CTET बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र प्रैक्टिस सेट 08 : CTET आवेदन की प्रक्रिया हुआ जारी ऐसे में परीक्षा होने से पहले पिछले साल के मुख्य सवालों के सलूशन के साथ, अवश्य पढ़ें

CBSE CTET Child Development And Pedagogy Practice Set 08 : उत्तर प्रदेश में CTET 2022 Exam की परीक्षा को लेकर केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) आधिकारिक वेबसाइट द्वारा आवेदन की प्रक्रिया 31 अक्टूबर को जारी कर दिया गया है। CTET Exam 2022 का आयोजन दिसम्बर 2022 से जनवरी 2023 के बीच में किया जाएगा। ऐसे में योग्य उम्मीदवार इस परीक्षा में अपनी सफलता सुनिश्चित करना चाहते हैं तो उनके लिए CTET Practice Set हल करना एक उचित रणनीति है। इसलिए आज हम आपके लिए CTET Child Development And Pedagogy Practice Set लेकर आ चुके हैं।

ऐसे में इस लेख के जरिए बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के विगत वर्षों में कराए गए बेहद महत्वपूर्ण प्रश्नों का संग्रह लेकर आए हैं ऐसे में सभी परीक्षार्थी इन प्रश्नों का अध्ययन जरूर करें ताकि परीक्षा में बेहतर अंको से सफलता हासिल कर सकें।

CBSE CTET Child Development And Pedagogy Practice Set 08
CBSE CTET Child Development And Pedagogy Practice Set 08

CBSE CTET Child Development And Pedagogy Practice Set 08

प्रश्न. लेव वायगोत्स्की का सामाजिक-सांस्कृतिक परिप्रेक्ष्य, अधिगम प्रक्रिया के महत्व पर जोर देता है।

  • अभिप्रेरणा
  • सांस्कृतिक उपकरणों
  • सन्तुलीकरण
  • गुणारोपण

उत्तर: 2

प्रश्न. जीन पियाजे अपने संज्ञानात्मक विकास के सिद्धान्त में, संज्ञानात्मक संरचनाओं को के रूप में वर्णित करते हैं।

  • विकास का समीपस्य क्षेत्र
  • मनोवैज्ञानिक उपकरणों
  • स्कीमा/मनोबन्ध
  • उद्दीपक-अनुक्रिया सम्बन्ध

उत्तर: 3

प्रश्न. एक समावेशी कक्षा में पर जोर होना चाहिए।

  • सामाजिक पहचान के आधार पर छात्रों के अलगाव
  • हर बच्चे के सामर्थ्य को अधिकतम करने के लिए अवसर प्रदान करने
  • प्रदर्शन अभिमुखी लक्ष्यों
  • अविभेदी-समरूपी निर्देशों

उत्तर: 2

प्रश्न. बहु-बुद्धि का सिद्धान्त जोर देता है कि

  • बुद्धिमता की विभिन्न दशाएँ हैं।
  • बुद्धिमत्ता में कोई व्यक्तिगत विभिन्नताएँ नहीं होती हैं।
  • बुद्धि-लब्धि केवल वस्तुनिष्ठ परीक्षणों द्वारा ही मापी जा सकती है।
  • एक आयाम में बुद्धिमत्ता, अन्य सभी आयामों में बुद्धिमत्ता निर्धारित करती है।

उत्तर: 1

प्रश्न. जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धान्त में, पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था में विकास का मुख्य गुण क्या होता है ?

  • परिकल्पित-निगमनात्मक सोच
  • संरक्षण और पदार्थों को क्रमबद्ध करने की क्षमता
  • अमूर्त सोच का विकास
  • विचार/सोच में केन्द्रीकरण

उत्तर: 4

प्रश्न. दो विद्यार्थी एक ही अवतरण को पढ़ते हैं, फिर भी इसके बिलकुल भिन्न अर्थ लगाते हैं। उनके बारे में निम्नलिखित में से क्या सत्य है?

