CTET/UPTET बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र प्रैक्टिस सेट 43 : परीक्षा में जानें से पहले इन 30 प्रश्नों पर डालें एक नज़र

CTET Child Development And Pedagogy Practice Set 43 : CTET की परीक्षा प्रारंभ हो चुकी है जो कि 13 जनवरी तक चलने वाली है, इस परीक्षा की तैयारी अभ्यर्थी कई महीनों से कर रहें है ताकि परीक्षा में बेहतर अंक प्राप्त कर सकें। CTET की परीक्षा ऑनलाईन माध्यम द्वारा कराई जा रही है। UPTET परीक्षा तिथि की घोषणा हो चुकी है, जो कि 23 जनवरी 2022 को आयोजित कराई जाएगी।

ऐसे में इस लेख के माध्यम से हम आपको UPTET/CTET के परीक्षा में पूछे गए विगत वर्षों के बाल विकास एवं शिक्षा शास्त्र के 30 महत्वपूर्ण प्रश्नों से अवगत कराएंगे, जिसका अध्ययन कर के आप अपनी तैयारी को और भी मजबूत बना सकतें हैं।

CTET Child Development And Pedagogy Practice Set 43
CTET Child Development And Pedagogy Practice Set 43

CTET Child Development And Pedagogy Practice Set 43

प्रश्न : समूह में एक-दूसरे को पढ़ाने और सहायता करने से

  • बच्चों का ध्यान भंग हो सकता है और यह एक प्रभावशाली शैक्षिक पद्धति नहीं है।
  • बच्चों में प्रतिस्पर्धात्मक प्रवृत्ति उत्पन्न होती है, जो कि अधिगम में विघ्न/रुकावट पैदा करती है।
  • बच्चे स्वयं की चिंतन प्रक्रिया पर आक्षेप कर सकते हैं और संज्ञानात्मक क्रियाकलाप के उच्च स्तर पर पहुँच सकते हैं।
  • बच्चों में भ्रांति उत्पन्न हो सकती है, जो उनके अधिगम में हस्तक्षेप करती है।

उत्तर : 3

प्रश्न : बच्चों के समाजीकरण में विद्यालय ……..

  • प्राथमिक कारक है।
  • द्वितीयक कारक है।
  • की कोई भूमिका नहीं है।
  • की बहुत कम भूमिका है।

उत्तर : 2

प्रश्न : निम्नलिखित में से किस मनोवैज्ञानिक ने प्रस्तावित किया है कि बच्चों का चिंतन गुणात्मक रूप से वयस्कों की अपेक्षा अलग होता है?

  • हॉवर्ड गार्डनर
  • लॉरेंस कोहलबर्ग
  • जीन पियाजे
  • लेव वायगोत्स्की

उत्तर : 3

प्रश्न : विकास के विषय में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है ?

  • विकास सुरुचिपूर्ण, सुव्यवस्थित समूह की अवस्थाओं में पूर्वनिश्चित आनुवंशिक घटकों के कारण होता है।
  • विकास एक सरल और एक-दिशीय प्रक्रिया है।
  • बच्चों के विकास में बहुत-सी सांस्कृतिक विविधताएँ होती हैं।
  • संसार में सभी बच्चों का विकास एक ही क्रम में और सुनिश्चित समय से होता है।

उत्तर : 3

प्रश्न : अधिगम, एक …… और ….. प्रक्रिया है।

  • सरल, व्यक्तिगत
  • जटिल, निष्क्रीय
  • जटिल, सक्रिय
  • सरल, रैखिक

उत्तर : 3

प्रश्न : अपनी कक्षा में अर्थपूर्ण अधिगम को सुसाध्य बनाने के लिए अध्यापिका को अपनी कक्षा में सामाजिक सांस्कृतिक, धार्मिक, भाषीय विविधता को …….. चाहिए

