CBSE CTET Exam 2022 | सीटेट परीक्षा में पूछें गये जिन पियाजे,लेव वाइगोत्सकी एवं कोहलबर्ग के सिद्धांत से सम्बंधित सबसे शानदार प्रश्न, अवश्य पढ़ें

CBSE CTET Exam 2022 Jean Piaget Lev Vygotsky And Lawrence Kohlberg’s Theory Related Important Questions : केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा की तैयारी करने वाले उम्मीदवारों को अब अपनी तैयारी को और तेज कर देना चाहिए क्योंकि ऑनलाइन आवेदन की तिथि अब समाप्त हो चुकी तथा बोर्ड ने CTET Exam 2022 को लेकर परीक्षा केंद्रों का निर्धारण भी कर चुका है और यह परीक्षा 28 और 29 दिसम्बर को दो पालियों में आयोजित की जाएगी। इसीलिए आज हम सीटीईटी परीक्षा में पूछे जाने वाले हिंदी विषय के सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न और उत्तर आपके लिए लाएं हैं।

ऐसे में आज हम इस लेख के माध्यम से Ctet Jean Piaget Lev Vygotsky And Lawrence Kohlberg’s Theory Related Important Questions को लेकर आये हैं जो की परीक्षा दृष्टि से बेहद उपयोगी है साथ ही हमारे द्वारा प्रस्तुत यह प्रैक्टिस सेट सभी उम्मीदवारों को उनकी तैयारी को एक नया आयाम देगा तथा अच्छे अंक प्राप्त करने में भी मदद करेंगा।

CBSE CTET Exam 2022 Jean Piaget Lev Vygotsky And Lawrence Kohlberg’s Theory Related Important Questions
CBSE CTET Exam 2022 Jean Piaget Lev Vygotsky And Lawrence Kohlberg’s Theory Related Important Questions

CBSE CTET Exam 2022 Jean Piaget Lev Vygotsky And Lawrence Kohlberg’s Theory Related Important Questions

प्रश्न. जिन पियाजे बालकों के नैतिक मूलक सिद्धान्त की व्याख्या के लिए किससे सम्बन्धित प्रश्न रखते हैं

  • नाटक
  • कहानी
  • उपन्यास
  • गीत

उत्तर: 2

प्रश्न. ‘पलटावी गुण’ या “पलटावी बौद्धिक संक्रिया” को बच्चा किस अवस्था में समझता है –

  • संवेदनात्मक गामक अवस्था
  • औपचारिक अवस्था
  • मूर्त संक्रियात्मक का अवस्था
  • पूर्व संक्रियात्मक अवस्था

उत्तर: 3

प्रश्न. जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धान्त के किस अवस्था में बच्चों में माप-तौल की समझ का विकास हो जाता है?

  • आंत प्रज्ञ काल
  • पूर्व संक्रियात्मक अवस्था
  • मूर्त संक्रियात्मक अवस्था
  • औपचारिक अवस्था

उत्तर: 3

प्रश्न. पियाजे के अनुसार विकास की पहली अवस्था (जन्म से लगभग 2 वर्ष आयु) के दौरान बच्चा – सबसे बेहतर सीखता है।

  • अमूर्त तरीके से चिन्तन द्वारा
  • भाषा के नए अर्जित ज्ञान के अनुप्रयोग द्वारा
  • इन्द्रियों के प्रयोग द्वारा
  • निष्क्रिय (neutral) शब्दों को समझने के द्वारा

उत्तर : 3

प्रश्न. बच्चों के बौद्धिक विकास की चार विशिष्ट अवस्थाओं की पहचान की गई –

  • एरिकसन द्वारा
  • स्किनर द्वारा
  • पियाजे द्वारा
  • कोहलबर्ग द्वारा

उत्तर : 3

प्रश्न. जिन पियाजे के नैतिक सिद्धान्त कितने स्तरों में विभाजित है –

  • तीन
  • पाँच
  • चार
  • दो

उत्तर: 1

प्रश्न. ‘आज्ञापालन की ‘अंधभक्ति’ जिन पियाजे के किस नैतिक स्तर में पाया जाता है

  • नैतिकता समानता
  • नैतिक दबाव
  • नैतिक सापेक्षता
  • कोई नहीं

उत्तर: 2

प्रश्न. पियाजे के अनुसार, स्वतः नैतिकता के स्तर तक पहुँचने में कौन तत्व सहायक सिद्ध है?

