CTET बाल विकास एवं शिक्षा शास्त्र प्रैक्टिस सेट 54 : परीक्षा देने से पहले इन 30 महत्वपूर्ण प्रश्नों का ध्यानपूर्वक अध्ययन करें

CTET Child Development And Pedagogy Practice Set 54 : CTET की परीक्षा प्रारंभ हो चुकी है जो कि 13 जनवरी तक चलने वाली है। जिसके लिए अभ्यर्थी कई महीनों से अपनी तैयारियों में लगे हुए हैं और इसकी परीक्षा ऑनलाईन माध्यम द्वारा कराई जा रही है। UPTET की परीक्षा 23 जनवरी 2022 को होने वाली है, फ़िलहाल तैयारी का अंतिम पड़ाव चल रहा है।
ऐसे में आपको इस लेख के जरिए बाल विकास एवं शिक्षा शास्त्र के विगत वर्षों में कराए गए परीक्षाओं में से 30 विशेष प्रश्नों के संग्रह को आपके समक्ष लेकर आए है। इसलिए आप सभी परीक्षार्थी इन प्रश्नों का अभ्यास करके अच्छे अंक सुनिश्चित कर पाएंगे।

CTET Child Development And Pedagogy Practice Set 54
CTET Child Development And Pedagogy Practice Set 54

CTET Child Development And Pedagogy Practice Set 54

प्रश्न. जब विद्यार्थी पुरस्कार पाने की इच्छा से बार-बार किसी गतिविधि को करने का निर्णय लेते हैं (जैसा कि एक प्रयोग का नियोजन एवं संचालन करना), जो कि प्रत्यक्ष रूप से उस गतिविधि से सम्बन्धित नहीं है (जैसा कि एक ‘स्टार’ या ‘बैज’ प्राप्त करना), तब ऐसी स्थिति में क्या सम्भावना उत्पन्न होती है?

  • अन्य लोगों को खुश करने के लिए कार्य करने के बजाय स्वयं की निपुणता के लिए उद्देश्य निर्धारित करना
  • अधिगम के प्रति भौतिकवादी अभिवृत्ति का विकास
  • समझने के लिए अधिगम से आनन्द प्राप्त करना
  • पुरस्कार के बिना भी उस गतिविधि में लगे रहना

उत्तर : 2

प्रश्न. निम्नलिखित में से क्या ज्ञान के सार्थक संरचना की प्रक्रिया का एक महत्त्वपूर्ण पहलू है?

  • उद्दीपन-प्रतिक्रिया सम्बन्ध
  • सामाजिक-पारस्परिक क्रियाएँ
  • लगातार अभ्यास तथा बार-बार स्मरण करना
  • पुरस्कार एवं दण्ड

उत्तर : 2

प्रश्न. बाल्यावस्था की अवधारणा से क्या अभिप्राय है?

  • यह कि बच्चे शून्य से शुरुआत करते हैं और उनके गुण पूरी तरह से परिवेश के द्वारा निर्धारित किए जाते हैं।
  • यह विभिन्न सांस्कृतिक सन्दर्भों में सार्वभौम रूप से समान है
  • समकालीन सामाजिक संरचनावादी मनोवैज्ञानिकों के अनुसार यह एक सामाजिक संरचना है
  • यह है कि बच्चे दुष्ट रूप में पैदा होते हैं और उन्हें सभ्य बनाना होता है

उत्तर : 2

प्रश्न. निम्नलिखित में से कौन-सी ‘मध्य बाल्यावस्था’ की विशेषता है?

  • अधिगम मुख्य रूप से संवेदी एवं चालक गतिविधियों द्वारा घटित होता है
  • शारीरिक वृद्धि एवं विकास बहुत तेज गति से होता है
  • अमूर्त रूप से सोचने तथा वैज्ञानिक तर्क का प्रयोग करने की योग्यता विकसित होती है
  • बच्चे तार्किक एवं मूर्त रूप से सोचना प्रारम्भ कर देते हैं

उत्तर : 4

प्रश्न. परिवार एवं पास-पड़ोस, बच्चों के समाजीकरण की

  • द्वितीयक एजेन्सियाँ है
  • प्राथमिक एजेन्सियाँ हैं
  • मनोवैज्ञानिक एजेन्सियाँ हैं
  • मध्य एजेन्सियाँ हैं

उत्तर : 2

प्रश्न. वाइगोत्स्की के अनुसार, जब एक वयस्क बच्चे के निष्पादन के वर्तमान स्तर को सहयोग द्वारा विस्तारित करता है, तो इसे क्या कहते हैं?