  • समझना
  • अनदेखा करना
  • टालना
  • उपेक्षित करना

उत्तर : 1

प्रश्न : एक …… कक्षा में अध्यापिका अपनी शिक्षा शास्त्र व आंकलन की विधियों को विद्यार्थियों की व्यक्तिगत जरूरतों के अनुसार परिवर्तित करती है।

  • केंद्रित/पाठ्य-पुस्तक
  • व्यवहारवादी
  • अध्यापक केन्द्रित
  • प्रगतिशील

उत्तर : 4

प्रश्न : बच्चों का विद्यालय में असफल होना

  • साबित करता है कि इन बच्चों में आनुवंशिक पैदाइशी कमियाँ हैं और इन्हें विद्यालय से निकाल देना चाहिए।
  • सूचित करता है कि अभिभावकों में अपने बच्चों के अधिगम में सहायता करने का सामर्थ्य नहीं है।
  • प्रस्तावित करता है कि वंचित पृष्ठभूमि वाले बच्चों में अधिगम का सामर्थ्य नहीं होता है।
  • निर्दिष्ट करता है कि विद्यालय इन बच्चों की आवश्यकताओं और रुचियों की पूर्ति करने में समर्थ नहीं है।

उत्तर : 4

प्रश्न : निम्नलिखित में से मध्य बाल्यावस्था की अवधि का मुख्य प्रमाण चिन्ह कौन सा है?

  • पेशीय कौशल और समय शारीरिक वृद्धि का तेजी से विकास।
  • वैज्ञानिक तर्क और अमूर्त रूप से सोचने की क्षमता का विकास।
  • प्रतीकात्मक खेल का उभरना।
  • तर्कसंगत विचारों का विकास जो कि प्राकृतिक रूप से मूर्त हैं।

उत्तर : 4

प्रश्न : जीन पियाजे के अनुसार बच्चे अमूर्त संक्रियात्मक अवस्था में

  • संरक्षण, वर्गीकरण व श्रेणीबद्धता करने में सक्षम नहीं हैं।
  • प्रतीकात्मक और सांकेतिक खेलों में भाग लेना प्रारंभ करते हैं।
  • परिकल्पित निगमनात्मक तर्क और प्रतिज्ञप्ति चिंतन करने में समर्थ हैं।
  • केंद्रीकरण और अनुत्क्रमणीय सोच से आबद्ध हैं।

उत्तर : 3

प्रश्न : लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत के अनुसार व्यक्ति किस अवस्था में है जब वह विश्वास करता है कि वर्तमान सामाजिक प्रणाली को सक्रियतापूर्वक बनाए रखने से धनात्मक मानवीय संबंध और सामाजिक वर्ग सुरक्षित रहता है?

  • यंत्रीय उद्देश्य अभिविन्यास
  • सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांत अभिविन्यास
  • दंड और आज्ञापालन अभिविन्यास
  • सामाजिक क्रम व्यवस्था अभिविन्यास

उत्तर : 4

प्रश्न : बाल्यावस्था की अवधि में विकास –

  • में केवल परिमाणात्मक परिवर्तन होते हैं।
  • अनियमित और असंबद्ध होता है।
  • धीमी गति से होता है एवं उसे मापा नहीं जा सकता।
  • बहुस्तरीय और मिश्रित होता है।

उत्तर : 4

प्रश्न : बाल-केन्द्रित कक्षा वह है, जिसमें

  • बच्चों के व्यवहार को निर्देशित करने के लिए अध्यापक पुरस्कार और दंड का प्रयोग करता है।
  • अध्यापक लचीला है और प्रत्येक बच्चे की व्यक्तिगत आवश्यकताओं को पूरा करता है।
  • अध्यापक केवल पाठ्यपुस्तक को ज्ञान के स्रोत के लिए उपयोग करता है।
  • अध्यापक, बच्चों को उनकी क्षमता के आधार पर वर्गीकृत करता है।

उत्तर : 2

प्रश्न : किस मनोवैज्ञानिक के अनुसार बच्चों के संज्ञानात्मक विकास में ‘सांस्कृतिक उपकरण’ एक महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं?

