
  • सामान्य विद्यालय
  • फैक्ट्री विद्यालय
  • प्रगतिशील विद्यालय

उत्तर: 4

प्रश्न. ……………. कक्षा में वास्तविक सांसारिक समस्याओं से सेम्बद्ध जटिल परियोजनाओं पर कार्य करते हुए अध्यापक व छात्र एक-दूसरे के अनुभवों से परस्पर ग्रहण करते रहते हैं।

  • पारम्परिके
  • रचनात्मक
  • अध्यापक केन्द्रित
  • सामाजिक-रचनात्मक

उत्तर: 4

प्रश्न. विद्यार्थियों को स्वतन्त्र रूप से चिन्तन करने तथा प्रभावी शिक्षार्थी बनने में सक्षम बनाने हेतु शिक्षक के लिए यह महत्वपूर्ण है

  • एक संघटित तरीके से जानकारी को प्रस्तुत करना ताकि पुनःस्मरण करने में सरल हो
  • विद्यार्थियों के द्वारा प्राप्त की गई प्रत्येक सफलता के लिए उन्हें पुरस्कार देना
  • विद्यार्थियों को सिखाना कि किस प्रकार से अपने अधिगम का अनुवीक्षण करें
  • छोटी-छोटी इकाइयों या खण्डों में जानकारी प्रदान करना

उत्तर: 3

प्रश्न. विवेचनात्मक शिक्षाशास्त्र का यह दृढ़ विश्वास है कि

  • शिक्षार्थियों को स्वतन्त्र रूप से तर्कणा नहीं करनी चाहिए
  • बच्चे स्कूल से बाहर क्या सीखते हैं, यह अप्रासंगिक है
  • शिक्षार्थियों के अनुभव और प्रत्यक्ष महत्वपूर्ण होते हैं
  • एक शिक्षक को हमेशा कक्षा-कक्ष के अनुदेशन का नेतृत्व करना चाहिए

उत्तर: 3

प्रश्न. प्रगतिशील शिक्षा निम्नलिखित में से किस कथन से सम्बन्धित है?

  • शिक्षक सूचना और पाधिकार के प्रवर्तक होते हैं।
  • ज्ञान प्रत्यक्ष अनुभव और सहयोग से उत्पन्न होता है।
  • अधिगम तथ्यों के एकत्रीकरण और कौशल में प्रवीणता के साथ सीधे मार्ग पर चलता है।
  • परीक्षा मानदण्ड-सन्दर्भित और बाह्य है।

उत्तर: 2

प्रश्न. एक प्रभावी कक्षा में

  • बच्चे अपने अधिगम को सुगम बनाने के लिए मार्गदर्शन एवं सहयोग हेतु शिक्षक से सहायता लेते हैं।
  • बच्चे हमेशा उत्सुक और तैयार रहते हैं, क्योंकि शिक्षक उनकी प्रत्यास्मरण योग्यता का आकलन करने के लिए नियमित रूप से परीक्षा लेता रहता है।
  • बच्चे शिक्षक से डरते हैं, क्योंकि वह मौखिक और शारीरिक दण्ड का प्रयोग करता है।
  • बच्चे शिक्षक का सम्मान नहीं करते हैं और जैसा उन्हें अच्छा लगता है वैसा ही करते हैं।

उत्तर: 1

प्रश्न. “पाठ्यचर्या ऐसी हो जो पाठ्य-पुस्तक के ज्ञान को पुनः प्रस्तुत करने के स्थान पर बच्चों को अपनी आवाजें पाने, कार्य करने के लिए अपनी जिज्ञासा का पोषण करने, प्रश्न पूछने और जाँच-पड़ताल करने तथा अपने अनुभवों को बाँटने तथा विद्यालय के ज्ञान के साथ जोड़ने में सक्षम बनाए।” राष्ट्रीय पाठयचर्या की रूपरेखा 2005, पृ. 13 इस पृष्ठभूमि में, एक शिक्षक की प्राथमिक भूमिका क्या होनी चाहिए?