  • सहयोग
  • पारस्परिक पर निर्भरता
  • विभिन्न दृष्टिकोणों के प्रति जागरूकता
  • उपरोक्त सभी।

उत्तर: 4

प्रश्न. “खेल को शैक्षिक महत्ता” किस संज्ञानात्मक सिद्धान्त के समर्थक मनोवैज्ञानिक ने दी है।

  • जीन पियाजे
  • वाइगोटस्की
  • जेए०एस० ब्रूनर
  • फ्रावेल

उत्तर: 1

प्रश्न. जीन पियाजे के संज्ञानात्मक सिद्धान्त में बच्चा किस सिद्धान्त में क्यों ? और कैसे? का प्रश्न करता है।

  • मूर्त अवस्था
  • औपचारिक अवस्था
  • पूर्व प्रत्यात्मक अवस्था
  • आंत प्रश्न काल

उत्तर: 3

प्रश्न. संज्ञानात्मक विकास के लिए किस मनोवैज्ञानिक ने संस्कृति और भाषा पर जोर दिया है।

  • पियाजे
  • वाईगोस्टकी
  • ब्रूनर
  • कोई नहीं

उत्तर: 2

प्रश्न. वाइगोत्सकी के सिद्धांत में विकास के निम्नलिखित में कौन से पहलू की उपेक्षा होती है?

  • सांस्कृतिक
  • जैविक
  • भाषायी
  • सामाजिक

उत्तर: 2

प्रश्न. वाइगोत्सकी के अनुसार सीखने को पृथक नहीं किया जा सकता-

  • उसके सामाजिक संदर्भ से
  • अब बोलने और अबधनात्मक प्रक्रियाओं से
  • पुनर्बलन से
  • व्यवहार में मापने योग्य परिवर्तन से

उत्तर: 1

प्रश्न. वाइगोत्सकी तथा पियाजे के परिप्रेक्ष्य में एक प्रमुख विभिन्नता है-

  • व्यवहारवादी सिद्धांतों की उनकी आलोचना
  • बच्चों को एक पालन पोषण का प्रवेश उपलब्ध कराने की भूमिका
  • भाषा एवं चिंतन के बारे में उनके दृष्टिकोण
  • ज्ञान के सक्रिय निर्माताओं के रूप में बच्चों की संकल्पना

उत्तर: 1

प्रश्न. लेव वाइगोत्सकी के अनुसार संज्ञानात्मक विकास का मूल कारण है-

  • संतुलन
  • सामाजिक अन्योन्यक्रिया
  • मानसिक प्रारूपों का समायोजन
  • उद्दीपक अनुक्रिया युग्मन

उत्तर: 2

प्रश्न. लेव वाइगोत्सकी के समाज संरचना मैं दृढ़ विश्वास रखने वाले शिक्षक के नाते आप अपने बच्चों के आकलन के लिए निम्नलिखित में किस तिथि को वरीयता देंगे?

  • सहयोगी प्रोजेक्ट
  • मानकीकृत परीक्षण
  • तथ्यों पर आधारित प्रत्यास्मरण
  • वस्तुपरक बहुविकल्पी प्रकार के प्रश्न

उत्तर: 1

प्रश्न. लेव वाइगोत्सकी कहां के थे?

  • जापान
  • रूस
  • अमेरिका
  • चीन

उत्तर: 2

प्रश्न. ……….के अनुसार,बच्चों के चिंतन के बारे में सामाजिक प्रक्रिया व तथा सांस्कृतिक संदर्भ के प्रभाव को समझना आवश्यक है ।

  • जीन पियाजे
  • लेव वाइगोत्सकी
  • अल्बर्ट बंडूरा
  • लॉरेंस कोहलबर्ग

उत्तर: 2

प्रश्न. पियाजे ने विकास को नियंत्रित करने वाले जैविक कारकों को महत्व दिया, जबकि वाइगोत्सकी ने इसके महत्व का कारण बताया:

  • चिंतन प्रक्रिया
  • सामाजिक संपर्क
  • भौतिक कारक
  • पर्यावरणीय कारक

उत्तर: 2

प्रश्न. कोहलबर्ग के अनुसार, बच्चे सीखते हैं?

  • संज्ञानात्मक विकास के चरण
  • शारीरिक विकास के चरण
  • संवेगात्मक विकास के चरण
  • नैतिक विकास के चरण

उत्तर : 4

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प्रश्न. कोहलबर्ग के अनुसार वह स्तर जिसमें बालक की नैतिकता दण्ड के भय से नियन्त्रित रहती है, कहलाती है?