  • अल्बर्ट बन्डुरा
  • बी.एफ. स्किनर
  • लेव वायगोत्स्की
  • जीन पियाजे

उत्तर : 3

प्रश्न : कक्षा में सभी लिंगों में जेंडर रूढ़िवादिता कम करने और विकास के विस्तार की संभावनाओं को बढ़ाने के लिए प्रभावशाली पद्धति कौन सी है?

  • एक ही लिंग के योग्यता समूह बनना।
  • क्रियाकलाप के लिए मिश्रित लिंग समूह बनाना और विचार-विमर्श को प्रोत्साहित करना।
  • लिंगों के जैविक अंतरों की उपेक्षा करना और उन्हें अस्वीकार करना।
  • समाज में चित्रित लिंग भूमिकाओं को प्रबल करना।

उत्तर : 2

प्रश्न : अध्यापकों को कक्षा में बहुभाषीयता को ………… समझना चाहिए।

  • एक समस्या
  • एक व्यवस्थागत मुद्दा
  • एक गुण और साधन
  • एक रुकावट

उत्तर : 3

प्रश्न : ‘निकटस्थ विकास का क्षेत्र’ क्या है?

  • वह प्रक्रिया जिसमें शुरू में विभिन्न समझ वाले दो व्यक्ति समान समझ पर पहुँचते हैं।
  • वह प्रक्रिया जिसमें बच्चे, समाज के वयस्क सदस्यों द्वारा निर्धारित विधि से कार्य करते हैं।
  • बच्चों के वर्तमान स्तर पर स्वतंत्र प्रदर्शन और वयस्क व अधिक कौशल वाले समकक्षियों की सहायता से बच्चे द्वारा उपार्जित किए जाने वाले प्रदर्शन के मध्य का क्षेत्र है।
  • विभिन्न प्रकार के कार्य जो कि अपनी आयु के अनुसार चाहिए परन्तु वह नहीं कर सकती है।

उत्तर : 3

प्रश्न : एक प्रगतिशील कक्षा में शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया के दौरान अधिगमकर्ताओं का मूल्यांकन

  • अभिभावकों को प्रतिपुष्टि देने के प्रयोजन से ‘बेहद सफल’, ‘कम सफल’ व ‘असफल’ विद्यार्थियों को पहचानने में सहायक होता है।
  • बेहद महत्त्वपूर्ण है, क्योंकि यह बच्चों की समझ की जानकारी देता है और अध्यापिका को अपने शिक्षा शास्त्र पर विचारने में सहायक होता है।
  • बच्चों के अधिगम में सहायक नहीं है।
  • बच्चों की अधिगम प्रक्रिया में रुकावट उत्पन्न करता है।

उत्तर : 2

प्रश्न : हॉवर्ड गार्डनर के बहु-बुद्धि सिद्धांत के अनुसार निम्नलिखित में से कौन सा जोड़ा बुद्धि के प्रकार और अंत-स्थिति अनुपालन संभावना के अनुसार सही है?

  • भाषिक : मूर्तिकार
  • शारीरिक गति-संवेदनता : खिलाड़ी
  • स्थानिक : मनोवैज्ञानिक
  • अंतरावैयक्तिक : विक्रेता

उत्तर : 2

प्रश्न : लेव वायगोत्स्की के अनुसार

  • बच्चों का संज्ञानात्मक विकास चरणों में होता है।
  • स्कीमा के परिपक्कन से बच्चों में संज्ञानात्मक विकास अग्रसर होता है।
  • बच्चों के संज्ञानात्मक विकास में भाषा की एक महत्त्वपूर्ण भूमिका है।
  • बच्चे ‘भाषा अधिग्रहण यंत्र’ द्वारा भाषा सीखते हैं।

उत्तर : 3

प्रश्न : प्रतिभाशाली और सृजनात्मक बच्चों की आवश्यकताओं को किस प्रकार संबोधित किया जा सकता है?

