CBSE CTET Child Development And Pedagagy Practice Set 11 | NCERT पाठ्यक्रम पर आधारित महत्वपूर्ण प्रश्न, जरूर पढ़ें

CBSE CTET Child Development And Pedagogy Practice Set 11 : शिक्षक पद की तैयारी कर रहे सभी उम्मीदवारों के लिये केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) द्वारा केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (CTET) हेतु शार्ट नोटिस जारी कर दी गयी है तथा इस परीक्षा हेतु ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 31/10/2022 से शुरू हो गयी है और आवेदन करने की आख़िरी तारीख 24/11/2022 तय की गयी है। साथ ही बात करें इसकी परीक्षा की तो इसकी परीक्षा दिसम्बर 2022 में आयोजित की जायेगी।

ऐसे में आज हम इस लेख के माध्यम से Ctet Child Development And Pedagogy previous year question paper को लेकर आये हैं जो की परीक्षा दृष्टि से बेहद उपयोगी है साथ ही हमारे द्वारा प्रस्तुत यह CTET Child Development And Pedagogy mock test in hindi प्रैक्टिस सेट सभी उम्मीदवारों को उनकी तैयारी में नयी मजबूती देगा तथा अच्छे अंक प्राप्त करने में भी मदद करेंगा।

CBSE CTET Child Development And Pedagogy Practice Set 11
CBSE CTET Child Development And Pedagogy Practice Set 11

CBSE CTET Child Development And Pedagogy Practice Set 11 (30 MCQ)

प्रश्न. एक औसत बुद्धि वाला बच्चा यदि भाषा को पढ़ने एवं समझने में कठिनाई प्रदर्शित करता है, तो यह संकेत देता है. कि बच्चा … का लक्षण प्रदर्शित कर रहा है।

  • लेखन क्षमता (डिस्ग्राफिया)
  • गणितीय-अक्षमता (डिस्कैल्कुलिया)
  • गतिसमन्वय-अक्षमता (डिस्प्रैक्सिया)
  • पठन-अक्षमता (डिस्लेक्सिया)

उत्तर: 4

प्रश्न. शैशवकाल की अवधि है?

  • जन्म से 2 वर्ष तक
  • जन्म से 3 वर्ष तक
  • जन्म से 1 वर्ष तक
  • 2 से 3 वर्ष तक

उत्तर: 1

प्रश्न. पियाजे के अनुसार 2 से 7 वर्ष के बीच का एक बच्चा संज्ञानात्मक विकास की अवस्था में है।

  • औपचारिक संक्रियात्मक
  • मूर्त संक्रियात्मक
  • संवेदी-गतिक
  • पूर्व संक्रियात्मक

उत्तर: 4

प्रश्न. विकास से की ओर बढ़ता है।

  • जटिल, कठिन
  • विशिष्ट, सामान्य
  • साधारण, आसान
  • सामान्य, विशिष्ट

उत्तर: 4

प्रश्न. जब वयस्क सहयोग से सामंजस्य कर लेते हैं, तो वे बच्चे के वर्तमान स्तर के प्रदर्शन को सम्भावित क्षमता स्तर के प्रदर्शन की तरफ प्रगति क्रम को सुगम बनाते हैं, इसे कहा जाता है

  • सहयोग देना
  • सहभागी अधिगम
  • सहयोगात्मक अधिगम
  • समीपस्थ विकास

उत्तर: 1

प्रश्न. नवीन जानकारी को शामिल करने के लिए वर्तमान स्कीमा (अवधारणा) में बदलाव की प्रक्रिया कहलाती है।

  • आत्मसात्करण
  • अहंकेन्द्रित
  • समायोजन
  • अनुकूलन

उत्तर: 1

प्रश्न. मध्य बाल्यावस्था में भाषा………. के बजाय…..अधिक है।

  • समाजीकृत, अहंकेन्द्रित
  • जीववादी, समाजीकृत
  • परिपक्व, अपरिपक्व
  • अहंकेन्द्रित, समाजीकृत

उत्तर: 1

प्रश्न. बाल केन्द्रित शिक्षा में शामिल है।

  • बच्चों का एक कोने में बैठना
  • प्रतिबन्धित परिवेश में अधिगम
  • वे गतिविधियाँ जिनमें खेल शामिल नहीं होते
  • बच्चों के लिए हस्तपरक गतिविधियाँ