  • पूर्व-नैतिक अवस्था
  • परम्परागत नैतिक स्तर
  • आत्म-स्वीकृत नैतिक अवस्था
  • नैतिकता स्तर

उत्तर : 1

प्रश्न : रिक्त स्थान भरिए: “कोहलबर्ग का सिद्धान्त एक
बालक ………. के विकास की व्याख्या करता है।”

  • अनैतिक
  • नैतिक
  • अनैतिक व नैतिक
  • इनमें से कोई नहीं

उत्तर : 2

प्रश्न. लॉरेंस कोह्लबर्ग के सिद्धांत में, कौन सा स्तर सही अर्थों में नैतिकता की अनुपस्थिति को दर्शाता है?

  • स्तर III
  • स्तर IV
  • स्तर I
  • स्तर II

उत्तर: 3

प्रश्न. कोहलबर्ग के अनुसार, एक शिक्षक बच्चों में नैतिक मूल्यों को जन्म दे सकता है?

  • ‘व्यवहार कैसे करें’ पर सख्त निर्देश देना
  • नैतिक मुद्दों पर चर्चा में उन्हें शामिल करना
  • व्यवहार के स्पष्ट नियम रखना
  • धार्मिक शिक्षाओं को महत्व देना

उत्तर: 2

प्रश्न. 9 वर्ष के बालक की नैतिक तर्कना आधारित होती है

  • किसी कार्य के भौतिक परिणाम उसकी अच्छाई या बुराई को निर्धारित करते हैं
  • कोई कार्य सही होना इस बात पर निर्भर करता है कि उससे व्यक्ति को अपनी आवश्यकता पूर्ति होती है
  • नियमों का पालन करने के बदले में कुछ लाभ मिलना चाहिए
  • सही कार्य वह है जो उस व्यक्ति के द्वारा किया जाए जो अन्य व्यक्तियों को अपने व्यवहार से प्रभावित करता है।

उत्तर : 1

प्रश्न. लारेंस कोहलवर्ग के नैतिक सिद्धान्त के किस स्तर पर नैतिक मूलक सिद्धान बालकों के “आन्तरिक नियन्त्रण’ में रहता है?

  • प्राक् रूढ़िगत स्तर
  • रूढ़िगत स्तर
  • उत्तर रूढ़िगत स्तर
  • परम्परागत स्तर

उत्तर: 3

प्रश्न. कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धान्त के अनुसार निम्न अवस्था में लोगों की आशा तथा इच्छाएँ पूरी करने के सन्दर्भ में सही या गलत का निर्णय लेता है

  • अवस्था-1
  • अवस्था- 3
  • अवस्था-2
  • अवस्था-4

उत्तर : 2

प्रश्न. कोहलबर्ग के नैतिक तर्क के चरणों के संदर्भ में, किस चरण के तहत किसी बच्चे के गिरने की विशिष्ट प्रतिक्रिया होगी? “यदि आप ईमानदार हैं तो आपके माता-पिता को आप पर गर्व होगा। इसलिए आपको ईमानदार होना चाहिए।

  • सामाजिक अनुबंध अभिविन्यास
  • सजा-आज्ञापालन अभिविन्यास
  • गुड गर्ल-गुड बॉय ओरिएंटेशन
  • लॉ एंड ऑर्डर ओरिएंटेशन

उत्तर: 3

प्रश्न. कोहलबर्ग के सिद्धांत के पूर्व-पारंपरिक स्तर के अनुसार, नैतिक निर्णय लेते समय निम्नलिखित में से किसके लिए एक व्यक्तिगत मोड़ होगा?

  • व्यक्तिगत ज़रूरतें और इच्छाएँ
  • व्यक्तिगत मूल्य
  • पारिवारिक अपेक्षाएँ
  • संभावित सजा शामिल है

उत्तर: 4

प्रश्न. “दी मोरल जजमेंट आफ चाइल्ड’ किसकी रचना है?

  • जी०एस० हाल
  • बी०एफ० स्कीनर
  • जिन पियाजे
  • लारेंस कोहलवर्ग

उत्तर : ?

इस प्रश्न का सही उत्तर क्या होगा? हमें अपना जवाब कमेंट सेक्शन में जरूर दें।

  1. जिन पियाजे

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  2. जीन पियाजे

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  3. लॉरेंस कोहलबर्ग

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  4. Jean piget

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  5. 4

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