CTET बाल विकास एवं शिक्षा शास्त्र प्रैक्टिस सेट 47 : CTET की परीक्षा में शामिल होने से पहले इन 30 बेहद महत्वपूर्ण प्रश्नों का अवश्य करें अध्ययन

CTET Child Development And Pedagogy Practice Set 47 : उत्तर प्रदेश में CTET की परीक्षा 16 दिसंबर, 2021 से शुरू हो चुकी है जो कि 13 जनवरी 2022 तक आयोजित कराई जाएगी। UPTET की परीक्षा कैंसिल होने के बाद बोर्ड की तरफ से नई परीक्षा तिथि की घोषणा की जा चुकी है। UPTET की नई परीक्षा तिथि 23 जनवरी 2022 को निर्धारित की गई है। इसलिए शिक्षक बनने की चाह रखने वाले लाखों अभ्यर्थी इस परीक्षा में शामिल हो रहे हैं और परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं।
ऐसे में इस लेख के जरिए मैं आपके समक्ष बाल विकास एवं शिक्षा शास्त्र के विगत वर्षों में कराए गए परीक्षाओं में से 30 बेहद महत्वपूर्ण प्रश्नों के संग्रह को लेकर आए है। इसलिए आप इन प्रश्नों का अभ्यास अच्छी तरह से अनुसरण करें और अपनी तैयारी को और भी मजबूती प्रदान करें।

CTET Child Development And Pedagogy Practice Set 47
CTET Child Development And Pedagogy Practice Set 47

CTET Child Development And Pedagogy Practice Set 47

प्रश्न. बच्चों का विद्यालय में असफल होना

  • साबित करता है कि इन बच्चों में आनुवंशिक पैदाइशी कमियों है और उन्हें विद्यालय से निकाल देना चाहिए।
  • सूचित करता है कि में अपने बच्चों के अधिगम में सहायता करने का सामर्थ्य नहीं है।
  • प्रस्तावित करता है कि बच्चों में अधिगम का सामर्थ्य नहीं होता है।
  • निर्दिष्ट करता है कि इन बच्चों को आवश्यकताओ और रूवियों को पूर्ति करने में समर्थ नहीं है।

उत्तर : 4

प्रश्न. समूह में एक दूसरे को पढ़ाने और सहायता करने से

  • बच्चों का ध्यान भंग हो सकता है और यह एक प्रभावशाली शैक्षिक पद्धति नहीं है।
  • बच्चों में प्रतिस्पर्धात्मक प्रवृत्ति उत्पन्न होती है, जो कि अधिगम में विघ्न/कावट पैदा करती है।
  • बच्चे स्वयं की चिन्तन प्रक्रिया पर आक्षेप कर सकते हैं और संज्ञानात्मक क्रियाकलाप के उच्च स्तर पर पहुंच सकते हैं।
  • बच्चों में प्रांति उत्पन्न हो सकती है, जो उनके अधिगम में हस्तक्षेप करती है।

उत्तर : 3

प्रश्न. बच्चों के समाजीकरण में विद्यालय

  • प्राथमिक कारक है।
  • द्वितीयक कारक है।
  • की कोई भूमिका नहीं है।
  • की बहुत कम भूमिका है।

उत्तर : 2

प्रश्न. निम्नलिखित में से किस मनोवैज्ञानिक ने प्रस्तावित किया है। कि बच्चों का चिन्तन गुणात्मक रूप से वयस्कों की अपेक्षा अलग होता है?

  • हॉवर्ड गार्डनर
  • जीन पियाजे
  • लॉरेंस कोलबर्ग
  • लेव वाइगोत्स्की

उत्तर : 2

प्रश्न. विकास के विषय में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

  • विकास सुरुचिपूर्ण, सुव्यवस्थित समूह की अवस्थाओं में पूर्वनिश्चित आनुवंशिक घटकों के कारण होता है।
  • विकास एक सरल और एक-दिशीय प्रक्रिया है।
  • बच्चों के विकास में बहुत सी सांस्कृतिक विविधताएँ होती हैं।
  • संसार में सभी बच्चों का विकास एक ही क्रम में और सुनिश्चित समय से होता है।

उत्तर : 3

प्रश्न. निम्नलिखित में से मध्य बाल्यावस्था की अवधि का मुख्य प्रमाण चिह्न कौन-सा है?