उत्तर: 4

प्रश्न. कक्षा- अध्यापक ने राघव को अपनी कक्षा में अपने की-बोर्ड पर स्वयं द्वारा तैयार किया गया मधुर संगीत बजाते हुए देखा। कक्षा अध्यापक ने विचार किया कि राघव में बुद्धि उच्चस्तरीय थी।

  • शारीरिक गतिबोधक
  • संगीतमय
  • भाषायी
  • स्थानीय

उत्तर: 2

प्रश्न. लेव वाईगोत्स्की का सामाजिक- सांस्कृतिक परिप्रेक्ष्य, अधिगम प्रक्रिया में के महत्व पर जोर देता है।

  • अभिप्रेरणा
  • सांस्कृतिक उपकरणों
  • सन्तुलीकरण
  • गुणारोपण

उत्तर: 2

प्रश्न. जीन पियाजे अपने संज्ञानात्मक विकास के सिद्धान्त में, संज्ञानात्मक संरचनाओं को करते हैं। के रूप में वर्णित

  • विकास का समीपस्थ क्षेत्र
  • स्कीमा/मनोबन्ध
  • मनोवैज्ञानिक उपकरणों
  • उद्दीपक-अनुक्रिया सम्बन्ध

उत्तर: 2

प्रश्न. एक समावेशी कक्षा में पर जोर होना चाहिए।

  • सामाजिक पहचान के आधार पर छात्रों के अलगाव
  • हर बच्चे के सामर्थ्य को अधिकतम करने के लिए अवसर प्रदान करने
  • प्रदर्शन/ अभिमुखी लक्ष्यों
  • अविभेदी-समरूपी निर्देशों

उत्तर: 2

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  1. CBSE CTET Child Development And Pedagogy Practice Set 10
  2. CBSE CTET General Hindi Practice Set 02

प्रश्न. दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम (2016) के अनुसार, निम्न में से किस शब्दावली का प्रयोग उपयुक्त है ?

  • छात्र जिसे शारीरिक दिव्यांगता है।
  • छात्र जिसका अशक्त शरीर है।
  • मन्दित छात्र
  • विकलांग छात्र

उत्तर: 1

प्रश्न. जन्म से किशोरावस्था तक बच्चों में विकास किस क्रम में होता है ?

  • मूर्त, अमूर्त, सांवेदिक
  • अमूर्त, मूर्त, सांवेदिक
  • सांवेदिक, मूर्त, अमूर्त
  • अमूर्त, सांवेदिक, मूर्त

उत्तर: 3

प्रश्न. एक प्रगतिशील कक्षा में व्यक्तिगत विभिन्नताओं को किस प्रकार देखा जाना चाहिए?

  • योग्यता – आधारित समूह बनाने का मापदण्ड ।
  • अध्यापन-अधिगम प्रक्रिया की परियोजना के लिए महत्त्वपूर्ण
  • अधिगम की प्रक्रिया में बाधा।
  • अध्यापक के पक्ष पर असफलता।

उत्तर: 3

प्रश्न. निम्न में से अध्यापन अधिगम का सबसे प्रभावशाली माध्यम कौन-सा है?

  • बिना विश्लेषण के अवलोकन करना
  • अनुकरण/नकल और दोहराना
  • विषय-वस्तु को यन्त्रवत याद करना
  • संकल्पनाओं के बीच सम्बन्ध खोजना

उत्तर: 4

प्रश्न. अल्बर्ट बग्डूरा जाने जाते हैं।

  • सामाजिक अधिगम सिद्धान्त के लिए
  • मनोलैंगिक विकास सिद्धान्त के लिए
  • संवेगात्मक विकास सिद्धान्त के लिए
  • नैतिक विकास सिद्धान्त के लिए

उत्तर: 1

प्रश्न. निम्नांकित में से कौन-सी फ्रायड के मनोलैंगिक विकास की अवस्था नहीं है?

  • मुखावस्था
  • पूर्व संक्रियात्मक अवस्था
  • गुप्तावस्था
  • गुदावस्था

उत्तर: 2

प्रश्न. ‘एक बच्चा कहता है कि माँ आज सूरज उदास ‘है’ वह निम्नलिखित में से पूर्व संक्रियात्मक चिन्तन की किस सीमा
की ओर संकेत कर रहा है?

