CTET बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र प्रैक्टिस सेट 06 : CTET आवेदन की प्रक्रिया हुआ जारी ऐसे में परीक्षा होने से पहले मुख्य सवालों का अध्ययन अवश्य करें

CBSE CTET Child Development And Pedagogy Practice Set 06 : उत्तर प्रदेश में CTET 2022 Exam की परीक्षा को लेकर केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) आधिकारिक वेबसाइट द्वारा आवेदन की प्रक्रिया 31 अक्टूबर को जारी कर दिया गया है। CTET Exam 2022 का आयोजन दिसम्बर 2022 से जनवरी 2023 के बीच में किया जाएगा। ऐसे में योग्य उम्मीदवार इस परीक्षा में अपनी सफलता सुनिश्चित करना चाहते हैं तो उनके लिए CTET Practice Set हल करना एक उचित रणनीति है। इसलिए आज हम आपके लिए CTET Child Development And Pedagogy Practice Set लेकर आ चुके हैं।

ऐसे में इस लेख के जरिए बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के विगत वर्षों में कराए गए बेहद महत्वपूर्ण प्रश्नों का संग्रह लेकर आए हैं ऐसे में सभी परीक्षार्थी इन प्रश्नों का अध्ययन जरूर करें ताकि परीक्षा में बेहतर अंको से सफलता हासिल कर सकें।

CBSE CTET Child Development And Pedagogy Practice Set 06
CBSE CTET Child Development And Pedagogy Practice Set 06

CBSE CTET Child Development And Pedagogy Practice Set 06

प्रश्न. विद्यार्थियों के प्रभावशाली अधिगम के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा, शिक्षक के प्रारम्भिक कार्यों में से एक नहीं है?

  • विद्यार्थियों की उन धारणाओं को जानना जिन्हें लेकर वे कक्षा में आते हैं।
  • विद्यार्थियों को उपदेशात्मक विधि से सूचना प्रदान करना
  • विद्यार्थियों से उच्चतर स्तर के प्रश्नों के उत्तर की अपेक्षा करना
  • बच्चों को यह सिखाना कि वे अपने अधिगम प्रयासों को कैसे देख और सुधार सकते हैं?

उत्तर: 2

प्रश्न. विकास के सिद्धान्तों के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन गलत है?

  • विकास वंशानुगतता और वातावरण के बीच सतत् अन्योन्यक्रिया
  • विकास परिपक्वन और अधिगम पर आधारित होता है।
  • से होता है।
  • प्रत्येक बच्चा विकास के चरणों से गुजरता है फिर भी बच्चों में वैयक्तिक भिन्नताएँ बहुत होती हैं
  • विकास एक परिमाणात्मक प्रक्रिया है जिसका ठीक-ठीक मापन हो सकता हैं

उत्तर: 4

प्रश्न. ………तथा………. की विशिष्ट अन्योन्यक्रिया का परिणाम विकास के विविध माग और निष्कर्षो के रूप में हो सकता है।

  • वंशानुक्रम पर्यावरण
  • स्थिरता; परिवर्तन
  • चुनौतियाँ: सीमाएँ
  • खोज; पोषण

उत्तर: 1

प्रश्न. पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धान्त के बारे में निम्नलिखित कथनों में से सही कथन कौन-सा है?

  • पियाजे ने संज्ञानात्मक विकास के पाँच स्पष्ट चरण प्रस्तावित किए हैं
  • पियाजे का तर्क है कि संज्ञानात्मक विकास, चरणों में आगे बढ़ने की अपेक्षा निरन्तर होता है।
  • किसी चरण को छोड़ा नहीं जा सकता, क्योंकि ये चरण स्थिर है
  • बच्चों के सांस्कृतिक आधार के अनुसार इन चरणों का क्रम बदला जा सकता है

उत्तर: 2

प्रश्न. जीन पियाजे के द्वारा प्रस्तुत ‘संरक्षण’ के प्रत्यय से तात्पर्य है कि

  • कुछ भौतिक गुणधर्म वही रहते हैं चाहे बाहरी आकृतियाँ बदल जाएँ
  • वन्यजीवन और वनों का संरक्षण बहुत महत्त्वपूर्ण है
  • परिकल्पना पर विधिवत् परीक्षण से सही निष्कर्ष पर पहुंचा जा सकता है।
  • दूसरों के परिदृश्य को ध्यान में रखना एक महत्त्वपूर्ण संज्ञानात्मक क्षमता है.

उत्तर: 1

प्रश्न. संज्ञान और संवेग के बारे में निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा कथन सही है?