  • पेशीय कौशल और समग्र शारीरिक वृद्धि का तेजी से विकास
  • वैज्ञानिक तर्क और अमूर्त रूप से सोचने की क्षमता का विकास
  • प्रतीकात्मक खेल का उभरना।
  • तर्कसंगत विचारों का विकास जो कि प्राकृतिक रूप से मूर्त है।

उत्तर : 4

प्रश्न. जीन पियाजे के अनुसार बच्चे अमूर्त संक्रियात्मक अवस्था में

  • संरक्षण, वर्गीकरण व श्रेणीवद्धता करने में सक्षम नहीं है।
  • प्रतीकात्मक और सांकेतिक खेलों में भाग लेना प्रारम्भ करते हैं।
  • परिकल्पित निगमनात्मक तर्क और प्रतिज्ञप्ति चिन्तन करने में समर्थ है।
  • केन्द्रीकरण और अनुत्क्रमणीय सोच से आवद्ध है।

उत्तर : 3

प्रश्न. लॉरेंस कोलबर्ग की नैतिक विकास के सिद्धान्त के अनुसार व्यक्ति किस अवस्था में है जब वह विश्वास करता है कि वर्तमान सामाजिक प्रणाली को सक्रियतापूर्वक बनाए रखने से धनात्मक मानवीय सम्बन्ध और सामाजिक वर्ग सुरक्षित रहता है?

  • यन्त्रीय उद्देश्य अभिविन्यास
  • सार्वभौमिक नैतिक सिद्धान्त अभिविन्यास
  • दण्ड और आज्ञापालन अभिविन्यास
  • सामाजिक-क्रम व्यवस्था अभिविन्यास

उत्तर : 4

प्रश्न. बाल्यावस्था की अवधि में विकास

  • में केवल परिमाणात्मक परिवर्तन होते हैं।
  • अनियमित और असम्बद्ध होता है।
  • धीमी गति से होता है एवं उसे मापा नहीं जा सकता।
  • बहुस्तरीय और मिश्रित होता है।

उत्तर : 4

प्रश्न. ‘निकटस्थ विकास का क्षेत्र’ क्या है?

  • वह प्रक्रिया जिसमें शुरू में विभिन्न समझ वाले दो व्यक्ति समान समझ पर पहुँचते हैं।
  • वह प्रक्रिया जिसमें बच्चे, समाज के वयस्क सदस्यों द्वारा निर्धारित विधि से कार्य करते हैं।
  • बच्चों के वर्तमान स्तर पर स्वतन्त्र प्रदर्शन और वयस्क व अधिक कौशल वाले समकक्षियों की सहायता से बच्चे द्वारा उपार्जित किए जाने वाले प्रदर्शन के मध्य का क्षेत्र है।
  • विभिन्न प्रकार के कार्य जो कि अपनी आयु के अनुसार बच्चे को करने चाहिए, परन्तु वह नहीं कर सकती है।

उत्तर : 3

प्रश्न. एक प्रगतिशील कक्षा में शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया के दौरान अधिगमकर्ताओं का मूल्यांकन

  • अभिभावकों को प्रतिपुष्टि देने के प्रयोजन से ‘बेहद सफल’, ‘कम सफल’ व ‘असफल’ विद्यार्थियों को पहचानने में सहायक होता है।
  • बेहद महत्त्वपूर्ण है, क्योंकि यह बच्चों की समझ की जानकारी देता है और अध्यापिका को अपने शिक्षा शास्त्र पर विचारने में सहायक होता है।
  • बच्चों के अधिगम में सहायक नहीं है।
  • बच्चों की अधिगम प्रक्रिया में रुकावट उत्पन्न करता है।

उत्तर : 2

प्रश्न. बच्चों की गलतियाँ एवं भ्रान्त धारणाएँ ।

  • सूचित करती है कि बच्चों की क्षमताएँ वयस्कों की तुलना में बहुत निम्न स्तर की हैं।
  • शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में महत्त्वपूर्ण कदम है
  • शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया के लिए रुकावट एवं विघ्न हैं
  • शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में अनदेखी करनी चाहिए

उत्तर : 2

प्रश्न. लेव वाइगोत्स्की के अनुसार

  • बच्चों का संज्ञानात्मक विकास चरणों में होता है।
  • स्कीमा के परिपक्व से बच्चों में संज्ञानात्मक विकास अग्रसर होता है।
  • बच्चों के संज्ञानात्मक विकास में भाषा की एक महत्त्वपूर्ण भूमिका है।
  • बच्चे ‘भाषा अघि हण यन्त्र द्वारा भाषा सीखते हैं।