  • अन्तः व्यक्तिनिष्ठता
  • खोजपूर्ण अधिगम
  • समीपस्थ विकास का क्षेत्र
  • पाड़ (ढाँचा)

उत्तर : 2

प्रश्न. नूर विद्यालय में अपना लन्च बॉक्स भूल गई तथा यह कहते हुए तान्या से उसका लन्च साझा करने के लिए कहा, “तुम्हे आज अपना लन्च मेरे साथ साझा करना चाहिए, क्योंकि कल मैंने तुम्हारे साथ अपना लन्च साझा किया था।” लॉरेन्स कोहलवर्ग के नैतिक विकास के सिद्धान्त के अनुसार नूर का कथन अभिविन्यास प्रारूप को ………. अवस्था पर दर्शाता है।

  • आदान-प्रदान, परम्परागत
  • कानून एवं व्यवस्था; पश्च-परम्परागत
  • आज्ञापालन; पूर्व-परम्परागत
  • अच्छा होना; परम्परागत

उत्तर : 1

प्रश्न. समाज में विभिन्न लिंगों के लिए उपयुक्त मानी जाने वाली प्रारूपिक विशेषताओं के बारे में जन-सामान्य की अवधारणाओं को क्या कहते हैं?

  • जेण्डर रूढ़िवादिताएँ
  • जेण्डर विभेदीकरण
  • जेण्डर भूमिकाएँ
  • जेण्डर पहचान

उत्तर : 1

प्रश्न. हाल ही में पाठ्यचर्या में ऐसी कहानियों को शामिल करने के लिए विवेकशील प्रयास किया गया है, जिसमें पिता घर के कार्यों में लगा रहता है और माता साहसी गतिविधियों गतिविधियों को करती है। यह कदम किस लिए महत्वपूर्ण है।

  • यह जेण्डर रूढ़िवादिता को समाप्त करता है।
  • यह जेण्डर स्थिरता को प्रोत्साहित करता है।
  • यह जेण्डर विभेदीकरण को बढ़ाता है।
  • यह जेण्डर पक्षपात को सशक्त बनाता है।

उत्तर : 1

प्रश्न. हावर्ड गार्डनर के बहुबुद्धि सिद्धान्त के अनुसार, ‘तार्किक -गणितीय’ बुद्धि वाले एक व्यक्ति की क्या विशेषताएँ हो सकती है?

  • पैटर्न को खोजने की एवं तर्क की लम्बी श्रृंखला को हल करने की क्षमता और संवेदनशीलता
  • ध्वनि, ताल तथा शब्दों के अर्थ के प्रति संवेदनशीलता।
  • दृश्य-स्थानिक परिवेश को सटीक रूप से ग्रहण करने की योग्यता
  • संगीतमय अभिव्यक्तियों के आवाज के स्तर, ताल एवं सौन्दर्यपरक गुणों को उत्पन्न करने एवं प्रशंसा करने की योग्यता

उत्तर : 1

प्रश्न. जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धान्त के अनुसार, परिकल्पित निगमनात्मक तर्क किस अवधि में विकसित होता है?

  • अमूर्त संक्रियात्मक अवस्था
  • संवेदी- चालक अवस्था
  • पूर्व संक्रियात्मक अवस्था
  • मूर्त संक्रियात्मक अवस्था

उत्तर : 1

प्रश्न. .…….. के अनुसार, बच्चों के चिन्तन के बारे में सामाजिक प्रक्रियाओं तथा सांस्कृतिक सन्दर्भ के प्रभाव को समझना आवश्यक है।

  • अलबर्ट बण्डुरा
  • जीन पियाजे
  • लॉरेंस कोहलबर्ग
  • लेव वाइगोत्स्की

उत्तर : 4

प्रश्न. पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धान्त से निहितार्थ निकालते हुए एक ग्रेड 6-8 के शिक्षक को अपनी कक्षा में क्या करना चाहिए?

  • केवल निर्धारित पाठ्यक्रम पर निर्भर रहना चाहिए।
  • तार्किक बहस के प्रयोग को हतोत्साहित करना चाहिए।
  • ऐसी समस्याएँ प्रस्तुत करनी चाहिए, जिसमें तर्क आधारित समाधान की आवश्यकता होती है।
  • एक अवधारणा को पढ़ाने के लिए केवल मूर्त सामग्रियों का प्रयोग करना चाहिए।

उत्तर : 3

प्रश्न. सतत् एवं समग्र मूल्यांकन में क्या शामिल है?