  • संज्ञान और संवेग एक-दूसरे से स्वतन्त्र प्रक्रियाएँ हैं
  • संज्ञान और संवेग परस्पर जुड़े हैं और एक-दूसरे को प्रभावित करते हैं
  • संज्ञान, संवेगों को प्रभावित करता है, किन्तु संवेग, संज्ञान को प्रभावित नहीं करता
  • संवेग, संज्ञान को प्रभावित करते हैं किन्तु संज्ञान, संवेगों को प्रभावित नहीं करता

उत्तर: 2

प्रश्न. विविध शिक्षार्थियों वाली एक समावेशी कक्षा में सहयोगी अधिगम और समवयस्कों से सीखना

  • सक्रिय रूप से निरुत्साहित किया जाना चाहिए और प्रतियोगिता को बढ़ावा
  • केवल कभी-कभी ही प्रयोग किया जाना चाहिए, क्योंकि यह सहपाठियों से देना चाहिए तुलना को बढ़ावा देता है
  • सक्रिय रूप से प्रोत्साहित किया जाना चाहिए, जिससे समवयस्कों की स्वीकार्यता बढ़े
  • कार्यान्वित नहीं किया जाना चाहिए और विद्यार्थियों को क्षमताओं के अनुसार अलग-अलग किया जाना चाहिए

उत्तर: 3

प्रश्न. कोई शिक्षिका अपनी कक्षा में फर्नीचर की तीखी धार वाले किनारों को रूई से ढका रखने को कहती है और ‘छुओ तथा अनुभव करो’ वाले सूचना-पट्टों का उपयोग करने को कहती है। वह किस वर्ग के विशेष शिक्षार्थियों की आवश्यकता पूर्ति करने का प्रयास कर रही है?

  • श्रवण विकलांग शिक्षार्थी
  • सीख न सकने वाले शिक्षार्थी
  • दृष्टि विकलांग शिक्षार्थी
  • सामाजिक रूप से वंचित शिक्षार्थी

उत्तर: 3

प्रश्न. प्रतिभाशाली बच्चों के लिए सबसे अच्छे शैक्षिक कार्यक्रम वे होते हैं जो

  • प्रत्यास्मरण के द्वारा ज्ञान की प्रवीणता पर बल देते हैं।
  • उन्हें अधिगम के न्यूनतम मानकों तक काम करने को प्रेरित करने के लिए उपहारों और पुरस्कारों का उपयोग करते हैं।
  • उनके चिन्तन को प्रेरित कर उन्हें विविध विचारों में व्यस्त रहने के अवसर देते हैं
  • उनके आक्रामक व्यवहार को नियन्त्रित करते हैं

उत्तर: 3

प्रश्न. दो विद्यार्थी एक ही अवतरण को पढ़ते हैं, फिर भी इसके बिल्कुल भिन्न अर्थ लगाते हैं। उनके बारे में निम्नलिखित में से क्या सत्य है ?

  • सम्भव है, क्योंकि शिक्षक ने अवतरण को समझाया नहीं है
  • सम्भव नहीं है और विद्यार्थियों को उसे दोबारा पढ़ना चाहिए
  • सम्भव है, क्योंकि व्यक्ति के अधिगम को विविध कारण विभिन्न विधियों से प्रभावित करते हैं
  • सम्भव नहीं है, क्योंकि अधिगम का आशय अर्थ लगाना नहीं है

उत्तर: 3

प्रश्न. बाल्यावस्था की अवधारणा से क्या अभिप्राय है?

  • यह कि बच्चे शून्य से शुरुआत करते हैं और उनके गुण पूरी तरह से परिवेश के द्वारा निर्धारित किए जाते हैं।
  • यह विभिन्न सांस्कृतिक सन्दर्भों में सार्वभौम रूप से समान है
  • समकालीन सामाजिक संरचनावादी मनोवैज्ञानिकों के अनुसार यह एक सामाजिक संरचना है
  • यह है कि बच्चे दुष्ट रूप में पैदा होते हैं और उन्हें सभ्य बनाना होता है

उत्तर: 2

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प्रश्न. निम्नलिखित में से कौन-सी ‘मध्य बाल्यावस्था’ की विशेषता है?

  • अधिगम मुख्य रूप से संवेदी एवं चालक गतिविधियों द्वारा घटित होता है
  • शारीरिक वृद्धि एवं विकास बहुत तेज गति से होता है
  • अमूर्त रूप से सोचने तथा वैज्ञानिक तर्क का प्रयोग करने की योग्यता विकसित होती है
  • बच्चे तार्किक एवं मूर्त रूप से सोचना प्रारम्भ कर देते हैं

उत्तर: 4

प्रश्न. निम्नलिखित में से कौन-सा अधिगम के आकलन को उजागर करता है?