उत्तर : 3

प्रश्न. बाल केन्द्रित कक्षा वह है, जिसमें

  • बच्चों के व्यवहार को निर्देशित करने के लिए अध्यापक पुरस्कार और दण्ड का प्रयोग करता है।
  • अध्यापक लचीला है और प्रत्येक बच्चे की व्यक्तिगत आवश्यकताओं को पूरा करता है।
  • अध्यापक केवल पाठ्यपुस्तक को ज्ञान के स्रोत के लिए उपयोग करता है।
  • अध्यापक, बच्चों को उनकी क्षमता के आधार पर वर्गीकृत करता है।

उत्तर : 2

प्रश्न. किस मनोवैज्ञानिक के अनुसार बच्चो के संज्ञानात्मक विकास में सांस्कृतिक उपकरण एक महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं?

  • अल्बर्ट बण्डुरा
  • लेव वाइगोत्स्की
  • बी.एफ. स्किनर
  • जीन पियाजे

उत्तर : 2

प्रश्न. कक्षा में सभी लिंगों में जेण्डर रुढ़िवादिता कम करने और विकास के विस्तार की सम्भावनाओं को बढ़ाने के लिए प्रभावशाली पद्धति कौन-सी है?

  • एक ही लिंग के योग्यता समूह बनाना।
  • क्रियाकलाप के लिए मिश्रित लिंग समूह बनाना और विचार-विमर्श को प्रोत्साहित करना।
  • लिगों के जैविक अन्तरों की उपेक्षा करना और उन्हें अस्वीकार करना।
  • समाज में चित्रित लिंग भूमिकाओं को प्रबल करना।

उत्तर : 2

प्रश्न. अध्यापकों को कक्षा में बहुभाषीयता को समझना चाहिए।

  • एक समस्या
  • एक गुण और साधन
  • एक रुकावट
  • एक व्यवस्थागत मुद्दा

उत्तर : 2

प्रश्न. प्रतिभाशाली और सृजनात्मक बच्चों की आवश्यकताओं को किस प्रकार सम्बोधित किया जा सकता है?

  • प्रश्न हल करने के लिए विशिष्ट निर्देश उपलब्ध कराकर
  • रटने पर आधारित परीक्षा देकर
  • चुनौतीपूर्ण कार्य और नौरसता दूर करने के लिए क्रियाकलाप देकर।
  • वे प्रश्न देकर जिनमें अभिमुखी चिन्तन की आवश्यकता है।

उत्तर : 3

प्रश्न. पठनवैफल्य बच्चों की पहचान किस प्रकार की जा सकती है?

  • उनके पढ़ने और लिखने की कौशलता के विश्लेषण से।
  • उनको जटिल व उच्च स्तरीय समस्याओं को हल करने की क्षमता का आकलन करके।
  • उनके सामाजिक एवं सांस्कृतिक सन्दर्भ को जानकर
  • पूर्ण शारीरिक स्वास्थ्य परीक्षण द्वारा।

उत्तर : 1

प्रश्न. आशिक दृष्टि वाले विद्यार्थियों के लिए निम्नलिखित में से कौन-सी अधिगम सामग्री उपयुक्त नहीं है?

  • बोलती पुस्तकें, स्पर्शीय सूचना पट
  • छोटी मुद्रण वाली कार्यशीट
  • बड़े आकार में मुद्रित पुस्तकें
  • त्रि-विमीय नक्शे और चार्ट

उत्तर : 2

प्रश्न. ‘समावेशी शिक्षा के पीछे अन्तर्निहित विचार है

  • अलग-अलग अक्षमताओं वाले बच्चों के लिए विशिष्ट शैक्षिक संस्थानों का प्रावधान करना।
  • दार्शनिकता की सभी बच्चों को नियमित विद्यालय में समान शिक्षा पाने का अधिकार है।
  • बच्चों को उनकी योग्यता के आधार पर पृथक करना और व्यावसायिक प्रशिक्षण का प्रबन्ध करना।
  • बच्चों की अक्षमताओं के आधार पर, उनकी सीमाओं पहचान करने के लिए उन्हें नामांकित करना।

उत्तर : 2

प्रश्न. निम्नलिखित में से कौन-सा अभिक्रमित अनुदेशन का सिद्धान्त नहीं है?