  • प्रश्न हल करने के लिए विशिष्ट निर्देश उपलब्ध कराकर
  • रटने पर आधारित परीक्षा देकर
  • चुनौतीपूर्ण कार्य और नीरसता दूर करने के लिए क्रियाकलाप देकर।
  • वे प्रश्न देकर जिनमें अभिमुखी चिंतन की आवश्यकता है।

उत्तर : 3

प्रश्न : पठनवैफल्य बच्चों की पहचान किस प्रकार की जा सकती है?

  • उनके पढ़ने और लिखने की कौशलता के विश्लेषण से।
  • उनकी जटिल व उच्च स्तरीय समस्याओं को हल करने की क्षमता का आंकलन करके।
  • उनके सामाजिक एवं सांस्कृतिक संदर्भ को जानकर
  • पूर्ण शारीरिक स्वास्थ्य परीक्षण द्वारा

उत्तर : 1

प्रश्न : आंशिक दृष्टि वाले विद्यार्थियों के लिए निम्नलिखित में से कौन सी अधिगम सामग्री उपयुक्त नहीं है?

  • बोलती पुस्तकें, स्पर्शीय सूचना पट
  • छोटी मुद्रा वाली कार्यशीट
  • बड़े आकार में मुद्रित पुस्तकें
  • त्रि-विमीय नक्शे और चार्ट

उत्तर : 2

प्रश्न : ‘समावेशी शिक्षा’ के पीछे अंतर्निहित विचार है

  • अलग-अलग अक्षमताओं वाले बच्चों के लिए विशिष्ट शैक्षिक संस्थानों का प्रावधान करना।
  • दार्शनिकता कि सभी बच्चों को नियमित विद्यालय में समान शिक्षा पाने का अधिकार है।
  • बच्चों को उनकी योग्यता के आधार पर पृथक करना और व्यावसायिक प्रशिक्षण का प्रबंध करना ।
  • बच्चों की अक्षमताओं के आधार पर, उनकी सीमाओं की पहचान करने के लिए, उन्हें नामांकित करना ।

उत्तर : 2

प्रश्न : पाँच वर्ष के मोहन की मानसिक आयु आठ वर्ष है उसकी बुद्धि लब्धि कितनी है?

  • 150
  • 160
  • 140
  • 135

उत्तर : 2

प्रश्न : पिछड़े बच्चों के लिए शैक्षिक लब्धि की अवधारणा किसने दी है?

  • गॉर्डन
  • बर्टन हॉल
  • शोनेल
  • सिरिल बर्ट

उत्तर : 4

प्रश्न : सामाजिक अधिगम का सिद्धान्त निम्नलिखित में से किस घटक पर बल देता है?

  • प्रकृति
  • अनुकूलन
  • पोषण
  • पाठ-संशोधन

उत्तर : 3

प्रश्न : बैन्ड्यूरा के सामाजिक अवलोकन पर आधारित अधिगम सिद्धान्त में निम्नलिखित में से कौन-सी प्रक्रिया होती है?

  • स्वचिंतन
  • प्रतिधारण
  • पुनरावृत्ति
  • सार को दोहराना

उत्तर : 2

प्रश्न : श्यामपट्ट पर लिखते समय सबसे महत्वपूर्ण क्या है?

  • अच्छी लिखावट
  • लेखन में स्पष्टता
  • बड़े अक्षरों में लिखना
  • छोटे अक्षरों में लिखना

उत्तर : 2

प्रश्न : निम्न में से किस स्तर में बच्चे अपने समकक्षी वर्ग के सक्रिय सदस्य बनते हैं?

  • किशोरावस्था
  • वयस्कावस्था
  • प्राक् बाल्यावस्था
  • बाल्यावस्था

उत्तर : ??

इस प्रश्न का सही उत्तर क्या होगा? हमें अपना जवाब कमेंट सेक्शन में जरूर दें।

आशा है आपको यह प्रैक्टिस सेट पसंद आया होगा, सरकारी परीक्षाओं से जुड़ी हर जानकरियों हेतु सरकारी अलर्ट को बुकमार्क जरूर करें।

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