CTET Exam 2021 : हर शिफ़्ट में पूछे जा रहे हैं, ‘वाइगोत्सकी के सिद्धांत’ पर आधारित सवाल, यहाँ पढ़ें 15 संभावित प्रश्न

CTET 2021 : (Lev Vygotsky Theory Questions For CTET) केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा की शुरुआत 16 दिसंबर से हो चुकी है और यह 13 जनवरी 2022 तक चलेगी। CBSE द्वारा केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (CTET) की अब तक कई शिफ़्ट आयोजित की जा चुकी है और इनमें बाल विकास एवं शिक्षा शास्त्र (CDP) के अंतर्गत ‘वाइगोत्सकी के सिद्धांत’ पर आधारित सवाल पूछे गए हैं।

ऐसे में इस लेख में आज हम वाइगोत्सकी के सिद्धांत पर आधारित कुछ संभावित प्रश्न आपके साथ साझा कर रहे हैं जो आगामी सीटेट परीक्षा शिफ्टों में पूछे जा सकते हैं। ऐसे में यदि आप भी अभी CTET परीक्षा में शामिल होने वाले हैं तो नीचे दिए गए इन सवालों को जरूर पढ़ लें।

Lev Vygotsky Theory Questions For CTET

वाइगोत्सकी के सिद्धांत पर आधारित 15 संभावित प्रश्न

प्रश्न. जब वयस्क सहयोग से सामंजस्य कर लेते हैं, तो वे बच्चे के वर्तमान स्तर के प्रदर्शन को सम्भावित क्षमता के स्तर के प्रदर्शन की तरफ प्रगति क्रम को सुगम बनाते हैं, इसे कहा जाता है

  • समीपस्थ विकास
  • सहयोग देना
  • सहभागी अधिगम
  • सहयोगात्मक अधिगम

उत्तर : 1

प्रश्न. उत्तर बाल्यावस्था में बालक भौतिक वस्तुओं के किस आवश्यक तत्व में परिवर्तन समझने लगते हैं?

  • द्रव्यमान
  • संख्या
  • द्रव्यमान और संख्या
  • द्रव्यमान संख्या और क्षेत्र

उत्तर : 4

प्रश्न. वाइगोत्स्की के अनुसार, समीपस्थ विकास का क्षेत्र है –

  • अध्यापिका के द्वारा दिए गए सहयोग की सीमा निर्धारित करना
  • बच्चे के द्वारा स्वतन्त्र रूप से किए जा सकने वाले तथा सहायता के साथ करने वाले कार्य के बीच अन्तर
  • बच्चे को अपना सामर्थ्य प्राप्त करने के लिए उपलब्ध कराए गए सहयोग की मात्रा एवं प्रकृति
  • बच्ची अपने आप क्या कर सकती है जिसका आकलन नहीं किया जा सकता है

उत्तर : 2

प्रश्न. निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा वाइगोत्स्की के द्वारा प्रस्तावित विकास तथा अधिगम के बीच सम्बन्ध का सर्वश्रेष्ठ रूप में सार प्रस्तुत करता है?

  • विकास अधिगम से स्वाधीन है।
  • विकास प्रक्रिया अधिगम-प्रक्रिया से पीछे रह जाती है
  • विकास अधिगम का समानार्थक है
  • अधिगम एवं विकास समानान्तर प्रक्रियाएँ हैं

उत्तर : 2

प्रश्न. वाइगोत्सकी बच्चों के सीखने में निम्नलिखित में से किस कारक की महत्वपूर्ण भूमिका पर बल देते हैं?

  • आनुवंशिक
  • शारीरिक
  • नैतिक
  • सामाजिक

उत्तर : 4

प्रश्न. निम्नलिखित में से कौन-सा वाइगोत्स्की के सामाजिक सांस्कृतिक सिद्धान्त पर आधारित है।

  • सक्रिय अनुकूलन
  • पारस्परिक शिक्षण
  • संस्कृति-निरपेक्ष संज्ञानात्मक विकास
  • अन्तर्दृष्टिपूर्ण अधिगम

उत्तर : 2

प्रश्न. एक शिक्षिका अपनी कक्षा में कहती है, “सभी प्रकार के प्रदत्त कार्यों (assignments) का निर्माण इस प्रकार किया गया है कि प्रत्येक विद्यार्थी अधिक प्रभावशाली ढंग से सीख सके अतः सभी विद्यार्थी बिना किसी अन्य की सहायता से अपनो कार्य पूर्ण करें।” वह किस नैतिक विकास के चरण की ओर संकेत दे रही है?