  • शिक्षक ‘मानक’ उसे धार्थियों के उत्तरी को करके उनका आकलन करता है
  • शिक्षक विद्यार्थियों को पर ध्यान देने के अलावा उनको अवधारणात्मकामी करता है
  • शिक्षक पाठ्य-पुस्तकों में दी गई जानकारी के आधार पर विद्यार्थियों का करता है
  • शिक्षक विद्यार्थी के निष्पादन का आकलन दूसरों के निष्पादन की तुलना में करता है

उत्तर: 2

प्रश्न. ‘बल केन्द्रित’ का अर्थ है

  • बच्चों के अनुभव और उनको कानको प्रमुखदे
  • शिक्षक द्वारा बच्चों को आदेश देना कि क्या चाहिए
  • निर्धारित सूचना का अनुसरण करने में बच्चों को बनाना
  • कक्षा में सारी बातें सीखने के लिए कि -आगे होना

उत्तर: 1

प्रश्न. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन भाषा और विचार के बारे में पियाजे और बाइगीतकी के दृष्टिकोण का सही वर्णन करता है?

  • पियाजे के अनुसार पहले विचार जन्म लेता है और के अनुसारका विचार पर भारी प्रभाव पड़ता है।
  • वाइगोत्सकी के अनुसार पहले विचार जन्म लेता है और पियाजे के अनुसार भाषा का विचार पर मारी प्रभाव पड़ता है
  • दोनों मानते है कि बच्चे की भाषा से विचार
  • दोनों भाषा को बच्चे के विचारों से जन्म लेती हुई मानते हैं

उत्तर: 1

प्रश्न. विद्यालय यात्रा पर जाने के लिए पीती को अपने पिता से बहस करते हुए देखकर दादी कहती है, “तुम अच्छों लड़को को तरह आज्ञाकारी क्यों नहीं हो? तुम सड़को की तरह व्यवहार करोगी, तो तुम से कौन शादी करेगा?” यह कथन निम्नलिखित में से किसको प्रतिनिति करता है?

  • लड़कियों और लड़कों के स्वभाव के बारे में रूबिड धारणा
  • लिंग समरूपता
  • लड़की के लिंग की पहचान
  • के पालन-पोषण में परिवार की कठिनाइ

उत्तर: 1

प्रश्न. शिक्षा के अधिकार अधिनियम, 2009 के अनुसार विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को पढ़ना चाहिए

  • खासतौर पर उन्हीं के लिए बनाए गए विशेष विद्यालयों में
  • घर पर माता-पिता और देखभाल करने वालों के साथ जो उन्हें आवश्यक सहायता उपलब्ध कराएँ
  • समावेशी शिक्षा व्यवस्था में इस प्रावधान के साथ कि उनकी व्यक्तिगत आवश्यकताओं की पूर्ति की जा सके
  • व्यावसायिक प्रशिक्षण केन्द्रों में जो उन्हें जीवन कौशलों के लिए तैयार करेंगे

उत्तर: 3

प्रश्न. जिस कक्षा-कक्ष में विविध पृष्ठभूमि से विद्यार्थी आते हों, वहाँ एक प्रभावी शिक्षक

  • समूह में वैयक्तिक भिन्नता को बताने के लिए उनकी सांस्कृतिक जानकारी पर ध्यान देगा
  • बंचित पृष्ठभूमि के विद्यार्थियों को कठिन परिश्रम करने के लिए कहेगा ताकि वे अपने साथियों के बराबर पहुँच सकें
  • सांस्कृतिक जानकारी की अनदेखी करेगा और एक सर्वमान्य तरीके से अपने सभी विद्यार्थियों के साथ व्यवहार करेगा
  • समान आर्थिक पृष्ठभूमि के विद्यार्थियों का समूह बनाएगा और उन्हें एकसाथ रखेगा

उत्तर: 1

प्रश्न. परिवार एवं पास-पड़ोस, बच्चों के समाजीकरण की

  • द्वितीयक एजेन्सियाँ है
  • प्राथमिक एजेन्सियाँ हैं
  • मनोवैज्ञानिक एजेन्सियाँ हैं
  • मध्य एजेन्सियाँ हैं

उत्तर: 2

प्रश्न. वाइगोत्स्की के अनुसार, जब एक वयस्क बच्चे के निष्पादन के वर्तमान स्तर को सहयोग द्वारा विस्तारित करता है, तो इसे क्या कहते हैं?

  • अन्तः व्यक्तिनिष्ठता
  • खोजपूर्ण अधिगम
  • समीपस्थ विकास का क्षेत्र
  • पाड़ (ढाँचा)

उत्तर: 2

प्रश्न. नूर विद्यालय में अपना लन्च बॉक्स भूल गई तथा यह कहते हुए तान्या से उसका लन्च साझा करने के लिए कहा, “तुम्हे आज अपना लन्च मेरे साथ साझा करना चाहिए, क्योंकि कल मैंने तुम्हारे साथ अपना लन्च साझा किया था।” लॉरेन्स कोहलवर्ग के नैतिक विकास के सिद्धान्त के अनुसार नूर का कथन अभिविन्यास प्रारूप को ………. अवस्था पर दर्शाता है।

  • आदान-प्रदान, परम्परागत
  • कानून एवं व्यवस्था; पश्च-परम्परागत
  • आज्ञापालन; पूर्व-परम्परागत
  • अच्छा होना; परम्परागत

उत्तर: 1

प्रश्न. समाज में विभिन्न लिंगों के लिए उपयुक्त मानी जाने वाली प्रारूपिक विशेषताओं के बारे में जन-सामान्य की अवधारणाओं को क्या कहते हैं?