  • आत्मकेन्द्रण
  • एनिमिज्म
  • आदर्शवाद
  • प्रकृतिवाद

उत्तर: 2

प्रश्न. ब्रोफेनब्रेनर के जैव पारिस्थितिकीय मॉडल के अनुसार बच्चे के माता पिता, उसके भाई-बहन आदि उदाहरण हैं।

  • सूक्ष्म तन्त्र के
  • बृहत् तन्त्र के
  • बाह्य तन्त्र के
  • समय तन्त्र के

उत्तर: 1

प्रश्न. निम्नांकित में से कौन-सी स्वलीनता युक्त बालक के शिक्षण की एक विधि है?

  • PECS
  • टेलर फ्रेम
  • ब्रेल
  • इनमें से कोई नहीं

उत्तर: 1

प्रश्न. ‘एक बालिका के उसके पिता के प्रति आकर्षण’ को फ्रायड ने कहा है?

  • इलेक्ट्रा ग्रन्थि
  • नैतिक द्वन्द्व
  • ओडिपस ग्रन्थि
  • मौखिक ग्रन्थि

उत्तर: 1

प्रश्न. निम्नांकित में से कौन-से पद का तात्पर्य एक विद्यार्थी के सही उत्तर की सम्भावना को बढ़ाने वाले संकेतों से है?

  • मस्तिष्क उद्वेलन
  • सलाह
  • प्रोम्प्ट
  • इनमें से कोई नहीं

उत्तर: 3

प्रश्न. एक अध्यापिका को दिए गए किसी कार्यकलाप में छात्रों की विभिन्न त्रुटियों का विश्लेषण करना चाहिए, क्योकि –

  • इसके आधार पर वह ज्यादा त्रुटियाँ करने वाले छात्रों को दूसरे छात्रों से अलग कर सकती है।
  • अधिगम केवल त्रुटियों के शोधन पर निर्भर है।
  • इसके आधार पर वह दण्ड की मात्रा निर्धारित कर सकती है।
  • त्रुटियों की समझ, अध्यापन अधिगम प्रक्रिया के लिए अर्थपूर्ण है।

उत्तर: 4

प्रश्न. अधिगम की अभिप्रेरणा को किस प्रकार कायम रखा जा सकता है?

  • बच्चों को बहुत आसान क्रियाकलाप देकर।
  • यन्त्रवत याद करने पर जोर देकर।
  • बच्चे को दण्ड देकर
  • प्रवीणता अभिमुखी लक्ष्यों पर जोर देकर

उत्तर: 4

प्रश्न. शर्मिंदगी………….

  • बच्चों को अधिगम हेतु अभिप्रेरित करने के लिए बहुत प्रभावशाली है।
  • के भाव को अध्यापन अधिगम प्रक्रिया में बारम्बार पैदा करना चाहिए।
  • का संज्ञान से कोई सम्बन्ध नहीं है।
  • का संज्ञान पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

उत्तर: 4

प्रश्न. अधिगम का संरचनात्मक विचार यह सुझाव देता है कि ज्ञान की संरचना में

  • बच्चे सक्रिय भूमिका निभाते है।
  • बच्चे पूर्ण रूप से पाठ्य पुस्तकों पर निर्भर रहते हैं।
  • बच्चों की कोई भूमिका नहीं होती।
  • बच्चे पूर्ण रूप से वयस्कों पर निर्भर रहते हैं।

उत्तर: 1

प्रश्न. अधिगम के लिए निम्न में से कौन-सी धारणा उपयुक्त है ?

  • प्रयासों से कोई फर्क नहीं पड़ता
  • असफलता अनियन्त्रित है।
  • योग्यता सुधार्य है।
  • योग्यता अटल है।

उत्तर: 3

प्रश्न. निम्न में से कौन-सी परिपाटी, विद्यार्थियों में संकल्पनात्मक समझ में बढ़ोत्तरी करने में सहायक है?

  • बारम्बार परीक्षाएँ
  • अन्वेषण और संवाद
  • प्रतिस्पर्धा आधारित प्रतिस्पर्धाएँ
  • पाठ्य पुस्तक केन्द्रित शिक्षाशास्त्र

उत्तर: 2

प्रश्न. बच्चों को सीखने में कठिनाई होती है, जब-

  • अधिगम सामाजिक सन्दर्भ में हो।
  • विषय-वस्तु को बहुरूपों में प्रस्तुत किया गया हो।
  • सूचना अलग-अलग टुकड़ों में प्रस्तुत की जाए।
  • वो आन्तरिक रूप से अभिप्रेरित हो।

उत्तर : ?

इस प्रश्न का सही उत्तर क्या होगा? हमें अपना जवाब कमेंट सेक्शन में जरूर दें।

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