  • औपचारिक चरण-4 कानून और व्यवस्था
  • पर औपचारिक चरण-5 सामाजिक संविदा
  • पूर्व – औपचारिक चरण-1 दण्ड परिवर्तन
  • पूर्व – औपचारिक चरण-2 वैयक्तिक और विनियम

उत्तर : 1

प्रश्न. वाइगोत्सकी के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धान्त के अनुसार –

  • संस्कृति और भाषा संज्ञानात्मक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं
  • बच्चे अलग क्षेत्र में चिन्तन करते हैं और वे पूर्ण परिप्रेक्ष्य नहीं लेते
  • यदि निम्न आयु पर अमूर्त सामग्री को प्रस्तुत किया जाए तो बच्चे अमूर्त तरीके से चिंतन करते हैं
  • स्व-निर्देशित वाक् सहयोग का निम्नतर स्तर है

उत्तर : 1

प्रश्न. छिपी हुई वस्तुएँ ढूढ निकालना इस बात का संकेत है कि शिशु निम्नलिखित में से किस संज्ञानात्मक कार्य में दक्षता प्राप्त करने लगा है?

  • साभिप्राय व्यवहार
  • वस्तु-स्थायित्व
  • समस्या समाधान
  • प्रयोग करना

उत्तर : 2

प्रश्न. रिया कक्षा में पिकनिक तय करने हेतु रिषभ से सहमत नहीं है। वह सोचती है कि बहुमत के अनुकूल बनाने के लिए नियमों का संशोधन किया जा सकता है। यह सहपाठी विरोध, निम्नलिखित में से किससे सम्बन्धित है?

  • संज्ञानात्मक अपरिपक्वता
  • प्रतिक्रिया
  • सहयोग की नैतिकता
  • विषमांग नैतिकता

उत्तर : 3

प्रश्न. वाइगोत्स्की के सिद्धान्त में विकास के निम्नलिखित में से कौन-से पहलू की उपेक्षा होती है?

  • सांस्कृतिक
  • भाषायी
  • जैविक
  • सामाजिक

उत्तर : 3

प्रश्न. वाइगोत्सकी तथा पियाजे के परिप्रेक्ष्यों में एक प्रमुख विभिन्नता है

  • व्यवहारवादी सिद्धान्तों की उनकी आलोचना
  • बच्चों को एक पालन-पोषण का परिवेश उपलब्ध कराने की भूमिका
  • भाषा एवं चिन्तन के बारे में उनके दृष्टिकोण
  • ज्ञान के सक्रिय निर्माताओं के रूप में बच्चों की संकल्पना

उत्तर : 3

प्रश्न. वाइगोत्सकी की संस्तुति के अनुसार, बच्चों की ‘व्यक्तिगत वाक्’ की संकल्पना –

  • स्पष्ट करती है कि बच्चे अहं-केन्द्रित होते हैं
  • प्रदर्शित करती है कि बच्चे बुद्ध होते है इसलिए उन्हें प्रौढ़ों के निर्देशन की आवश्यकता होती है
  • प्रदर्शित करती है कि बच्चे अपने आप से प्यार करते हैं
  • स्पष्ट करती है कि बच्चे अपने ही कार्यों के निर्देशन के लिए भाषा का उपयोग करते हैं

उत्तर : 4

प्रश्न. वाइगोत्स्की के अनुसार, सीखने को पृथक नहीं किया जा सकता

  • उसके सामाजिक सन्दर्भ से
  • अवबोधन और अवधानात्मक प्रक्रियाओं से
  • पुनर्बलन से
  • व्यवहार में मापने योग्य परिवर्तन से

उत्तर : 1

प्रश्न. लेव वाइगोत्स्की के अनुसार

  • बच्चे भाषा अर्जन की एक युक्ति से कोई भाषा सीखते हैं
  • वयस्कों और साथियों से अन्योन्यक्रिया करने का भाषा के विकास में कोई प्रभाव नहीं पड़ता
  • भाषिक विकास मानव चिन्तन के स्वभाव को बदल देता है
  • भाषिक विकास में संस्कृति की भूमिका बहुत कम होती है।

उत्तर : ?

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