  • संभव नहीं है, क्योंकि अधिगम का आशय अर्थ लगाना नहीं है।
  • संभव नहीं है और विद्यार्थियों को उसे दुबारा पढ़ना चाहिए।
  • संभव है, क्योंकि शिक्षक ने अवतरण को समझाया नहीं है।
  • संभव है, क्योंकि व्यक्ति के अधिगम को विविध कारण विभिन्न विधियों से प्रभावित करते हैं।

उत्तर: 4

प्रश्न. राष्ट्रीय पाठ्यर्चा की रूपरेखा, 2005 के अनुसार अधिगम अपने स्वभाव में ……. और ……… है।

  • सक्रिय, सरल
  • सक्रिय, सामाजिक
  • निष्क्रिय, सामाजिक
  • निष्क्रियः सरल

उत्तर: 1

प्रश्न. विद्यार्थियों को स्वतंत्र रूप से चिंतन करने तथा प्रभावी शिक्षार्थी बनने में सक्षम बनाने हेतु शिक्षक के लिए यह महत्त्वपूर्ण है –

  • एक संघटित तरीके से जानकारी को प्रस्तुत करना ताकि पुनःस्मरण करने में सरल हो
  • विद्यार्थियों के द्वारा प्राप्त की गई प्रत्येक सफलता के लिए उन्हें पुरस्कार देना
  • विद्यार्थियों को सिखाना कि किस प्रकार से अपने अधिगम का अनुवीक्षण करें
  • छोटी-छोटी इकाइयों या खंडों में जानकारी प्रदान करना

उत्तर: 1

प्रश्न. विकास के सिद्धांतों के बारे में निम्नलिखित में कौन-सा कथन गलत है?

  • विकास एक परिमाणात्मक प्रक्रिया है जिसका ठीक-ठाक मापन हो सकता है।
  • विकास परिपक्वन और अधिगम पर आधारित होता है
  • विकास वशानुगतता और वातावरण के बीच सतत अन्योन्यक्रिया से होता है।
  • प्रत्येक बच्चा विकास के चरणों से गुजरता है फिर भी बच्चों में वैयक्तिक भिन्नताएँ बहुत होती हैं।

उत्तर: 1

प्रश्न. जीन पियाजे के द्वारा प्रस्तुत संरक्षण के प्रत्यय से तात्पर्य है कि –

  • दूसरों के परिदृश्य को ध्यान में रखना एक महत्त्वपूर्ण संज्ञानात्मक क्षमता है
  • वन्यजीवन और वनों का संरक्षण बहुत महत्त्वपूर्ण है
  • कुछ भौतिक गुणधर्म वही रहते हैं चाहे बाहरी आकृतियाँ बदल जाएं
  • परिकल्पना पर विधिवत परीक्षण से सही निष्कर्ष पर पहुंचा जा सकता है

उत्तर: 3

प्रश्न. सार्थक अधिगम है

  • निजी अनुभवों से ज्ञान की संरचनाओं का सक्रिय निर्माण
  • उद्दीपक तथा उत्तर के बीच युग्मन तथा साहचर्य
  • वयस्कों और अधिक सक्षम साथियों का अनुकरण
  • दी गई सूचना का निष्क्रिय ग्रहण

उत्तर: 1

प्रश्न. विकास के सन्दर्भ में निम्न में से कौन-सा कथन सही है ?

  • विकास केवल बाल्यावस्था के दौरान ही होता है।
  • विकास बहुआयामी होता है।
  • विकास की दर, सभी संस्कृतियों में सभी के लिए समान होती है।
  • विकास केवल विद्यालय में होने वाले अधिगम से ही होता है।

उत्तर: 2

प्रश्न. लॉरेन्स कोलबर्ग के सिद्धान्त के अनुसार, “किसी कार्य को इसलिए करना, क्योंकि दूसरे इसे स्वीकृति देते हैं”, नैतिक विकास के ……. चरण को दर्शाता है।

  • उत्तर-प्रथागत
  • अमूर्त संक्रियात्मक
  • प्रथा-पूर्व
  • प्रथागत

उत्तर: 4

प्रश्न. बच्चों के समाजीकरण के सन्दर्भ में निम्न में से कौन-सा कथन सही है?