  • जेण्डर रूढ़िवादिताएँ
  • जेण्डर विभेदीकरण
  • जेण्डर भूमिकाएँ
  • जेण्डर पहचान

उत्तर: 1

प्रश्न. राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा 2005 के अनुसार अधिगम अपने स्वभाव में और है।

  • निष्क्रिय: सरल
  • निष्क्रिय सामाजिक
  • सक्रिय सामाजिक
  • सक्रिय सरल

उत्तर: 3

प्रश्न. विद्यार्थियों को स्वतन्त्र रूप से चिन्तन करने तथा प्रभावी शिक्षार्थी बनने में सक्षम बनाने हेतु शिक्षक के लिए यह महत्त्वपूर्ण है

  • विद्यार्थियों को सिखाना कि किस प्रकार से अपने अधिगम का अनुवीक्षण करें
  • विद्यार्थियों के द्वारा प्राप्त की गई प्रत्येक सफलता के लिए उन्हें पुरस्कार देना
  • छोटी-छोटी इकाइयों या खण्डों में जानकारी प्रदान करना
  • एक संघटित तरीके से जानकारी को प्रस्तुत करना ताकि पुनःस्मरण करने में आसानी हो

उत्तर: 1

प्रश्न. यदि कोई शिक्षिका चाहे कि उसके विद्यार्थी समस्या समाधान कौशल प्राप्त कर लें, तो विद्यार्थियों को ऐसे क्रिया-कलापों में लगाना चाहिए जिनमें हो

  • प्रत्यास्मरण, रटना और समझना
  • बहुविकल्पीय प्रश्नों वाले स्तरीकृत कार्यपत्रक
  • ड्रिल और अभ्यास
  • पूछना, तर्क करना और निर्णय लेना

उत्तर: 4

प्रश्न. कक्षा तक पहुँचने वाली बच्चों की भोली अवधारणाओं को जानना

  • शिक्षक के किसी उद्देश्य की पूर्ति नहीं करता
  • शिक्षक के हौसले को पस्त कर देता है, क्योंकि इससे उसका कार्यभार बढ़ता है
  • शिक्षक के लिए अपने शिक्षण को अधिक सार्थक बनाने की योजना बनाने में सहायक होता है
  • शिक्षक की योजना और शिक्षण में रुकावट बनता है

उत्तर: 3

प्रश्न. सार्थक अधिगम है

  • वयस्कों और अधिक सक्षम साथियों का अनुकरण
  • उद्दीपक तथा उत्तर के बीच युग्मन तथा साहचर्य
  • दी गई सूचना का निष्क्रिय ग्रहण
  • निजी अनुभवों से ज्ञान की संरचनाओं का सक्रिय निर्माण

उत्तर: 4

प्रश्न. लॉरेन्स कोह्लबर्ग के नैतिक तर्क के सिद्धान्त की अनेक बातों के लिए आलोचना की जाती है। इस आलोचना के सन्दर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

  • अपनी सैद्धान्तिक रूपरेखा पर पहुँचने के लिए कोहबर्ग ने पियाजे के सिद्धान्तों को दोहराया है
  • कोह्लबर्ग ने नैतिक तर्क के प्रत्येक सोपान के लिए विशेष उत्तर नहीं दिया है
  • कोहबर्ग का सिद्धान्त बच्चों के प्रत्युत्तरों पर ध्यान केन्द्रित नहीं करता
  • कोहवर्ग ने अपने अध्ययन को मूलतः पुरुषों के नमूनों पर आधृत रखा है

उत्तर: 4

प्रश्न. लेव वाइगोत्स्की के अनुसार

  • भाषिक विकास मानव चिन्तन के स्वभाव को बदल देता है
  • वयस्कों और साथियों से अन्योन्यक्रिया करने का भाषा के विकास में कोई प्रभाव नहीं पड़ता
  • भाषिक विकास में संस्कृति की भूमिका बहुत कम होती है
  • बच्चे भाषा अर्जन की एक युक्ति से कोई भाषा सीखते हैं

उत्तर : ?

इस प्रश्न का सही उत्तर क्या होगा? हमें अपना जवाब कमेंट सेक्शन में जरूर दें।

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