  • विविध प्रकार की रणनीतियों का प्रयोग करते हुए दोनों संरचनात्मक एवं संकलनात्मक आकलन का प्रयोग करना
  • केवल संरचनात्मक आकलन
  • केवल संकलनात्मक आकलन
  • न तो संरचनात्मक न ही संकलनात्मक आकलन

उत्तर : 1

प्रश्न. वह प्रक्रिया, जिसके द्वारा बच्चे आदतों, कौशलों, मूल्यों तथा अभिप्रेरणा को विकसित करते हैं और जो उन्हें समाज का जिम्मेदार एवं क्रियाशील सदस्य बनाती है, उसे क्या कहा जाता है?

  • विभेदीकरण
  • समाजीकरण
  • मुख्यधारा से जुड़ना
  • समावेशन

उत्तर : 2

प्रश्न. मानव विकास के सन्दर्भ में आनुवंशिकता तथा पर्यावरण को भूमिका के बारे में निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा सही है?

  • आनुवंशिकता एवं पर्यावरण दोनों एक जटिल पारस्परिक क्रिया के रूप में मानव विकास को प्रभावित करते हैं
  • वैयक्तिक विभिन्नताओं का एकमात्र कारण आनुवंशिकता है
  • परिवेशीय प्रभाव पूर्णरूप से एक व्यक्ति के विकास को निर्धारित करते हैं
  • मानव विकास को न तो आनुवंशिकता और न ही पर्यावरण प्रभावित करते हैं

उत्तर : 1

प्रश्न. एक प्रगतिशील कक्षा में

  • शिक्षक के निर्देशों के अनुसार विद्यार्थी के द्वारा ज्ञान अनुस्मरण किया जाता है
  • विद्यार्थी के द्वारा ज्ञान की संरचना की जाती है
  • विद्यार्थी के द्वारा निष्क्रिय रूप से ज्ञान प्राप्त किया जाता है
  • विद्यार्थी के द्वारा ज्ञान को उसी रूप में दोहराया जाता है

उत्तर : 2

प्रश्न. आपकी कक्षा के एक विद्यार्थी को विभिन्न स्रोतों से बार-बार यह बताया गया है कि उसके सामाजिक वर्ग के लिए शैक्षिक क्षेत्र में निम्न स्तरीय प्रदर्शन करते हैं। इस रूढ़िवादिता एवं परिणामिक रूढ़िवादी आशंका के प्रभाव को कम करने के लिए एक शिक्षक को क्या पहल करना चाहिए?

  • विभिन्न सामाजिक वर्गों के रोल मॉडल से सम्बन्धित कहानियों एवं उदाहरणों को प्रस्तुत करना चाहिए
  • इस प्रकार के सरोकारों को अनदेखा करना चाहिए
  • विभिन्न सामाजिक वर्गों के विद्यार्थियों के बीच प्रतियोगिता आयोजित करनी चाहिए
  • विद्यार्थी से पढ़ाई छोड़कर किसी अन्य क्षेत्र में शामिल होने के लिए सलाह देनी चाहिए

उत्तर : 1

प्रश्न. एक समावेशी कक्षा में शिक्षक को क्या करना चाहिए?

  • केवल प्रतिभाशाली एवं योग्य बच्चों पर ध्यान देना चाहिए,
  • यह विश्वास करना चाहिए कि प्रत्येक बच्चे में अपनी योग्यताओं एवं शक्ति के अनुसार सीखने की क्षमता है।
  • अशक्त अधिगमकर्त्ताओं के प्रति दया एवं सहानुभूति का भाव प्रदर्शित करना चाहिए
  • बच्चों को ‘अपाहिज बच्चा’, ‘मन्द बुद्धि बच्चा’ आदि के रूप में वर्गीकृत करना चाहिए

उत्तर : 2

प्रश्न. निम्नलिखित में से कौन-सा प्रभावशाली समस्या समाधान रणनीति का एक उदाहरण है?

  • साधन-साध्य विश्लेषण-समस्या को अनेक उपलक्ष्यों में विभाजित करना
  • समाधान के मूल्यांकन पर बिल्कुल ध्यान नहीं देना
  • क्रियात्मक अनम्यता-एक वस्तु के केवल परम्परागत कार्य पर ध्यान देना
  • प्रतिक्रिया निर्धारण-समस्या प्रस्तुतिकरण के एक ही आयाम में सीमित रहना

उत्तर : 1

प्रश्न. एक शिक्षक एक समावेशी कक्षा में विशेष योग्यता वर्ग
वाले अधिगमकर्ताओं की आवश्यकताओं को किस प्रकार
से बता सकता है/सम्बोधित कर सकता है?