  • बच्चों को उनकी अपनी समझ और अपने ज्ञान को साझा करने के पर्याप्त अवसर देना।
  • बच्चों के अनुभवों को निरस्त कर पाठ्य-पुस्तकों पर ध्यान केन्द्रित करना।
  • पाठ्यपुस्तक के अध्यायों को क्रमवार पूरा कराना।
  • यह सुनिश्चित करना कि शिक्षिका अच्छे प्रश्न पूछे और शिक्षार्थी अपनी उत्तर पुस्तिका में उत्तर लिखें।

उत्तर: 1

प्रश्न. शिक्षार्थियों के ज्ञान अर्जन में सहायता करने के क्रम में अध्यापकों को किस पर ध्यान केन्द्रित करना चाहिए?

  • सुनिश्चित करना कि शिक्षार्थी सब कुछ याद करते हैं
  • शिक्षार्थी के द्वारा प्राप्त किए गए अंकों/ग्रेडों पर
  • शिक्षार्थी को सक्रिय सहभागिता के लिए शामिल करना
  • शिक्षार्थी के द्वारा अधिगम की अवधारणाओं में कुशलता प्राप्त करना

उत्तर: 3

प्रश्न. बच्चों के अधिगम को सुगम बनाने के लिए अध्यापकों को एक अच्छे कक्षायी परिवेश का सृजन करने की आवश्यकता होती है। इस प्रकार के अधिगकम परिवेश का सृजन करने के लिए नीचे दिए गए कथनों में से कौन-सा सही नहीं है?

  • बच्चे के प्रयासों को स्वीकृति
  • अध्यापकों के अनुसार कार्य करना
  • बच्चे को स्वीकार करना
  • अध्यापक का सकारात्मक रुख

उत्तर: 2

प्रश्न. बाल केन्द्रित शिक्षा में शामिल है

  • बच्चों के लिए हस्तपरक गतिविधियाँ
  • बच्चों का एक कोने में बैठना
  • प्रतिबन्धित परिवेश में अधिगम
  • वे गतिविधियाँ जिनमें खेल शामिल नहीं होते

उत्तर: 1

प्रश्न. पियाजे तथा वाइगोत्स्की के अनुसार, एक रचनात्मक कक्षा-कक्ष में अधिगम

  • शिक्षार्थियों द्वारा स्वयं सृजित किया जाता है, जो एक सक्रिय भूमिका निभाते हैं
  • शिक्षक द्वारा पुनर्बलन किया जाना
  • शिक्षक द्वारा लिखवाया जाता है तथा शिक्षार्थी निष्क्रिय प्राप्तकर्ता होते हैं
  • उद्दीपक तथा अनुक्रिया के जोड़ से होता है

उत्तर: 1

प्रश्न. निम्नलिखित में से कौन-सी स्थिति बालकेन्द्रित कक्षा-कक्ष को प्रदर्शित कर रही है?

  • एक कक्षा जिसमें शिक्षिका नोट लिखा देती है और शिक्षार्थियों से उन्हें याद करने को कहा जाता है
  • एक कक्षा जिसमें पाठ्य-पुस्तक एक मात्र संसाधन होता हैं जिसका सन्दर्भ शिक्षिका देती है।
  • एक कक्षा जिसमें शिक्षार्थी समूहों में बैठे है और शिक्षिका बारी-बारी से प्रत्येक समूह में जा रही हैं।
  • एक कक्षा जिसमें शिक्षार्थियों का व्यवहार शिक्षिका द्वारा दिए जाने वाले पुरस्कार और दण्ड से संचालित होता है

उत्तर: 3

प्रश्न. प्राथमिक विद्यालय के कंक्षा-कक्ष के सन्दर्भ में सक्रियबद्धता का क्या अर्थ है?