  • अभ्यास का सिद्धान्त
  • सक्रिय अनुक्रिया का सिद्धान्त
  • पुनर्बलन का सिद्धान्त
  • छोटे-छोटे पदों का सिद्धान्त

उत्तर : 1

प्रश्न. प्रतिकूल परिस्थितियों और वंचित पृष्ठभूमि वाले अधिगमकर्ताओं को सम्बोधित करने के लिए निम्नलिखित में से कौन-सी पद्धति प्रभावशाली नहीं है?

  • विद्यार्थियों को सन्तुलित चुनौतीपूर्ण लक्ष्यों के लिए अभिप्रेरित करना और उपयुक्त शिक्षण सहायता उपलब्ध कराना।
  • कार्यकलापों के लिए सहयोगी समूह बनाना और विद्यार्थियों को एक-दूसरे का समर्थन करने के लिए प्रोत्साहित करना।
  • अधिगमकर्ताओं से बातचीत करके उनको आवश्यकताओं और उनके सम्मुख आई सुनीतियों को समझना।
  • अधिगमकर्ताओं को विद्यालय के बाहर ट्यूशन पढ़ने के लिए कहना, जिससे कि अध्यापक को उन पर अधिक ध्यान न देना पड़े।

उत्तर : 4

प्रश्न. बच्चों के अधिगम में शारीरिक स्वास्थ्य और सांवेगिक अवस्था

  • का कोई आपसी सम्बन्ध नहीं है।
  • की भूमिका नगण्य है।
  • का कोई प्रभाव नहीं होता है।
  • की एक महत्त्वपूर्ण भूमिका है।

उत्तर : 4

प्रश्न. कक्षा में प्रभावशाली अधिगम के लिए …….. वातावरण की रचना करनी चाहिए बजाए …… वातावरण के।

  • भयावह सुसाध्यक वातावरण के।
  • प्रतिस्पर्दिक मुसाध्यक
  • सहयोगिक प्रतिस्पर्द्धिक
  • प्रतिस्पर्थिक सहयोगिक

उत्तर : 3

प्रश्न. निम्नलिखित में से कौन-सा उदाहरण विद्यार्थियों को अधिगम के लिए अभिप्रेरित करने के लिए प्रभावशाली पद्धति है?

  • वे कार्य देना जो कि बहुत सरल हो।
  • प्रतियोगिताओं के लिए बहुत से अवसर उत्पन्न कराना।
  • पाड़ उपलब्ध कराना विशेषकर जब विद्यार्थी कोई नया कौशल सीख रहे हो।
  • सौखने से ज्यादा कार्य पूर्ण करने पर बल देना।

उत्तर : 3

प्रश्न. बच्चों के चिन्तन के विषय में निम्नलिखित में कौन-सा कथन सही नहीं है?

  • बच्चे अपने आस-पास की विविध घटनाओं के बारे में सक्रियतापूर्वक सोचते हैं और उनमें अन्वेषण (छान-बीन) की लालसा होता है।
  • बच्चे अपने आस-पास की वस्तुओं को जानने के लिए जन्मजात जिज्ञासु होते हैं।
  • बच्चे अपने आस-पास की विविध घटनाओं के बारे में स्वयं अपने सिद्धान्तों की रचना करते हैं।
  • बच्चे प्रत्ययों को स्वयं नहीं सोच सकते और अध्यापक की मूल भूमिका उन्हें जानकारी उपलब्ध कराना है।

उत्तर : 4

प्रश्न. अधिगम, एक……….. और ……….. प्रक्रिया है।

  • सरल व्यक्तिगत
  • जटिल सक्रिय
  • जटिल निष्क्रिय
  • सरल रैखिक

उत्तर : 2

प्रश्न. अपनी कक्षा में अर्थपूर्ण अधिगम को सुसाध्य बनाने के लिए अध्यापिका को अपनी कक्षा में सामाजिक, सांस्कृतिक, धार्मिक, भाषीय विविधता को चाहिए।

  • समझना
  • अनदेखा करना
  • टालना
  • अपेक्षित करना

उत्तर : 1

प्रश्न. एक कक्षा में अध्यापिका अपनी शिक्षा शास्त्र व आकलन की विधियों को विद्यार्थियों की व्यक्तिगत जरूरतो के अनुसार परिवर्तित करती है।

  • पाठ्य पुस्तक केन्द्रित
  • अध्यापक केन्द्रित
  • व्यवहारवादी
  • प्रगतिशील

उत्तर : ??

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