  • समकक्षी समाजीकरण के प्राथमिक कारक हैं और परिवार समाजीकरण का एक द्वितीयक कारक है।
  • परिवार एवं जन-संचार दोनों समाजीकरण के द्वितीयक कारक हैं।
  • विद्यालय समाजीकरण का एक द्वितीयक कारक है और परिवार समाजीकरण का एक प्राथमिक कारक है।
  • विद्यालय समाजीकरण का एक प्राथमिक कारक है और समकक्षी समाजीकरण के द्वितीय कारक हैं।

उत्तर: 3

प्रश्न. लेव वाईगोत्स्की का सामाजिक सांस्कृतिक परिप्रेक्ष्य अधिगम प्रक्रिया में …… के महत्व पर जोर देता है।

  • अभिप्रेरणा
  • सन्तुलीकरण
  • सांस्कृतिक उपकरणों
  • गुणारोपण

उत्तर: 3

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प्रश्न. अधिगम के लिए निम्न में से कौन-सी धारणा उपयुक्त है ?

  • प्रयासों से कोई फर्क नहीं पड़ता।
  • असफलता अनियन्त्रित है।
  • योग्यता सुधार्य है।
  • योग्यता अटल है।

उत्तर: 3

प्रश्न. निम्न में से कौन सी परिपाटी, विद्यार्थियों में संकल्पनात्मक समझ में बढ़ोतरी करने में सहायक है?

  • बारम्बार परीक्षाएं
  • अन्वेषण और संवाद
  • प्रतिस्पर्धा आधारित प्रतिस्पर्धाएं
  • पाठ्य पुस्तक केन्द्रित शिक्षाशास्त्र

उत्तर: 2

प्रश्न. बच्चों को सीखने में कठिनाई होती है, जब

  • अधिगम सामाजिक सन्दर्भ में हो।
  • विषय-वस्तु को बहुरूपों में प्रस्तुत किया गया हो।
  • सूचना अलग-अलग टुकड़ों में प्रस्तुत की जाए।
  • वो आन्तरिक रूप से अभिप्रेरित हो।

उत्तर: 3

प्रश्न. मूल्यांकन पद्धतियों का लक्ष्य होना चाहिए।

  • विद्यार्थियों की जरूरतों एवं आवश्यकताओं की पहचान करना।
  • पुरस्कार वितरण हेतु उच्च-अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों की पहचान करना।
  • विद्यार्थियों को नामांकित करना।
  • योग्यता-आधारित समूहों में विद्यार्थियों को विभाजित करना।

उत्तर: 1

प्रश्न. एक गतिविधि के दौरान छात्रों को संघर्ष करते देख, एक अध्यापिका बच्चों को संकेत और इशारे जैसे- ‘क्या, क्यों, कैसे’ प्रदान करने का फैसला लेती है। लेव वायगोत्स्की के सिद्धान्त के अनुसार, अध्यापिका की यह योजना –

  • छात्रों में प्रत्याहार/निकास प्रवृत्तियाँ पैदा करेगी।
  • अधिगम की प्रक्रिया में अर्थहीन होगी।
  • बच्चों को अधिगम के लिए अनुत्प्रेरित/निष्प्रेरित करेगी।
  • अधिगम के लिए पाड़/आधारभूत संरचना का काम करेगी।

उत्तर: 4

प्रश्न. एक खेल क्रिया के दौरान चोट लगने पर रोहन रोने लगा। यह देखकर उसके पिता ने कहा, “लड़कियों की तरह व्यवहार ना करो; लड़के रोते नहीं हैं।” पिता का यह कथन

  • लैंगिक भेदभाव को कम करता है।
  • लैंगिक समानता को बढ़ावा देता है।
  • लैंगिक रूढ़िवादिताओं को दर्शाता है।
  • लैंगिक रूढ़िवादिताओं को चुनौती देता है।

उत्तर: 3

प्रश्न. जीन पियाजे अपने संज्ञानात्मक विकास के सिद्धान्त में, संज्ञानात्मक संरचनाओं को ………. के रूप में वर्णित करते हैं।