  • याद कराना, प्रत्यास्मरण और सुनाना
  • शिक्षक का अनुकरण और नकल करना
  • जाँच-पड़ताल करना, प्रश्न पूछना और वाद-विवाद
  • शिक्षक द्वारा दिए गए उत्तरों को नकल करना

उत्तर: 3

प्रश्न. ‘बालकेंद्रित’ शिक्षा शास्त्र का अर्थ है

  • कक्षा में सारी बातें सीखने के लिए शिक्षक का आगे-आगे होना
  • शिक्षक द्वारा बच्चों को आदेश देना कि क्या किया जाना चाहिए
  • बच्चों के अनुभवों और उनकी आवाज को प्रमुखता देना
  • निर्धारित सूचना का अनुसरण करने में बच्चों को सक्षम बनाना

उत्तर: 3

प्रश्न. कक्षा तक पहुँचने वाली बच्चों की भोली अवधारणाओं को जानना

  • शिक्षक की योजना और शिक्षण में रुकावट बनता है
  • शिक्षक के हौसले को पस्त कर देता है क्योंकि इससे उसका कार्यभार बढ़ता है
  • शिक्षक के किसी उद्देश्य की पूर्ति नहीं करता
  • शिक्षक के लिए अपने शिक्षण को अधिक सार्थक बनाने की योजना बनाने में सहायक होता है

उत्तर: 4

प्रश्न. अधिगमकर्ता-केन्द्रित विधि का आशय है

  • वे विधियाँ, जहाँ अधिगम में अधिगमकर्ता की अपनी पहल तथा प्रयास सम्मिलित होते हैं
  • उन विधियों को अपनाना, जिनमें शिक्षक मुख्य कर्ता (पात्र) होता है कि शिक्षक अधिगमकर्ता के लिए स्वयं निष्कर्ष निकाल देते हैं
  • परम्परागत व्याख्यात्मक विधियाँ
  • इनमें से कोई नहीं

उत्तर: 1

प्रश्न. प्रगतिशील शिक्षा में अपरिहार्य है कि कक्षा-कक्ष

  • लोकतान्त्रिक होता है और समझने के लिए बच्चों को पर्याप्त स्थान दिया गया होता है
  • शिक्षक के पूर्ण नियन्त्रण में होता है जिसमें अधिनायकतावादी होता है
  • सत्तावादी होता है, जहाँ शिक्षक आदेश देता है और शिक्षार्थी चुपचाप अनुसरण करते हैं
  • सबके लिए मुक्त होता है जिसमें शिक्षक अनुपस्थित होता है

उत्तर: 1

प्रश्न. किसी प्रगतिशील कक्षा की व्यवस्था में शिक्षक एक ऐसे वातावरण को उपलब्ध कराकर अधिगम को सुगम बनाता है, जो

  • खोज को प्रोत्साहन देता है
  • नियामक है
  • समावेशन को हतोत्साहित करता है
  • आवृत्ति को बढ़ावा देता है

उत्तर: 1

प्रश्न. एक शिक्षिका अपनी प्राथमिक कक्षा में प्रभावी अधिगम को बढ़ा सकती है

  • अधिगम में छोटी-छोटी उपलब्धियों के लिए पुरस्कार देकर
  • ड्रिल और अभ्यास के द्वारा
  • अपने विद्यार्थियों में प्रतियोगिता का प्रोत्साहन देकर
  • विषयवस्तु को विद्यार्थियों के जीवन के साथ सम्बन्धित करके

उत्तर: 4

प्रश्न. शिक्षा का उद्देश्य होना चाहिए

  • विद्यार्थियों में व्यावसायिक कुशलता का विकास करना
  • विद्यार्थियों में सामाजिक जागरुकता का विकास करना
  • विद्यार्थियों को परीक्षा के लिए तैयार करना
  • व्यावहारिक जीवन के लिए विद्यार्थियों को तैयार करना

उत्तर: ??

  1. 4 व्यावहारिक जीवन के लिए विद्यार्थियों को तैयार करना

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  2. व्यावहारिक जीवन के लिए विद्यार्थियों को तैयार करना

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