  • प्रत्येक विद्यार्थी के अधिगम के सशक्त पक्षों एवं कमजोरियों के विश्लेषण के आधार पर विशिष्ट अधिगम उद्देश्यों को विकसित करना
  • आकलन के लिए पेपर-पेन्सिल टेस्ट का प्रयोग करना तथा अभ्यास एवं रटने पर बल देना।
  • विद्यार्थियों को निर्देश देने के लिए एक रूप तरीकों का प्रयोग करना।
  • अत्यधिक लिखित गृहकार्य देना तथा उत्तरों को अन्य प्रतिभाशाली विद्यार्थियों से नकल करने पर दबाव डालना।

उत्तर : 1

प्रश्न. एक शिक्षिका अपनी कक्षा में सृजनात्मक विद्यार्थियों को किस प्रकार से प्रोत्साहित कर सकती है?

  • विद्यार्थियों को जोखिम लेने एवं चुनौतियों का सामना करने से हतोत्साहित करके
  • अपसारी चिन्तन पर बल देकर
  • अभिसारी चिन्तन को हतोत्साहित करके
  • अनेक परिप्रेक्ष्यों को प्रोत्साहित करके तथा मूल विचारों को महत्त्व देकर

उत्तर : 4

प्रश्न. निम्नलिखित में से कौन-सा कारक कक्षा में सार्थक अधिगम का पक्ष लेता है?

  • विषय-वस्तु तथा बच्चों के सम्पूर्ण कुशलक्षेम एवं अधिगम के प्रति सच्चा सरोकार रखना
  • बच्चों को पढ़ने के लिए अभिप्रेरित करने हेतु परीक्षणों की संख्या को बढ़ाना
  • बच्चों को पढ़ने के लिए अभिप्रेरित करने हेतु पुरस्कारों को बढ़ावा देना
  • निर्देश के लिए केवल व्याख्यान विधि को अपनान

उत्तर : 1

प्रश्न. बच्चे अनेक घटनाओं के बारे में सहजानुभूत सिद्धान्त की संरचना करते हैं। इस पृष्ठभूमि में एक शिक्षक को क्या में करना चाहिए?

  • बच्चों को इन विचारों के लिए डाँटना चाहिए, क्योंकि ये विचार उनके शिक्षण में हस्तक्षेप करते हैं
  • संवाद के द्वारा बच्चों की इन अवधारणाओं को चुनौती देनी चाहिए
  • बच्चों के इन विचारों को खारिज करना चाहिए
  • बच्चों के विचारों एवं सिद्धान्तों को अनदेखा करना चाहिए

उत्तर : 2

प्रश्न. निम्नलिखित में से कौन-सी शिक्षण अधिगम के लिए एक प्रभावशाली शिक्षण प्रणाली नहीं है?

  • दिए गए ज्ञान को दोहराने पर ध्यान केन्द्रित करना
  • बच्चों को अन्तर्दृष्टि के द्वारा अनुमान लगाने के लिए प्रोत्साहित करना
  • प्रयोग एवं पर्यवेक्षण
  • संवाद एवं परिचर्चा

उत्तर : 1

प्रश्न. शिक्षक, कक्षा में पढ़ने में ध्यान न देने वाले बच्चों से किस प्रकार का व्यवहार कर सकते हैं?

  • उन्हें गृहकार्य के रूप में अत्यधिक वर्कशीट देकर
  • बच्चों को कक्षा से बाहर जाने के लिए कहकर
  • पूरी कक्षा के सामने उन्हें बार-बार डाँटकर
  • उनसे बात करके तथा उनकी अरुचि का कारण जानने की कोशिश करके

उत्तर : 4

प्रश्न. संरचनावादी उपागम बताता है कि ……. ज्ञान की संरचना के लिए अत्यन्त आवश्यक है।

  • याद करना
  • अनुबन्धन
  • विद्यार्थी का पूर्व ज्ञान
  • दण्ड

उत्तर : 3

प्रश्न. समस्या के अचानक समाधान की वकालत करने वाले
सिद्धान्त का नाम है

  • संक्रियात्मक अधिगम
  • प्रत्यक्ष एवं भूल का सिद्धान्त
  • अनुबन्धन
  • सूझ का सिद्धान्त

उत्तर : 4

प्रश्न. ‘संवेदना ज्ञान की पहली सीढ़ी है।’ यह कथन

  • मानसिक विकास है
  • शारीरिक विकास है
  • ध्यान का विकास है
  • भाषा का विकास है

उत्तर : 1

प्रश्न. मेरडिथ के अध्ययन के आधार पर कहा जा सकता है कि सामान्य रूप से उन परिवारों के बालक होते हैं, जो सामाजिक स्तर से ऊँचे होते हैं।

  • कम स्वस्थ एवं विकसित
  • अधिक स्वस्थ एवं विकसित
  • अधिक स्वस्थ एवं कम विकसित
  • स्वस्थ नहीं पर विकसित

उत्तर : ??

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