  • विकास का समीपस्थ क्षेत्र
  • स्कीमा/मनोबन्ध
  • मनोवैज्ञानिक उपकरणों
  • उद्दीपक-अनुक्रिया सम्बन्ध

उत्तर: 2

प्रश्न. एक समावेशी कक्षा में …… पर जोर होना चाहिए।

  • सामाजिक पहचान के आधार पर छात्रों के अलगाव
  • हर बच्चे के सामर्थ्य को अधिकतम करने के लिए अवसर प्रदान करने
  • प्रदर्शन/अभिमुखी लक्ष्यों
  • अविभेदी-समरूपी निर्देशों

उत्तर: 2

प्रश्न. बाल्यावस्था की अवधि में विकास –

  • में केवल परिमाणात्मक परिवर्तन होते हैं।
  • अनियमित और असंबद्ध होता है।
  • धीमी गति से होता है एवं उसे मापा नहीं जा सकता।
  • बहुस्तरीय और मिश्रित होता है।

उत्तर: 4

प्रश्न. बाल-केन्द्रित कक्षा वह है, जिसमें

  • बच्चों के व्यवहार को निर्देशित करने के लिए अध्यापक पुरस्कार और दंड का प्रयोग करता है।
  • अध्यापक लचीला है और प्रत्येक बच्चे की व्यक्तिगत आवश्यकताओं को पूरा करता है।
  • अध्यापक केवल पाठ्यपुस्तक को ज्ञान के स्रोत के लिए उपयोग करता है।
  • अध्यापक, बच्चों को उनकी क्षमता के आधार पर वर्गीकृत करता है।

उत्तर: 2

प्रश्न. किस मनोवैज्ञानिक के अनुसार बच्चों के संज्ञानात्मक विकास में ‘सांस्कृतिक उपकरण’ एक महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं?

  • अल्बर्ट बन्डुरा
  • बी.एफ. स्किनर
  • लेव वायगोत्स्की
  • जीन पियाजे

उत्तर: 3

प्रश्न. कक्षा में सभी लिंगों में जेंडर रूढ़िवादिता कम करने और विकास के विस्तार की संभावनाओं को बढ़ाने के लिए प्रभावशाली पद्धति कौन सी है?

  • एक ही लिंग के योग्यता समूह बनना।
  • क्रियाकलाप के लिए मिश्रित लिंग समूह बनाना और विचार-विमर्श को प्रोत्साहित करना।
  • लिंगों के जैविक अंतरों की उपेक्षा करना और उन्हें अस्वीकार करना।
  • समाज में चित्रित लिंग भूमिकाओं को प्रबल करना।

उत्तर: 2

प्रश्न. अध्यापकों को कक्षा में बहुभाषीयता को ………… समझना चाहिए।

  • एक समस्या
  • एक व्यवस्थागत मुद्दा
  • एक गुण और साधन
  • एक रुकावट

उत्तर: 3

प्रश्न. विद्यार्थियों के प्रभावशाली अधिगम के निम्नलिखित में से कौन-सा, शिक्षक के प्रारंभि कार्यों में से एक नहीं है?

  • बच्चों को यह सिखाना कि वे अपने अधिगम प्रयो को कैसे देख और सुधार सकते हैं
  • विद्यार्थियों को उपदेशात्मक विधि से सूचना प्रदान करना
  • विद्यार्थियों की उन धारणाओं को जानना जिन्हें लेकर वे कक्षा में आते हैं
  • विद्यार्थियों से उच्चतर स्तर के प्रश्नों के उत्तर की अपेक्षा करना

उत्तर: 4

प्रश्न. एक प्रगतिशील कक्षा में

  • ज्ञान की संरचना के लिए प्रचुर मौके प्रदान करने चाहिए।
  • विद्यार्थियों को उनके अकादमिक अंकों के आधार पर नामांकित करना चाहिए।
  • अध्यापक को अटल पाठ्यक्रम का पालन करना चाहिए।
  • विद्यार्थियों में प्रतिस्पर्धा पर बल देना चाहिए।

उत्तर : ?

इस प्रश्न का सही उत्तर क्या होगा? हमें अपना जवाब कमेंट सेक्शन में जरूर दें।

  1. First option right

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